ब्रेस्ट के नीचे पड़े छाले (rashes) का घरेलू उपचार जानने के लिए ज़रा गौर करें...

सामान्यतया हमारी त्वचा में पसीने या गंदगी के कारण पनपे बैक्टीरीया द्वारा संक्रमण हो जाता है  । इसके अलावा आरामदायक ब्रा ना पहनने के कारण या मोटापे की वजह से भी स्तन के नीचले हिस्से में रैशेज़ पड़ जाते हैं जिसमें खुजली या जलन जैसा अनुभव होता है ।

महिलाओं के साथ ये रैशेज़ वाली समस्या बड़ी कॉमन है । सामान्यतया हमारी त्वचा में पसीने या गंदगी के कारण पनपे बैक्टीरीया द्वारा संक्रमण हो जाता है  । इसके अलावा आरामदायक ब्रा ना पहनने के कारण या मोटापे की वजह से भी स्तन के नीचले हिस्से में रैशेज़ पड़ जाते हैं जिसमें खुजली या जलन जैसा अनुभव होता है ।

स्तन के अलावा हो सकता है कि आपको कभी जांघों के अगल-बगल भी रैशेज़ झेलना पड़ा हो । ये सब फंगल इंफेक्शन के कारण हो जाता है जिसका घरेलू स्तर पर इलाज संभव है । हालांकि लगातार रैशेज़ के बने रहने से स्किन स्पेशलिस्ट से संपर्क करना चाहिए ।

ब्रेस्ट के नीचे पड़े छाले से निज़ात पाने के लिए इन नुस्खों को आज़माया जा सकता है...

  • नारियल तेल का उपयोग त्वचा को पोषित करता है । इसलिए ये रैशेज भगाने में भी कारगर है । नारियल तेल किसी चम्मच में लेकर हल्का गर्म कर लें और फिर रुई की मदद से रैशेज़ पर लगाएं । नियमित रुप से दिन में 3-4 बार ऐसा करने से आप फर्क महसूस करेंगी ।
  • ऑलिव आयल और ऐलोवेरा जेल को मिलाकर प्रभावित हिस्से पर लगाने से आराम मिल सकता है  । लगभग एक स्पून जेल में 4-5 बूंद आयल को मिला कर 2-3 बार रोज़ाना लगाएं । थोड़ी देर छोड़ने के बाद इसे नॉर्मल पानी से धो लें ।
  • एंटीबैक्टीरियल गुणों वाले टी-ट्री तेल भी इसका इलाज कर सकता है और इसकी पांच बूंदों के साथ आप ऑलिव ऑयल एवं नारियल तेल मिला कर रैशेज़ वाली जगह पर लेप जैसा लगाएं । रात में सोने के पहले आप रैशेज़ पर इसे लगा देंगी तो राहत जल्दी मिलेगी ।
  • सिरका भी छाले ठीक कर सकता है । आधे कप ऐप्पल साइडर विनेगर में 1 कप पानी मिला कर प्रभावित हिस्से पर छिड़कने या स्प्रे करने से बैक्टीरिया का खात्मा हो जाता है ।
  • आपके किचन में बेकिंग सोडा होगा ही , तो एक चौथाई बेकिंग सोडे में हाफ स्पून सिरका मिला दीजिए अब इस मिश्रण को रैशेज पर लगाकर आधे घंटे तक रहने दें । उसके बाद ठंढे पानी से धो लें ।
  • हल्दी भी संक्रमण फैलाने वाले किटाणु को नष्ट करता है इसलिए 1 स्पून हल्दी पाउडर को पानी में घोल कर थोड़ा पका लें । ठंढ़ा हो जाने के बाद छाले को इस घोल से रोज़ाना 2-3 बार धो लें । धीरे-धीरे रैशेज गायब हो जाएंगे ।
  • इन सब के अलावा लहसून भी संक्रमण फैलाने वाले कीटाणु-विषाणुओं को नष्ट करने में कारगर है । इसलिए आप चाहें तो लहसून का पेस्ट प्रभावित हिस्से पर लगाने के 10 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें ।