क्या आपको पता है कि अधिक गोद लेने से आपके बेबी का DNA बदल सकता है?

जब आप बेबी को देर तक पकड़ते हैं तो असल में आप उनके DNA को बदल रहे है। जी हां आपने बिल्कुल सही पढ़ा।स्टडी से पता चलता है कि बच्चे जब कम शारीरिक संपर्क में आते हैं तो वो अधिक तनाव में रहते हैं

अगर आपको हमेशा अपने बेबी को गोद लेना पसंद है तो यहां हम आपको एक और कारण बता रहे हैं कि क्यों आपको ऐसा करना जारी रखना चाहिए। हम आपको बता दें कि ये ऑर्डर खुद डॉक्टर ने दिया है।

ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटि के एक स्टडी से साबित होता है कि बेबी और उनका ख्याल रखने वालों का बार-बार एक दूसरे के संपर्क में आने से उनके मॉलेक्यूलर (Molecular) लेवल पर असर पर सकता है।

जब आप बेबी को देर तक पकड़ते हैं तो असल में आप उनके DNA को बदल रहे है। जी हां आपने बिल्कुल सही पढ़ा।

स्टडी से पता चलता है कि बच्चे जब कम शारीरिक संपर्क में आते हैं तो वो अधिक तनाव में रहते हैं। यहां तक कि स्पर्श की कमी के कारण उनका मॉलक्यूलर (Molecular) प्रोफाइल बदल भी सकता है। इसके परिणामस्वरूप वो जैविक रूप से अविकसित रहेंगे।

बेबी को अधिक गोद लेने से आपके बेबी का DNA बदल सकता है

इस डाटा पर काम करने के लिए वैज्ञानिकों ने 94 बच्चों पर चार साल में स्टडी की।

पैरेंट्स को इस स्टडी कें अंतर्गत अपने बेबी के व्यवहार पर जनरल बनाने को भी कहा गया। उन्होंने अपने बेबी के खाने के नियम, सोन के तरीके और रोने के पैटर्न को  भी नोट किया। उन्होंने खुलासा किया कि कैसे उन्होंने शारीरिक तौर पर बेबी को प्रसन्न किया।

चार सालों के बाद वैज्ञानिकों ने बेबी के गाल के अंदर पोंछकर फिर से DNA की जांच की । इससे उन्हें बायोकेमिकल परिवर्तन नजर आया जिसे DNA Methylation कहा जाता है। ये मॉलेक्यूल बेबी के परिपक्वता को सक्रिय रखने वाले जीन पर ध्यान रखते हैं।

उम्मीद के मुताबिक परिणाम आश्चर्यचकित करने वाले थे।

जी हां बेबी को लेने से जल्दी होगा उनका विकास

बच्चे जो अपने पैरेंट्स के कम संपर्क में आए उनकी कम एपिजेनेटिक उम्र थी। इसका अर्थ ये है कि उनका मॉलेक्यूलर मैच्योरेशन काफी धीमी थी। टीम ने इसके बाद पाया कि बच्चे जिन्हें अधिक नहीं लिया जाता था वो कई तरह के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या से जूझ रहे थे।
सारा मूरे जो केस की पोस्टडॉक्टोरोल लेखक रह चुके हैं, उन्होंने बताया कि ये रिर्सच प्रारंभिक रूप से पुष्टि करता है कि क्यों बच्चों का शारीरिक संपर्क में रहना जरुरी है।
डेवलपमेंट एंड साइकोपैथोलॉजी के नवंबर अंक में प्रकाशित होने वाले इस स्टडी में बताया गया है कि बच्चों को गोद में लेने के आप जितना सोच सकते हैं उससे भी कहीं अधिक फायदे हैं।

कई ऐसी स्टडी है जो साबित करती है कि मानवीय स्पर्श की मदद से बच्चे जल्दी विकास कर सकते हैं लेकिन ये पहली स्टडी है जो बच्चों का मॉलेक्यूलर लेवल के स्तर पर इसे साबित करती है। जाहिर है कि ये पैरेंट्स के लिए अच्छी खबर है खासकर जिन्हें प्यार करना और बच्चों को गोद में लेना पसंद है।

5 वैज्ञानिक कारण क्यों अपने बच्चों को हमेशा गोद लें और प्यार करें

अगर आपको वैज्ञानिक सुबूत की जरुरत है तो यहां हम आपको बता रहे हैं कुछ कारण!

  • स्पर्श से स्मार्ट बनते हैं बच्चे: US के Ohio में किए गए हालिया स्टडी में साबित होता है कि स्पर्श से “मजबूत मस्तिष्क प्रतिक्रिया” प्राप्त होती है।
    • गले लगाने से होता है विकास: कैलिफोर्निया की एक स्टडी से पता चलता है कि गले लगाने से ऑक्सिटोसिन हार्मोन बनता है। ये हार्मोन कई और भी विकास करने वाले हार्मोन जैसे इंसुलिन ग्रोथ फैक्टर-1 (IGF-1) और नर्व ग्रोथ फैक्टर (NGF) को आगे बढ़ने में मदद करते हैं।
  • इससे हेल्दी रहते हैं बच्चे: 2013 में किए गए एक स्टडी में पता चलता है कि गले लगाने से बेबी मजबूत बनते हैं। गले लगाने से ऑक्सिटोसिन रिलीज होता है और थायरॉयड का प्लाजमा लेवल और कोलेस्ट्रॉल कम होता है।
  • गले लगाना गुस्सा/नारजगी रोकता है: गले लगाने से भी गुस्सा कंट्रोल कर सकते हैं क्योंकि बच्चे अपना भावनात्मक आवेग नहीं दिखा सकते हैं। इसलिए बच्चों को गले लगने से ऑक्सिटोसिन रिलीज होता है जिससे तनाव कम होता है।
  • अधिक लचीलापन आता है: एक स्टडी के अनुसार जब बच्चों को अधिक तनाव होता है तो इससे उनके इम्यून सिस्टम पर असर पड़ता है और यादाश्त कमजोर होती है।

संयोग से ये रिर्सच हम पैरेंट्स के लिए शॉकिंग नहीं है। आखिर हमें भी तो अपने बच्चों को गोद लेना, गले लगाना पसंद है। हमें उन्हें और भी अधिक प्यार करने का एक और कारण मिल गया।