भाई बहन के झगड़ों को कैसे करें हैंडल

ये परवरिश के कुछ टिप्स हैं जो ना सिर्फ आपको बच्चों को सामाजिकता सिखाने में मदद करेंगे बल्कि उन्हें झगड़ों से निपटने में भी प्रशिक्षित कर पाएंगे।

सभी बच्चे झगड़ा करते हैं। झगड़ा एक तरीका होता है जिससे बच्चे चीजों को सुलझाना सीखते हैं लेकिन हम उन्हें कैसे इसे हैंडल करना सिखाते हैं या उनके झगड़ों पर कैसे रिएक्ट करते हैं ये भी परवरिश जितना मायने रखता है।

यहां नीचे हम 10 तरीके बता रहे हैं कि कैसे बच्चो को झगड़ों से दूर रखा जाए। ये टिप्स सक्रिय पैरेंट्स के लिए है और इसकी मदद से आप बच्चों को मिलनसार बना सकते हैं और रोज रोज के भाई बहनों झगड़ों से बच जाएंगे।

1. झगड़ा नहीं करने का नियम

बच्चों को झगड़ों से दूर रखने का सबसे बेस्ट तरीका तो नहीं लेकिन बेहतरीन तरीका है कि घर में आप कुछ नियम बना लें कि हर हाल में इन नियमों को फॉलो करना है।

  1. हमेशा एक दूसरे से प्यार करें
  2. अपने कमरे को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें।
  3. इस्तेमाल करने के बाद चीजों को उसी जगह पर रखें
  4. झगड़ा नहीं करना, पिटाई नहीं करना और एक दूसरे पर दोषारोपण नहीं करना
  5. दूसरे की सामान की इज्जत करें

इन नियमों को अपने बच्चों पर लागू कर सकते हैं। उन्हें इन नियमों को मानने दें। उन्हें इनके बारे में समझाए और हर जगह प्रिंट करके इन्हें चिपकाएं ताकि उन्हें याद रखें। वो खुद भी जब देखेंगे तो उसे फॉलो करेंगे ।

2. ढृढ रहें

आप अपने मूड के अनुसार उन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं इस बात का ख्याल ना रखें। आप कितने भी व्यस्त हों लेकिन अगर ये नियम ना फॉलो हों तो बच्चों से इस विषय पर जरूर बात करें। आप नियमों को लेकर ढृढ रहें वरना बच्चों को लगेगा कि वो कभी कभी नियम तोड़ भी सकते हैं।

3. झगड़े के दौरान उन पर ध्यान दें

उनके ऊपर ध्यान देने दें और खासकर अगर परिवार लंबी दूरी का सफर तय कर रहा हो तो बच्चे कई तरह के सवाल पूछने लगते हैं। खुद ही बातें करते करते कब झगड़ा शुरू हो जाता है पता भी नहीं चलता। अगर आप उन्हें बातों में या किसी गेम में उलझाए रखेंगे तो  वो झगडा नहीं करेंगे।

जिन बच्चों को महसूस होता है कि उन्हें भरपूर प्यार और अटेंशन मिल रहा है वो कम झगड़ा करते हैं। चाहे घर हो या कार हमेशा उन्हें व्यस्त रखें। उन्हें बताएं कि आप जानते हैं कि वो झगड़ा कर रहे हैं ताकि उन्हें पता हो कि आपका अटेंशन उन्हें मिल रहा है। अगर आपके एक से ज्यादा बच्चे हैं तो उनके गैंग का हिस्सा बनें लेकिन दोस्त की तरह बड़ों की तरह नहीं। अपने समय की मजेदार बातें उन्हें बताएं। हमेशा उन्हें बताएं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं। जब भी मौका मिले उन्हें गले लगाएं।

4. उन्हें अच्छे से चीजों को बताना सिखाएं

हमेशा याद रखें कि ज्यादातर विवाद की जड़ खराब कम्यूनिकेशन की वजह से होते हैं। अच्छे से अपनी बातों को रख पाना एक अच्छे लीडर की निशानी होती है और ये बात बच्चों पर भी लागू होती है। अगर कोई खुद को अच्छे व्यक्त कर पा रहा है तो वो जल्दी किसी को भी राजी कर सकता है। अगर कोई खुद को व्यक्त नहीं कर पाता है तो कुंठित महसूस करता है और झगड़ा शुरू हो जाता है।

5. समानुभूति सिखाएं

बच्चों को भावनाऔर एहसास के बारे में सिखाएं। जब आपका बच्चा बोलता है कि मैं सोनिया से नफरत करता हूं तो उन्हें समझाएं कि नफरत और और गुस्से में अंतर होता है। आप बोलें कि तुम सोनिया से प्यार करते हो लेकिन गुस्सा हो क्योंकि उसने तुम्हारा खिलौना ले लिया।उन्हें समझाएं कि आप बच्चों की भावनाओं को समझते हैं और इस तरह से वो दूसरों से साथ भी हमदर्दी दिखाएंगे।

आप उन्हें समझा सकती हैं कि दूसरे बच्चे कैसा महसूस करते हैं। उसे कितना बुरा लग रहा होगा, वो रो रहा/रही है। अच्छा होता अगर कोई उसे खुश कर पाता तो। अगर आपके बच्चे ये समझने लगेंगे तो वो किसी को दुखी करने से पहले दो बार सोचेंगे।

6. जीत की अवधारणा बताएं

हालांकि बच्चों को ये समझाना मुश्किल होता है कि पूरी दुनिया उनके ही आसपास नहीं घूमती है। उन्हें समझौता करना सिखाएं। एक साधारण सी बात उन्हें बताएं कि जरूरी नहीं कि हर चीज मिल जाए। कुछ पाने के लिए मेहनत करना पड़ता है। कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है।

अगर बच्चे कार की अगली सीट के लिए झगड़ा कर रहे हों तो उन्हें बारी बारी से बैठने के लिए बोलें या उस जगह पाने के लिए कुछ ऑफर रखें।

7. धैर्य और सहनशीलता सिखाएं

कुछ भी गलत या इच्छा के अनुरूप ना हो तो वो धैर्य और सहनशील होना भी एक कला है। अगर आपने जरूरी निययों में हमेशा प्यार से रहें का नियम बनाया है तो धैर्य और सहनशीलता बच्चों में खुद ब खुद आ जाएगी। आप उन्हें शेयर करना और समझौता करना सिखाएं। ये अच्छी आदतें उन्हें काफी दूर तक ले जाएंगी।

8. ज्यादा ना उलझें

जितना हो सके भाई बहनों के झगड़ों में ना पड़ें और उन्हें अपने झगड़ें खुद ही सुलझाने दें। अगर आप हमेशा दखल देंगे तो वो झगड़ा करते रहेंगे क्योंकि उन्हें लगेगा कि आप सबकुछ ठीक करने के लिए हैं। इससे वो अपनी समस्याओं से निपटना कैसे सिखेंगे? ये थोड़ा मुश्किल लग सकता है लेकिन जब तक वो किसी खतरे में या शारीरिक रूप से चोटिल ना हों उन्हें छोड़ दें। उन्हें सीखने दें कि अगर वो किसी समस्या में होंगे तो उससे भी खुद ही बाहर निकलना होगा। आप उन्हें घर के सबसे जरूरी नियमों की याद दिलाएं और आपस की दूरियां खुद ही सुलझाने दें । बाद में आप दंड के रूप में कुछ सजा दे सकते हैं लेकिन सोच समझकर।

हमेशा होने वाले झगडों में भी अक्सर पैरेंट्स पूछते हैं कि किसने ये शुरू किया लेकिन ये मायने नहीं रखता है। सबने झगड़ें में हिस्सेदारी ली इसलिए हर कोई इसके जिम्मेदार हैं। अगर को बड़ा बच्चा छोटे बच्चे को तंग कर रहा है या चिढ़ा रहा है तो दूसरी बात है।

9. उदाहरण बनें

आपने झगड़ा ना करने का नियम बना दिया लेकिन खुद अपने पार्टनर से झगड़ा करते हैं? जाहिर है आप खुद भी घर के लिए बनाए गए नियमों को तोड़ रहे हैं।

10 . बतौर परिवार खूब मस्ती करें और अच्छे पल बिताएं

अगर ये किसी भी परिवार में होगा तो बाकी चीजें खुद ब खुद हो जाएंगी।

अगर आपके पास कोई सवाल या रेसिपी है तो कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर करें।

Source: theindusparent