बच्चों के एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी को चुनने से पहले ध्यान में रखें ये 7 बातें

बच्चों के एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी को चुनने से पहले ध्यान में रखें ये 7 बातें

ये बहुत जरुरी है कि आप अपनी मानसिकता को बदलें और वो प्लान करें जो आपके और आपके बच्चे के लिए सबसे सही है।

बच्चे के जन्म के बाद कई ऐसे मौके आते हैं जब आपको महसूस होता है कि कोई भी फैसला लेने से पहले कई बातें सोचनी और सीखनी पड़ती है। डायपर से लेकर डॉक्टरस्कूलटिफिन बॉक्स सबकुछ लेने से पहले आप कई दफ़े सोचते हैं कि क्या लेना बच्चे के लिए सबसे सही होगा।

यही बात बच्चों के एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी पर भी लागू होती है। अलग-अलग पैरेंट्स और बच्चों के अलग अलग लक्ष्य होते हैं इसलिए विचार-विर्मश करना या सलाह लेना बेहद जरूरी है और सबसे जरुरी बात कि अंत में आप अपनी सोच से ऊपर उठकर बच्चे के लिए वो चुने जिसमें उनकी और आपकी दोनों की दिलचस्पी है।

 
physical activity

एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी चुनने से पहले ध्यान में रखें ये 7 गोल्डन प्वाइंट

बच्चों के एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी को चुनने से पहले ध्यान में रखें ये 7 बातें

1.समय

मेट्रो सिटी में जो चीज सबसे पहले सोचनी पड़ती है वो है समय। इसलिए सफर करने में समय बरबाद ना हो इसलिए जगह स्कूल या घर के पास चुने।

इस तरह से आपके बच्चे को कम थकावट होगी। आपके पास एक और विकल्प है कि आप क्लास में बच्चे को छोड़कर आने के बाद घर के काम निपटा सकती हैं और वापस क्लास से लाने जा सकती हैं। playing kabaddi and other games

2. बच्चों की दिलचस्पी

आप जब भी बच्चे के लिए कोई एक्टिविटी प्लान करें तो इस बात का ध्यान रखें कि आप इसके लिए मानसिक रुप से तैयार हैं कि बच्चे बड़े होने के बाद इसे पसंद नहीं करें या दिलचस्पी नहीं ले। इसके लिए थोड़ी ट्रायल लें और समझें कि क्या उनका झुकाव इस एक्टिविटी पर है।

इस बात का भी ध्यान रखें कि क्या क्लास में ट्रायल सेशन रखा जाता है क्योंकि इससे आपके बच्चे को भी एक आइडिया मिल जाएगा कि उसे क्या उम्मीद रखनी चाहिए। बच्चे के उस क्लास में रखें जहां उनकी उम्र के बच्चे हों। अगर वहां बड़े छोटे हर उम्र के बच्चे रहेंगे तो हो सकता है वो बड़े बच्चों को मैच ना कर पाएं और इससे उनकी इच्छा शक्ति पर असर पड़े।

 
summer camp activities

3.एडवांस ट्रेनिंग

वैसी ट्रेनिंग का कोई मतलब नहीं है जिसमें आगे जाकर उसे और भी अधिक सीखने का विकल्प ना हो। ये किसी चैप्टर को आधा अधूरा पढ़ने जैसा होगा। इसलिए पहले ये सुनिश्चित कर लें कि क्लास में हेल्दी कॉम्पिटिशन हो और बच्चे अपनी पूरी भागीदारी दिखाएं।

 
What Is "Unschooling" And Could It Work For Your Kids?

4. कई सेंटर हो

इसे भविष्य सुरक्षित रखने के ख्याल से आप दूरदर्शी सोच भी आप कह सकते हैं ताकि अगर आपका घर बदले तो भी आपको बच्चे को कोई समस्या ना हो। हमेशा सुनिश्चित कर लें कि जहां उसका एडमिशन करवाएं उसका शहर में एक से अधिक सेंटर हो। आप भी नहीं चाहेंगे कि आपके बच्चे की ट्रेनिंग बीच में रुक जाए या फिर अधिक दूरी तय कर क्लास करने जाना पड़े।

 
बच्चों के एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी को चुनने से पहले ध्यान में रखें ये 7 बातें

5. सुरक्षा

ये खासकर खेलकूद से जुड़ी एक्टिविटी में बेहद जरुरी है। सुरक्षा से जुड़े उपकरण, प्राथमिक चिकित्सा आदि की पूरा इंतजाम हो। इसके साथ ही आप जहां भी बच्चे को भेजें वहां की बैकग्राउंड रिर्सच जरुर करें। खासकर वहां के स्टाफ के बारे में रिव्यू जरुर लें। कई बार गलत लोगों को जिम्मेदारी दी जाती है और ये बच्चों के लिए बेहद डरावना अनुभव होता है। इसलिए बच्चों को वहां भेजने से पहले मानसिक और शारीरिक सुरक्षा के बारे में पूरी तरह से जांच परख लें।

 
raising smarter children

6. खर्च

आज के समय में हर पैरेंट्स की एक ही चिंता होती है पैसा। इसमें कोई सीक्रेट नहीं है कि बच्चों की पढ़ाई और एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी इन दिनों काफी महंगे है। इसलिए सबसे अच्छा है कि पहले से प्लानिंग करें और बजट को बांट लें कि कहां कहां खर्च करना है। लेकिन हमेशा एक बात और याद रखें कि फीस के अलावा भी कई और खर्च होते हैं जैसे कपड़े, उपकरण, आने जाने का खर्च आदि।

 
बच्चों के एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी को चुनने से पहले ध्यान में रखें ये 7 बातें

7. ओवरलोड

कॉम्पिटिशन के इस समय में इस बात का ख्याल रखें कि आप बच्चों का बचपन या उनकी मासूमियत ना छीन लें।किसी भी एक्टिविटी को प्लान करने से पहले बच्चों के स्कूल के काम को देख लें। स्कूल के प्रोजेक्ट और होमवर्क के लिए उनके पास समय रहे और साथ ही उनका आराम करना भी उतना ही जरूरी है। आप खुद भी नहीं चाहेंगे कि आपका बच्चा तनाव में रहकर स्कूल और एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी दोनों पर ध्यान दे।

Written by

theIndusparent