pregnancy में दांतों का ढंग से खयाल नहीं रखा तो समय से पहले हो सकती है delivery

प्रेगनेंसी के दौरान दांतों का अच्‍छी तरह खयाल रखना माता के लिए जितना ज़रूरी है उतना ही गर्भ में पल रहे बच्‍चे के लिए। अधिक जानने के लिए पढ़ें

क्‍या आप जानती हैं कि अगर आपने गर्भावस्‍था के दौरान दांतों की देखभाल को नज़रअंदाज किया तो आपके शिशु का वज़न सामान्‍य से कम रहने का जोखिम हो सकता है? जी हां, आपने बिल्‍कुल सही सुना। गर्भधारण करने के बाद आपके दांतों की देखभाल सिर्फ आप तक सीमित नहीं रहती है। आपके दांतों की देखभाल आपके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी उतनी ही महत्‍वपूर्ण है।

दिल्‍ली स्थित डेंटेंम, द डेंटल एंड ऑर्थोडोन्टिक क्‍लीनिक के कॉस्‍मेटिक व लेज़र डेंटल सर्जन डॉ. गुनीता सिंह बताती हैं,‘किसी भी महिला के जीवन में गर्भावस्‍था बहुत खास समय होता है और इस दौरान महिला कई जटिल व शारीरिक बदलावों से गुजरती है, जिसका उनके ओरल स्‍वास्‍थ्‍य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।’ डॉ. गुनीता के अनुसार कुल गर्भवती महिलाओं में से करीब 50 फीसदी मसूड़े की समस्‍याओं से पीडि़त होती हैं।

गर्भावस्‍था के दौरान दांतों से जुड़ी समस्‍याएं

डॉ. गुनीता बताती हैं,‘हॉर्मोन स्‍तर में बदलाव और दांतों की देखभाल ढंग से नहीं करने के कारण मसूड़े अत्‍यधिक संवेदनशील हो जाते हैं।’दांतों की ढंग से देखभाल नहीं करने के कारण गर्भवती महिला को निम्‍नलिखित 7 समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है:

  • जिजिवाइटिस : यह मसूड़ों की मामूली सी बीमारी है, जिसमें मसूड़ों में जलन होने लगती है। मूल रूप से जिंजिवाइटिस बैक्‍टीरिया के संक्रमण से होती है।
  • पेरियोडोनटाइटिस : यह मसूड़ों का बहुत गंभीर संक्रमण होता है, जिससे उनमें जलन होने लगती है। यह समस्‍या मूल रूप से इस मुंह में बैक्‍टीरिया पनपने की वजह से होती है और इससे मसूड़े सिकुड़ने जाते हैं। इस वजह से दांत गिरने लगते हैं।
  • मसूड़ों से खून निकलना : यह आपके मसूड़ों में समस्‍या की चेतावनी होती है। अगर आपके मसूड़ों से खून निकल रहा हो तो तुरंत ही डॉक्‍टर से संपर्क करें। दांतों से खून निकलने की वजह या तो सख्‍ती से ब्रश करना हो सकता है या फिर विटामिन के की कमी, सही ढंग से नहीं बैठने वाले डेंचर, गलत ढंग से फ्लासिंग या फिर स्‍कर्वी और ल्‍यूकेमिया जैसी गंभीर समस्‍या हो सकती है।
  • मसूड़ों में सूजन: यह ऐसी समस्‍या है, जो गर्भवती महिला के लिए बड़ी असहज़ स्थिति उत्‍पन्‍न कर सकती है। मसूड़ों में सूजन की समस्‍या मुख्‍य तौर पर प्‍लाक या टार्टर, दांतों में फंसे हुए भोजन, पुराने का सही ढंग से नहीं किए गए रिस्‍टोरेशन, हॉर्मोन में बदलाव और दवाएं हो सकती हैं।
  • मुंह में दुर्गंध : यह भी आपके मुंह में मसूड़ों की समस्‍या होने की चेतावनी है। इसकी कई वजह हो सकती हैं जैसे दांतों के बीच बैक्‍टीरिया का पनपना, लार ग्रंथि में समस्‍या या फिर मुंह सूखना ( ज़ेरोस्‍टोमिया)।
  • दांत में दर्द : यह दांत की जड़ में दर्द होता है। यह उपर्युक्‍त बताई गई वजहों से हो सकता है या फिर टूटे दांत, दांतों में सड़न, फिलिंग लीक होना या दांतों का टूटना।
  • विकास एवं ट्यूमर : यह दांत में किसी बाहरी वस्‍तु के आने की वजह से होता है। यह दांतों में फंसे भोजन, दवाएं, मसूड़ों में कैंसर या मसूड़ों में अल्‍सर होने की वजह से होती है।

गर्भावस्‍था के दौरान दांतों की देखभाल के लिए क्‍या करें और क्‍या नहीं करें, जानने के लिए आगे पढ़ना जारी रखें
दांतों की खराब देखभाल से आपकी गर्भावस्‍था को नुकसान हो सकता है

अगर आप उपर्युक्‍त में किसी भी डेंटल समस्‍या से पीडि़त हैं तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें। अगर आप अपने दांतों की देखभाल को लेकर लापरवाही भरा रवैया अपनाती हैं तो गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर उसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।डॉ. सिंह बताती हैं,‘ अध्‍ययनों में सामने आया है कि प्‍लाक बैक्‍टीरिया और जलन वाले प्रोटीन से पीडि़त महिलाओं की डिलीवरी समयपूर्व हो सकती है या फिर शिशु का वज़न सामान्‍य से कम रह सकता है।

इन दो मेडिकल समस्‍याओं के अतिरिक्‍त दांतों की खराब देखभाल से आपकी उर्वरता में भी कमी आ सकती है। दिल्‍ली में रहने वाले ऑर्थोडोंटिस्‍ट डॉ. तनवीर सिंह बताते हैं,‘दांतों की देखभाल और महिला व पुरुषों की उर्वरता के बीच सीधा संबंध है। जिंजिवाइटिस, पेरियोडोंटाइटिस और कैरीज़ में बैक्‍टीरिया मुंह से निकलकर रक्‍त में प्रवाहित होकर महिला व पुरुष के प्रजनन अंगों तक पहुंच जाते हैं।इससे बैक्‍टीरियल संक्रमण होता है, जिससे उर्वरता में कमी आती है। यह भी देखा गया है कि दांतों के संक्रमण से बड़ी मात्रा में प्रोस्‍टोग्‍लैंडिंस निकलते हैं, जिससे आपका प्रसव समयपूर्व शुरू हो सकता है या फिर जन्‍म के समय शिशु का वज़न सामान्‍य से कम रह सकता है।

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वह बताते हैं कि हाल के अध्‍ययन में स्‍वीडन के विशेषज्ञों ने पश्चिम ऑस्‍ट्रेलिया में 3400 गर्भवती महिलाओं से जुड़े डेटा का विश्‍लेषण किया। ये महिलाएं स्‍माईल नाम से एक अध्‍ययन में हिस्‍सा ले रही थीं। विशेषज्ञों ने जांच की कि मसूड़ों से जुड़ी समस्‍याओं का गर्भावस्‍था के नतीजों पर क्‍या असर पड़ता है। डॉ. तनवीर बताते हैं,‘उन्‍होंने अध्‍ययन में पाया कि जिन महिलाओं को मसूड़ों की समस्‍या हैं उन्‍हें गर्भधारण करने में उन महिलाओं के मुकाबले 6 महीने का अधिक समय लगा, जिन्‍हें मसूड़ों की समस्‍या नहीं थी।

गर्भवती और जच्‍चाओं में ओरल हेल्‍थ को सुधारने और मुंह की साफ-सफाई पर ध्‍यान देने की सलाह देने से माता से शिशु तक ऐसे बैक्‍टीरिया पहुंचने की संभावना कम हो जाती है। इस तरह बैक्‍टीरिया के ऐसे संक्रमण को टाला जा सकता है।

गर्भावस्‍था के दौरान दांतों की देखभाल के लिए क्‍या करें और क्‍या नहीं जानने के लिए विशेषज्ञों की सलाह पढ़ें –

क्‍या करें :

  • अपने दांतों को दिन में दो बार फ्लोराइड युक्‍त टूथपेस्‍ट से ब्रश करें और फ्लॉस भी करें
  • चीनी का सेवन सिर्फ भोजन तक ही सीमित रखें
  • बेवरेज के तौर पर पानी या कम वसा वाले दूध का इस्‍तेमाल करें और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से परहेज़ करें
  • रोज़ाना फलों की ज़रूरत पूरी करने के लिए फलों के जूस के बजाय फल खाने को तरज़ीह दें
  • डिलीवरी से पहले दांतों का ज़रूरी इलाज करा लें

क्‍या नहीं करें :

  • डॉक्‍टर की सलाह के बिना किसी भी दवा का सेवन नहीं करें क्‍योंकि कुछ दवाएं आपके शरीर के अन्‍य हिस्‍सों को प्रभावित करने के बजाय आपके दांतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है
  • मीठे का सेवन कम करें। इससे दांतों पर प्‍लाक जमने लगता है और इससे बैक्‍टीरिया संक्रमण हो सकता है।
  • गर्भधारण के बाद दांतों का किसी भी तरह का इलाज नहीं कराएं। आपको नहीं पता होता है कि उस स्थिति में आपके शरीर के लिए क्‍या सही नहीं है। इस अवस्‍था में ब्रेसेज़ लगवाने या फिलिंग कराने से परहेज़ करें।
  • पेय पदार्थों का सेवन कम नहीं करें। जितना मुमकिन हो उतनी मात्रा में पेय पदार्थों का सेवन करें। दांतों को साफ और मसूड़ों को स्‍वस्‍थ रखने का यह बेहतरीन तरीका होता है।

अपने डॉक्‍टर से संपर्क करें और सुनिश्चित करें कि गर्भावस्‍था के दौरान आप दांतों का उचित ढंग से खयाल रखें।डॉ. गुनीता बताती हैं,‘डेंटिस्‍ट के पास नियमित तौर पर जाने से गर्भावस्‍था के दौरान किसी भी प्रकारकी पेरियोडोंटल बीमारी, दांतों का टूटना, मुहं, सिर और गर्दन के कैंसरसे बचा जा सकता है।

अगर आपके पास गर्भावस्‍था के दौरान दांतों की देखभाल से जुड़ा कोई सवाल है तो कृपया नीचे दिए गए टिप्‍पणी बॉक्‍स में पूछें।