ब्रेस्ट फीडिंग से हो चुकी हैं बोर...जानिए कैसे पाएं इससे छुटकारा

मां का दूध पीते हुए सोना तो अधिकांश बच्चे की आदत बन जाती है और ऐसे में अचानक से फीड बंद करना उसकी सेहत और शेड्युल दोंनो को ही प्रभावित कर सकती है

स्तनपान कराना मां बनने के ऐहसास को और भी भावनात्मक और सुखद बनाता है । यूं तो एक मां जब तक चाहे अपने बच्चे को दूध पिला सकती है लेकिन ज्यादातर मॉम्स बच्चों की इस लत को जल्दी ही छुड़वाने के तरीके ढूंढने लगती हैं फिर भी बच्चे की ज़िद और रोनी सूरत के आगे मांओ की सख़्ती घुटने टेक ही देती है । 

आपको मानना पड़ेगा कि फीडिंग बंद कराना आपके साथ-साथ बच्चे के लिए भी एक बड़ा बदलाव होगा । मां का दूध पीते हुए सोना तो अधिकांश बच्चे की आदत बन जाती है और ऐसे में अचानक से फीड बंद करना उसकी सेहत और शेड्युल दोंनो को ही प्रभावित कर सकती है ।

डियर मॉम्स आपको सुडौल फिगर पाने की चिंता भले ही सता रही हो लेकिन बच्चे से उसका ये अधिकार छीनना मुश्किलों भरा अनुभव हो सकता है पर नामुमकिन कतई नहीं । 6 माह से 1 साल तक स्तनपान ज़ारी रखने के बाद आप धीरे-धीरे इसकी आदत छुड़ा सकती हैं ।

स्तनपान से निज़ात पाने के लिए गौर करें...

 

  • पूरी प्लानिंग के साथ यह निर्णय लें- फीडिंग पूरी तरह बंद करने के पहले आप उसके खान-पान की रुटीन बनाएं । एक दिन में अगर आप 4 बार तक स्तनपान करा रही हैं तो अब 2 बार ही फीड दें और फिर 1 बार तक सीमित कर लें ।
  • बच्चे को हर 2 घंटे के अंतराल पर कुछ खिलाएं-इससे उसका ध्यान मां के दूध की ओर कम जाएगा ।
  • सॉलिड फूड दें जिससे बच्चे का पेट भरा रहेगा और वो फीड के लिए ज़िद नहीं करेगा ।
  • किसी कारण से बच्चा रो रहा हो तो दूध पिलाकर चुप कराने की बजाय उसे बहलाएं
  • सोने के ठीक पहले उसका पेट भरा होना चाहिए ताकि नींद जल्दी आ सके
  • वो जगह जहां लेटकर या बैठकर आप फीड कराती थी वहां बच्चे को ले जाने से बचें वरना उसमें स्तनपान की इच्छा जागृत होने लगेगी ।
  • ध्यान रहे कि बच्चा आपके स्तन को ना देखे जिससे उसे मां का दूध पीने का मन होने लगे ।
  • ‘निप्पल स्टीम्युलेशन’ जैसी ऐक्टिविटी से बचें वरना दूध बनने की प्रक्रिया बढेगी ।
  • कुछ दिनों तक बच्चे से अलग सोने की कोशिश करें ताकि रात में आपके परमिशन के बिना ही वो स्तनपान ना करने लगे

 

आपके लिए ये जानना आवश्यक है कि दूध सूखने की प्रक्रिया में समय लग सकता है इसलिए फीडिंग बंद करने से ब्रेस्ट में कड़ापन का अनुभव सामान्य है । आप चाहें तो दर्द कम करने के लिए ब्रेस्ट पंपिंग के माध्यम से दूध निकाल सकती हैं ।

आपको थोड़ा अजीब लगेगा पर पत्तागोभी/कैबेज की पत्ती इसमें मददगार साबित होती है । आप चाहें तो इसे आज़मा सकती हैं । दो नर्म पत्तियों को ब्रा के अंदर सेट कर लें फिर दूसरे दिन लीफ बदल दें कहा जाता है कि सप्ताह भर ऐसा करने से दूध सूख जाता है और ब्रेस्ट अपना सही आकार लेने लगती है ।अधिक परेशानी होने पर आप डॉक्टर की सलाह जरुर लें ।

जैसा कि मैंने पहले भी कहा है स्तनपान से जल्दबाज़ी में पूरी तरह छुटकारा पाना संभव नहीं होगा लेकिन धैर्यपूर्वक, प्यार , साथी के सहयोग और हौसले से आप अपने प्रयास में निश्चित रुप से सफल हो सकती हैं ।