Expert Speak: पैरेंट्स..अपने बच्चों के भोजन में सिर्फ कैलोरी की गणना न करें..जानिए क्यों!

lead image

बच्चे एक बार बस चावल-दाल भी खा लेते हैं तो ज्यादातर पैरेंट्स चैन की सांस लेते हैं और उन्हें लगता है कि उनका काम खत्म हो गया। लेकिन डॉ श्रीप्रिया वेंकेटशवरण का कहना है कि काम यहीं खत्म नहीं होता।

छोटे बच्चों के पैरेंट्स अक्सर अपने बच्चों को सही पोषक तत्व देने में कई चुनौतियों का सामना करते हैं। ज्यादातर पैरेट्स बच्चों के चावल दाल खा लेने से भी राहत की सांस लेते हैं, वो कैलोरी देखते हैं और सोचते हैं उनका काम हो गया।
लेकिन वो ये नहीं समझते कि खाना सिर्फ उन्हें सिर्फ एनर्जी नहीं देता बल्कि एक विकसित शरीर को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और अच्छे फैट से अधिक की जरुरत होती है।

पैरेंट्स सिर्फ कैलोरी गिनना बंद करें...

src=https://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2015/10/GIRL WITH junk food.jpg Expert Speak: पैरेंट्स..अपने बच्चों के भोजन में सिर्फ कैलोरी की गणना न करें..जानिए क्यों!

पैरेंट्स खाने में कैलोरी देखते हैं लेकिन वो अक्सर ये नहीं देखते कि खाने में पोषक तत्व क्या मौजूद हैं।

यही वो समय होता है जब बच्चों  की हड्डियों, दांत और बाकी अंगों का भी मैक्रोन्यूट्रिएंट्स के अलावा विकास होता है। मैकोन्यूट्रिएंट्स जैसे विटामिन, मिनरल के बिना खाना अधिक असरदार नहीं हो सकता है।

बचपन वो समय होता है जब न्यूट्रिशन की गुणवत्ता और आवश्यकता का अधिक ध्यान रखना चाहिए वरना कम उम्र मे न्यूट्रिशन अंसतुलन का परिणाम जीवन भर पीड़ित कर सकता है।

  • विटामिन और मिनरल की कमी से डाइट की क्वालिटी खराब होने के कारण बच्चों पर विनाशकारी असर पड़ सकता है। इसे अक्सर “Hidden Hunger” भी कहते हैं।
  • विटामिन और मिनरल की कमी के कारण बच्चों की हड्डियों, मांसपेशियों का विकास अच्छे से नहीं होता है।इसके अलावा धीमा विकास, शारीरिक क्षमता में कमी आदि की समस्या हो सकती है। इस समय में हेल्दी रहना और शरीर के फंक्शन सही रहना उनके स्वास्थ्य के लिए सबसे जरुरी होता है।
  • सारे मैक्रोन्यूट्रिएंट्स जिसकी जरुरत शरीर को होती है वो अच्छी डाइट से मिलता है। इसलिए बच्चों में खाने की अच्छी आदत डालना और बैलेंस डाइट बना कर रखना बहुत जरुरी होता है।

यहां हम आपको कुछ विटामिन और मिनरल के बारे में बताने जा रहे हैं जो बच्चों को जरुर देना चाहिए

src=https://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2016/08/Hard Boiled Eggs.jpg Expert Speak: पैरेंट्स..अपने बच्चों के भोजन में सिर्फ कैलोरी की गणना न करें..जानिए क्यों!

  • आयररन- आयरन दिमाग के विकास और खून में ऑक्सीजन के लिए बेहद जरुरी है। आयरन की कमी से एनीमिया, दिमाग का कम विकास, थकावट और इम्यूनिटी में भी कम होती है।आयरन के लिए मीट, सीफूड, अंडे, हरी पत्तेदार सब्जियां, बीन्स आदि अच्छे स्त्रोत हैं।
  • कैल्शियम- कैल्शियम बच्चों की मजबूत हड्डियो और दांत के लिए बेहद जरुरी होते हैं। ये ब्लड क्लॉटिंग, नसों, मांसपेशियों और हृद्य के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। आप डाइट में दूध, पनीर, पालक, ब्रोकली और तोफू को शामिल कर कैल्शियम की कमी पूरी कर सकते हैं। उन

चीजों को नजरअंदाज करना जरुरी है जो कैल्शियम का अवशोषण रोकते हैं जैसे कोला।

  • जिंक – जिंक बच्चों के नए टिशू को बनाने के लिए जिम्मेदार होता है। ये साथ ही बच्चों में हेल्दी इम्यून बनाए रखता है और साथ ही जल्दी घाव जल्दी ठीक भी करता है और इंफेक्शन कम करता है। इससे बच्चों को सही समय पर भूख लगती है। दाल, नट्स, मीट, सीफूड, ओट्स और चीज में जिंक प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।
  • फोलेटविटामिन B न्यूट्रिएंट, B9 कोशिकाओं के विकास और मेटाबॉलिज्म भी बढ़ाता है। बच्चों के लिए खासकर खाना को एनर्जी में बदलना बेहद जरुरी होता है ताकि कोशिकाओं का निर्माण अच्छे से हो सके।इसके साथ ही मस्तिष्क का विकास और फंक्शन भी लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए भी ये बेहद जरुरी है। हेल्दी नर्वस और इम्यून सिस्टम के लिए ये बेहद जरुरी है। पालक, चुकंदर, गाजर, टमाटर और दाल में पाया जाता है।
  • बाकी विटामिन B – बाकी विटामिन जैसे B1, B2, B6 और B12  भी नर्वस सिस्टम के फंक्शन के लिए अच्छा माना जाता है। हृद्य से जुड़े फंक्शन,मस्तिष्क, पाचन तंत्र और इम्यूनिटी के लिए भी ये काफी अच्छा होता है।डेयरी, चिकन, मछली, अंडा, नट्स, केला, सब्जियां और साबुत अनाज बाकी विटामिन B के अच्छे स्त्रोत माने जाते हैं।
  • विटामिन C -  विटामिन C बच्चों को काफी हेल्दी और मजबूत रखता है।ये हड्डियों की मजबूती और रक्त कोशिकाओं के लिए भी बहुत आवश्यक है। ये कोलेजन और आयरन को अवशोषित करने में मदद करता है। विटामिन C जल्दी ही घाव भरने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में भी सहायक होती है । विटामिन C संतरा, अमरुद, आंवला, पालक, पपीता और आम में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
  • विटामिन D विटामिन D हड्डियों के लिए स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है। ये साथ ही बच्चों की सांस लेने की प्रक्रिया को भी हेल्दी बनाता है साथ ही उनकी मानसिक और भावनात्मक तंदुरुस्ती बढ़ाता है। विटामिन D मछली, अंडा, चीज, मीट में प्रचुक मात्रा में पाया जाता है। ये मुख्य रूप से सूरज की किरणों से मिलता है इसलिए अपने बच्चों को धूप में खेलने-कूदने दें ताकि उनकी हड्डियां भी मजबूत हो।

शरीर को विटामिन A, मैग्नेशियम, ऑयोडिन और पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों की जरुरत होती है।अच्छे से न्यूट्रिएंट्स नहीं मिलने पर मोटापा, एनीमिया, खाने का डिस्ऑर्डर और हड्डियों का अच्छे से विकास नहीं हो पाता है।