बच्चों के तैराकी करने के 5 फायदे..जानिए जरूर

बच्चों के तैराकी करने के 5 फायदे..जानिए जरूर

तैराकी सीखने से ना सिर्फ बच्चे फ्रेश और एनर्जिटिक महसूस करते हैं बल्कि इसे करने से वो हेल्दी भी रहते हैं।

गर्मी का मौसम तैराकी सीखने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। इन दिनों में आप अपनी तैराकी पर पूरा ध्यान दे सकती हैं और भीषण गर्मी से भी निजात पा सकती हैं । इतना ही नहीं ये आपके साथ साथ आपके बच्चों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।

तैराकी सीखने से ना सिर्फ बच्चे फ्रेश और एनर्जिटिक महसूस करते हैं बल्कि इसे करने से वो हेल्दी भी रहते हैं।

तैराकी शरीर के लिए सबसे अच्छा व्यायाम माना जाता है। यहां तक कि तीन महीने के बेबी को भी आप अगर पूल में लेकर जाएंगे तो वो पानी में इंज्वॉय करते हैं और खेलने लगते हैं। तीन साल की उम्र से बच्चे तैराकी सीख सकते हैं। इनके अलावा पीठ दर्द, अधिक वजन वाले लोग, आर्थराइटिस से ग्रसित लोगों के लिए भी तैराकी काफी फायदेमंद है।

तैराकी का लिम्फैटिक सिस्टम पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लिम्फैटिक सिस्टम व्हाइट ब्लड सेल के बैलेंस को बिगाड़ते हैं और इसकी वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और बीमारियां, इंफेक्शन बढ़ जाती है।

बच्चों के तैराकी करने के स्वास्थ्य से जुड़े फायदे...

बच्चों को तैराकी के जरूर प्रेरित करें लेकिन कुछ एहतियात बरतें और उनके उपर अपनी नजर बनाएं रखें। वो हर तरह से सुरक्षित रहें ये सुनिश्चित कर लें।

1. शरीर में लचीलापन आता है

बचपन से तैराकी करने से शरीर में लचीलापन आता है। तैराकी से शरीर का व्यायाम साइकिल चलाने जैसी एक्टिविटी से भी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है जिस कारण से मांसपेशियों और हड्डियों में लचीलापन आता है।

 
बच्चों के तैराकी करने के 5 फायदे..जानिए जरूर

2. फेफड़े और हृद्य के लिए अच्छा व्यायाम

 

तैराकी करने से हृद्य गति बढ़ जाती है और फेफड़े ऑक्सीजन का इस्तेमाल कर पाते हैं। फिर धीरे धीरे हृद्य गति धीरे हो जाती है और रक्तचाप बढ़ता है और ये स्वस्थ्य हृद्य की पहचान होती है और साथ ही फेफड़ों का भी वर्क आउट होता है। इससे दिल की बीमारियां भी दूर रहती हैं।

3. पूरे शरीर के फिटनेस की गारंटी

 

तैराकी एक एरोबिक एक्सरसाइज होती है जो शरीर के मुख्य मांसपेशियों का इस्तेमाल करती है और इसके कारण बच्चों में मोटापा नहीं बढ़ता है। इस कारण से स्वास्थ्य से जुड़ी कई बीमारियां दूर ही रहती हैं जैसे डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और दिल की बीमारियां। तैराकी से बच्चों में ग्रोथ हार्मोन रिलीज होती है जो बच्चों के लिए फायदेमंद है।

4. शरीर की मुद्रा ठीक होती है

 

तैराकी के दौरान किसी को भी अपनी हाथ और पैर को शरीर के साथ साथ तालमेल बनाना पड़ता है। इससे ताकत और को-ऑर्डिनेशन दोनों ही शरीर के हर हिस्से का मजबूत होता है और शरीर का पॉस्चर अच्छा होता है।

5. मानसिनक तनाव से मुक्ति

 

तैराकी से शरीर में पॉजिटिव हार्मोन बनते हैं और शरीर इससे रिफ्रेश तथा खुश रहता है। इससे बच्चों में भी मानसिक तनाव कम होता है।

अलग अलग तरह के एरोबिक एक्सरसाइज जैसे जंपिंग, दौड़ना, साइकिल चलाना ये सब अस्थमा ग्रसित लोगों के लिए करना अच्छा माना जाता है । लेकिन तैराकी करने से शरीर हवा के संपर्क में नहीं आता है और अस्थमा कंट्रोल में रहता है जिसे Bronchoconstriction भी कहते हैं।

इसके अलावा भी तैराकी के सांस की बीमारी से जुड़े कई फायदे होते हैं बस इसके साथ डॉक्टर के द्वारा दी गई सलाह को भी अवश्य मानें।

सुरक्षित रहने के लिए इन सलाह को अवश्य मानें

  • जिन स्विमिंग पूल में क्लोरिन हो और साथ में क्लोरामाइन्स होने पर सांस से जुड़ी कई समस्या हो सकती है। इसके अलावा त्वचा में खुजली, रूखे बाल की भी शिकायत होती है। इसलिए ये जरूरी है कि स्विमिंग पूल से निकलते ही तुरंत नहाएं।
  • हमेशा बाल को बचाने के लिए तैराकी के दौरान कैप पहनें
  • जब बच्चे तैराकी कर रहें हो तो ख्याल रखें कि वो पूल का पानी ना पीएं इससे उन्हें पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
  • अगर बच्चा अधिक खांसी सर्दी में हो तो भी तैराकी के लिए ना भेंजे क्योंकि इससे पूल में संक्रमण फैल सकता है।

अगर आपके पास कोई सवाल या रेसिपी है तो कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर करें।

Source: theindusparent

Any views or opinions expressed in this article are personal and belong solely to the author; and do not represent those of theAsianparent or its clients.

Written by

theIndusparent