भारतीय गर्भवती महिलाएं रहें सेक्स, मीट और बुरे विचारों से दूर: आयुष मंत्रालय

भारतीय गर्भवती महिलाएं रहें सेक्स, मीट और बुरे विचारों से दूर: आयुष मंत्रालय

अगर आप गर्भवती हैं तो आयुष मंत्रालय आपके लिए कुछ सुझाव लेकर आया है जिसे पढ़कर आप भी शॉक्ड रह जाएंगे।

अगर आप गर्भवती हैं तो आयुष मंत्रालय आपके लिए कुछ सुझाव लेकर आया है जिसे पढ़कर आप भी शॉक्ड रह जाएंगे। ये मुख्य रूप से हैं सेक्स ना करेंमांस से और बुरी कंपनी से दूर रहें। जी हां आपने बिल्कुल सच पढ़ा।

आयुष मंत्रालय ने एक दिशा निर्देश जारी किया है और इस बुकलेट का नाम है मदर एंड चाइल्ड केयर । यह किताब सरकार की ओर से फंड पाने वाली सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन योगा एंड नेचुरोपैथी ने जारी की है ताकि प्रेग्नेंसी की पुरानी पद्धितियों को अपनाया जा सके। 

 
भारतीय गर्भवती महिलाएं रहें सेक्स, मीट और बुरे विचारों से दूर: आयुष मंत्रालय

लेकिन मीडिया में जिस बात की चर्चा हो रही है वो बुकलेट की 14 नंबर की पेज पर लिखे गए सुझाव की है। दरअसल इसमें लिखा गया है कि हेल्दी बेबी और सफल प्रेग्नेंसी के लिए गर्भवती महिलाओं को खुद को लालसा, गुस्सा, लगाव, नफरत और कामुकता से दूर करना चाहिए।

इसमें ये भी सलाह दी गई है कि जितना हो सके आध्यात्मिक बातों पर ध्यान दें जैसे स्वस्थ्य और क्यूट बच्चों की तस्वीरें लगाएं । बुकलेट को आयुष मंत्रालय के राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने रिलीज किया।

इसके बाद जैसी उम्मीद थी बिल्कुल वैसी ही नाकारत्मक प्रतिक्रिया विशेषज्ञों और बुद्धिवादी लोगों से आई है।

अपोलो हेल्थकेयर ग्रुप की डॉ. मालविका सबरवाल का कहना है कि "ये सलाह अवैज्ञानिक है। इससे प्रोटीन की कमी और कुपोषण का शिकार भी हो सकता है। अनीमिया भी गर्भवती महिलाओं में काफी चिंता का कारण होता है क्योंकि इसकी संभावना होती है। प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए मीट प्रोटीन और आयरन का बड़ा साधन होता है। "

बाद में आयुष मंत्रालय ने एक बयान जारी किया कि ये सिर्फ सलाह थी किसी प्रकार की गाइडलाइन नहीं दी गई थी।

सेंट्रल काउंसिल फोर रिर्सच इन योगा एंज नैचुरोपैथी की डॉ ईश्वरा आचार्य ने कहा कि "ये सिर्फ सलाह दी गई थी। ये किसी प्रकार का दिशा नर्देश या नुस्खा नहीं था कि अगर आप हेल्दी बेबी चाहते हैं तो सेक्स , मीट और बुरी संगत से दूर रहें।"

भारत में प्रेग्नेंसी से जुड़े मिथक

ये गाइडलाइन वाकई समझ से परे है। एक 6 साल की बच्चे की मां होने के नाते मैं कह सकती हूं कि मैंने प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स किया था (कई बार)। मैं मीट भी खाई और अक्सर मेरी पति से किसी ना किसी बात पर लड़ाई होती रहती थी (मेरे पति इसके लिए हार्मोन को जिम्मेदार मानते हैं) लेकिन मेरी प्रेग्नेंसी काफी नॉर्मल और आरामदायक थी।जन्म के बाद बेबी भी काफी हेल्दी था।

सच्चाई तो यही है कि प्रेग्नेंसी से जुड़े कई मिथक भी हैं जो अभी तक भारत में लोग मानते हैं और उसे फॉलो भी करते हैं। इन मिथक का कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है कि जो इसे सही ठहराते हैं।

  1. तीसरी तीमाही में अधिक घी खाने से प्रसव के दौरान बेबी जल्दी बाहर आएगा।
  2. अगर आप सफेद भोजन (दही और पनीर) खाएंगे तो बेबी गोरा होगा।
  3. अगर बेबी का हृद्य गति कम है तो इसका मतलब है कि बेटा होगा और अधिक है तो बेटी।
  4. प्रेग्नेंसी के दौरान अनानास खाने से प्रसव जल्दी होगा।
  5. अगर आप किसी क्यूट और हेल्दी बेबी की तस्वीर देखती हैं तो बेबी भी क्यूट होगा।
  6. आप प्रेग्नेंट है तो दो लोगों के लिए खाना जरूरी है इसलिए दो लोगों के बराबर का खाना खाएं।
  7. सेक्स करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे बेबी को नुकसान पहुंचेगा।

ये कहने की जरूरत नहीं है कि आपको इन बातों को फॉलो करने से पहले खुद सोचना चाहिए कि क्या सही है और क्या गलत।

Source: theindusparent

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