बच्चों को अकेला छोड़ना नहीं है बुरी बात..बस सिखाएं कुछ खास बातें..हो जाएंगे तैयार

जब भी आप अपने बच्चों को अकेला घर में छोड़कर जाते हैं तो उन्हें यह बातें ज़रूर सिखाएं..

आप भले ही अगर हाउस वाइफ हैं और एक मां भी हैं तो हमेशा ही आपकी यही कोशिश रहती होगी कि आप हमेशा अपने बच्चे को अपनी नज़रों के सामने रखने की कोशिश करती होंगी। सिवाय स्कूल जाने के आपकी हमेशा कोशिश रहती होगी कि बच्चा हमेशा आपकी नज़रों के सामने ही रहे।

लेकिन कई बार ऐसी परिस्थिति हो जाती है कि आपको कभी ना कभी अपने बच्चे को घर में छोड़कर बाहर जाना पड़ ही जाता होगा। अगर आप ज्वाइंट फैमिली में रहती हैं तो घर में आप बच्चे को किसी के भी भरोसे छोड़कर बाहर आराम से जा सकती हैं।

लेकिन अगर आप ज्वाइंट फैमिली में नहीं रहतीं और आपको अपने बच्चे को कभी घर पर अकेले छोड़कर जाने की नौबत आती है तो भी बाहर रहते हुए आपके मन में एक ना एक डर सा बना रहता है। यह डर होता है बच्चे की सुरक्षा का। आपको डर रहता है कि बस आपका बच्चा अकेले घर में सुरक्षित रहे।

यह डर तो तब का है जब आप एक गृहिणी हैं और कभी कभी ही बच्चे को घर में अकेले छोड़ने की नौबत आती है। वहीं अगर आप एक कामकाजी महिला हैं तो आपको रोज़ाना ही बच्चे को अकेला छोड़ना पड़ता ही होगा। ऐसे में आपको अपने बच्चे को वो सभी बातें समझानी होती हैं जिससे वो अपनी ख्याल खुद रख सके।

आज हम यह आर्टिकल उन मम्मी पापा के लिए लेकर आए हैं जिन्हें अपने बच्चों को घर में अकेला छोड़कर बाहर जाना पड़ जाता है। जब भी आप अपने बच्चों को घर में अकेला छोड़कर जाते हैं तो उन्हें यह बातें ज़रूर सिखाएं..

घर के दरवाज़े बंद रखना

सबसे पहली बात तो अपने बच्चे को घर में अकेला छोड़ते हुए आप अपने बच्चे को अच्छी तरह से समझाएं कि वो अंदर का दरवाज़ा अच्छी तरह से बंद रखे और किसी भी अनजान व्यक्ति के लिए दरवाज़े ना खोलें। इसके अलावा बच्चे को समझाएं कि अगर कोई दरवाज़े की बेल बजाए तो खिड़की या डोरआई से देखे कि कौन है दरवाज़े पर। अगर कोई भी जानकार है तो तुरंत पैरेंट्स को फोन करके सूचना दे।

बच्चों को अकेला
दरवाज़े में लॉक ना लगाएं

आप अपने बच्चे के कमरे में लॉक बिल्कुल ना लगाएं। अगर कभी पीछे से कोई दुर्घटना होती है तो वो घर से बाहर निकल सकता है। लेकिन अगर आप उसे कमरे में लॉक कर के जाएंगे तो वो बाहर भी नहीं आ पाएगा।

ना जाएं किचन में

आप अपने बच्चे को यह बात अच्छे से समझाएं कि वो किचन में अकेले कुछ भी बनाने की कोशिश ना करें। और आप गैस सिलेंडर की नॉब बंद करके ही बाहर जाएं और इसी के साथ ही चाकू जैसी चीज़ें भी बाहर ना छोड़कर जाएं। क्योंकि अक्सर बच्चे अकेले में इन चीज़ों के साथ खिलौना समझकर खेलने लग जाते हैं।

अल्कोहोल भी रखें दूर

इसी के साथ घर में अल्कोहोल या और किसी तरह के नशीले पदार्थ बच्चे की पहुंच से दूर रखें। कार या बाइक या किसी भी वाहन चाबी उनकी नज़रों में ना आने दें।

एमरजेंसी नंबर दें

आप बच्चे को उन सभी रिश्तेदारों के नंबर देकर जाएं जो पास में रहते हों और साथ ही कुछ एमरजेंसी नंबर जैसे पुलिस का नंबर आदि उन्हें देकर जाएं और उन्हें एक फोन ज़रूर दें। इसी के साथ ही अपने पड़ोसी को भी इस बारे में बताकर जाएं (अगर  पड़ोसी भरोसेमंद है तो) कि आपका बच्चा घर में अकेला है और बच्चे को देखरेख बीच बीच में करते रहें।