बेडवेटिंग पर मात करने में करें अपने बच्चे की मदद, जानिए किस तरह...

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बिस्तर गीला करनेवाले बच्चे ज्यादातर शर्म और अपराधबोध जैसी भावनाओं से जूझ रहें होते हैं। इससे बाहर निकलने में आपकी सकारात्मक और सही परवरिश आपके बच्चे की मदद कर सकते हैं।

बचपन में बिस्तर गीला करना एक आम बात है। यह कोई संगीन medical समस्या नहीं है, लेकिन अगर वक्त रहते इस अवस्था को ना सुधारा जाए तो बढ़ती उम्र में बच्चों के आत्मबल पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।

बेडवेटिंग समस्या कुछ इस प्रकार बच्चोंको प्रभावित करती है…

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बिस्तर गीला करने की आदत की वजह से बच्चों में शर्म से लेकर inferiority complex तथा social phobia जैसी कई नकारात्मक भावनाएं घर कर लेती है।

nobedwetting.com पर दिए गए एक लेख में यह बताया गया है कि, Belgium स्थित University Hospital Ghent के एक research के अनुसार बेडवेटिंग की समस्या से ग्रस्त बच्चों पर बूरा मनोवैज्ञानिक असर होने की संभावना अधिक है। इस research में छह से सोलह वर्ष की उम्र के तीस बच्चों को शामिल किया गया था।

Child Development Institute के अवलोकन में यह पता चला, कि ५ साल की उम्र से ऊपर के बच्चे ना सिर्फ यह समझते है कि वे बेडवेटिंग की समस्या से लड़ रहें हैं बल्कि उनमें इस बात को लेकर अपराधबोध भी होता है परिणामस्वरूप वो ऐसी सामाजिक गतिविधियों में शामिल नहीं होते है जहा उन्हें रात में अपने घर से बाहर रहना पड़े।

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ऐसे बच्चोंमें असफलता की भावना के साथ ही पकडे जाने का, दोस्तों द्वारा चिढ़ाए जाने का और अपमानित महसूस करने का डर भी होता है।

childdevelopmentinfo.com के एक लेख के अनुसार बेडवेटिंग समस्या की तरफ माता-पिता की प्रतिक्रिया का बच्चों पर काफी गहरा असर हो सकता है।

अपने बच्चे की बेडवेटिंग समस्या से ना खोए अपना चैन!

हालॉंकि ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चे की बेडवेटिंग समस्या को सूझ-बूझ से हल करने की कोशिश में जुटे होते हैं, लेकिन बीतते समय के साथ काफी माता-पिता खुद धैर्य खोने लग जाते हैं।

अगर आप भी ऐसी परिस्थिति से गुजर रहे हैं तो बेहतर होगा कि आप अपनी भावनाओं पर काबू रखें। बेडवेटिंग पर आपके बच्चे का कोई control नही होता यह बात ध्यान में रखें तथा अपने बच्चे को इस समस्या पर मात करने के लिए अपना समय लेने दे।

Waking Up Dry: A Guide to Help Children Overcome Bedwetting इस किताब के लेखक तथा Geroge Washington University Medical Center में pediatrics के clinical professor, Dr. Howard Bennett कहते है कि बच्चे की बेडवेटिंग समस्या का निवारण करते समय माता-पिता को दो जरूरी बातोंका ध्यान रखना होगा।

– बिस्तर गीला करना बच्चों में साधरण बात है और इसके लिए वो सजा के पात्र नहीं हैं।
– Bladder और brain में संपर्क या संदेशवहन का आभाव यह बच्चों में बेडवेटिंग का मुख्य कारण है।

उन्होंने बताया है कि शर्माने की जगह माता-पिता को बच्चों के साथ डटकर खड़े रहना चाहिए और अपने pediatrician से भी बात करनी चाहिए।

बेडवेटिंग की समस्या से निकलने में आप इस प्रकार बच्चों की मदद कर सकते है…

माता-पिता को बच्चों को भावनात्मक तथा मनोवैज्ञानिक तौर पर सहारा देना चाहिए जिससे बच्चों का इस समस्या की तरफ देखने का नजरिया निरामय हो। आपके ऐसे सहारे की मदद से बच्चे शर्म और अपराधबोध जैसी हीन भावनाओं पर मात कर पाएंगे।

healthychildren.com के एक लेख में Dr. Howard Bennett इससे जुड़ी कुछ धारणाओं को स्पष्ट करते है तथा कुछ योजनाओं की सिफारिश करते है जिससे माता-पिता अपने बच्चों की बेडवेटिंग समस्या से मुक्ति पाने में मदद कर सकें।

बच्चे के साथ बात करें और संपर्क बनाएं रखें

जब बेडवेटिंग होती है और बच्चा रात में उठकर washroom नहीं जा पाता, तब उसके शरीर में क्या कुछ हो रहा होता है इसकी जानकारी बच्चे को दे। चाहें तो किसी विशेषज्ञ की मदद ले।

बच्चे को कुछ सकारात्मक बातें बताएं जहां परिवार के किसी सदस्य ने या किसी किताब के या film के पात्र ने अपनी बेडवेटिंग की समस्या पर मात की हो। जब आप अपने बच्चे को इस तरह विश्वास दिलाते हैं, तब उसकी शर्म और अपराधबोध जैसी हीन भावनायें कम होने की संभावना होती है।

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A young handsome dad lying on the floor with his son

बच्चे को भावनात्मक सहारा दीजिये

उन्हें डांटने, सजा देने कि जगह समझाएं कि बिस्तर गीला करना एक साधारण समस्या है और उनकी तरह कई बच्चे इसका मुकाबला करते है। रात में अगर बेडवेटिंग होती भी है तो इस बात पर ज्यादा ध्यान न दें बल्कि जब कभी परिस्थिति में सुधार हो तो खूब बढ़ावा दें। उन्हें sleepovers जैसी सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

सोने से ठीक पहले वॉशरुम जाना 

बच्चोंके दिनभर के fluid intake और washroom इस्तेमाल करने का एक कार्यक्रम बनायें। सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चों को सोने से ठीक पहले washroom जाने की आदत डाल दें ।कोशिश करें कि सोने से पहले ये आखिरी काम वह जरूर करें।

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बच्चे को समस्या की जगह समाधान पर focus करने के लिए प्रोत्साहित करें

अपने बच्चों को बेडवेटिंग के बारे में शिक्षित करें और इसपर सकारात्मक action लें। गीले bedsheet और अपने कपड़े अपने आप बदलने के लिए उन्हें बढ़ावा दें। Midnight accidents के लिए उन्हें अच्छे से तैयार करें और उनके कपड़ों का अतिरिक्त जोड़ा तथा अतिरिक्त bedsheet भी उनके पास रखें।

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अपने pedaitrician से सलाह करें और इस समस्या को बड़ा बनने से रोक लें

कई बार यह भी हो सकता है कि आपके सारे प्रयास विफल हो जायें और आपका बच्चा बिस्तर गीला करना बंद ही ना करें। यहां जाने कब आपको विशेषज्ञों की मदद की आवश्यकता है। उपचार में इन इलाजोंको शामिल किया जा सकता है-
– Bladder Control Training: ऐसे व्यायाम जिनमें bladder की stretching और conditioning हो सके
– Moisture alarm का इस्तेमाल: Bedsheet में नमी का एहसास होने पर यह alarm बच्चों को जगा देता है ताकि वो washroom जाकर urination की प्रक्रिया पूर्ण करे
– Hypnosis: Research के अनुसार बच्चे ऐसी treatment में ४ से ६ session में प्रतिक्रिया देने लगते हैं।
– Support Group से मदद लें: इससे माता-पिता को अपना मन हलका करने का मौका मिलता है तथा इस समस्या से निकलने का रास्ता और आशा की किरण दिखाई देती है।

अगर आपके बच्चे को भी बिस्तर गीला करने की समस्या है तो सबसे पहले एक लंबी सास लेकर अपने आप को शांत कर लें और फिर पूरी जानकारी इक्ट्ठा करें और अपने लाड़ले बच्चे को इस समस्या से बाहर निकलने में सहायता करें।

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