बच्चों की मालिश : क्या ये जरूरी है ?

 बच्चों की मालिश : क्या ये जरूरी है ?

डिलीवरी से पहले ही राधा अरेंजा (बदला हुआ नाम) ने एक मालिशवाली बाई ठीक कर ली थी जो बच्चे की मालिश करने वाली थी । लेकिन मालिश के शुरू होने के 2 महीने के भीतर ही बच्चे की पीठ पर लाल धब्बे बनने शुरू हो गए जिससे बच्चे की मालिश बंद कर देनी पड़ी । 63 साल की रिटायर्ड स्कूल टीचर कहती हैं की "मैंने सबसे अच्छी आया चुनी थी जो मालिश करने में एक्सपर्ट थी ।मुझे नहीं पता की वो लाल धब्बे कैसे हुए ।वीर की त्वचा अब ठीक है क्योंकि मेरी बेटी ने तुरंत ही मालिश बंद करवा दी ।लेकिन बिना मालिश एक उसकी हड्डियां मजबूत कैसे होंगी ?

बच्चे की मालिश करना भारत में साड़ों से चली आ रही परंपरा रही है । एस अमाना जता रहा है की गर्म पानी से नहाने के बाद बच्चे को तेल से मालिश करने से उसकी हड्डियां काफी मजबूत हो जाती हैं । हालांकि विशेषज्ञों की राय अलग है ।

दिल्ली की माया क्लिनिक में बच्चों के विशेषज्ञ डॉ राहुल वर्मा बताते  हैं की बिना मालिश के भी मजबूत हद्दिआन पायी जा सकती हैं या बच्चों के हद्दिओन को मजबूत किया जा सकता है ।पश्चिम में बच्चों की मालिश कोई आया नहीं करती है पर उनकी हड्डियाँ मजबूत होती हैं ।

दिल्ली के फ़िज़ियोथेरेपी रिहैबिलिटेशन सेंटर के  फ़िज़ियोथेरेपिस्ट एंड चाइल्ड स्पेशलिस्ट में सीनियर कंसलटेंट डॉ संग्रिका पोपली सूद बताती हैं कि " वैज्ञानिक रूप से देखिने तो बच्चों की मालिश जरूरी नहीं है । जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ने पर हद्दिओन में चोट भी लग सकती है ।"

मालिशवाली बैओं को कई माता पिता केवल बच्चे की मालिश के लिए किराए पर रखते हैं । इनमे से ज्यादातर बताती हैं की उन्होंने यह कला अपने माँ और दादी माँ से सीखी है । लेकिन ज्यादातर मालिश करने के दौरान वो बच्चों की हड्डी पर बहुत दबाव डालती हैं जोई बच्चे के लिए ठीक नहीं है ।

मुंबई में 6 महीने के जिआन की माँ सुमी वैद (बदला हुआ नाम ) अपना अनुभव साझा करते हुए बताती हैं " मुझे लगता था की बच्चों की मालिश हमेशा बाई से करवानी चाहिए । मेरा बच्चा नहाते समय जूर से चीखता और लाल हो जाता था  । बाई बताती थी की बस गर्मी के वजह से लाल हुआ है ठीक हो जाएगा " । फिर भी वैद ने बाल विशेषज्ञ से बात की तो पता लगा की एक नियंत्रित मात्रा में ही बच्चों की हड्डी पर दबाव डालना चाहिए ।"उसके बाद से मैंने अपने बच्चे की मालिश खुद करनी शुरू की "

बहुत लोग इस बात पर बहस कर सकते हैं की बच्चों की मालिश जरुरी है खासकर के अगर आप उसे तसल्ली भरी नींद देना चाहते हैं । लेकिन असल मुद्दा ये नहीं है की मालिश हो या न हो मुद्दा ये है की अगर मालिश हो तो सही तरीके से हो और वो सही तरीके क्या है हम आपको बता रहे हैं

बच्चों के मालिश के लिए क्या करें और क्या ना करें ?

कोमलता बनाएं रखें 

मालिश मुलायम हाथों से होनी चाहिए और बच्चे के लिए ये आरामदायक होनी चाहिए । शरीर पर ज्यादा दबाव बच्चों की हड्डी पर गलत प्रभाव डाल सकता है । डॉ पोपली के मुताबिक "जबरदस्ती मालिश करने से शरीर के एक हिस्से में हुआ इन्फेक्शन दुसरे हिस्से तक फ़ैल सकता है "

स्वच्छता बनाएं रखें 

मालिशवाली बाई म अपने साथ कई तरह के इन्फेक्शन आडिओ ला सक्तोई है जो अओके बच्चे के ना सिर्फ हानिकारक है वल्कि बहुत ज्यादा खतरनाक भी । अगर मालिश वाली बाई से आप मालिश करवा रही हैं तो मालिश से पहले बाई से साफ़ सफाई पर विशेष ध्यान रखने के लिए कहें ।

फैंसी तेल की आवश्यकता नहीं है 

शिशु की त्वचा को गाढे तेल की आवश्यकता नहीं होती है । हलके तेल ही उसके लिये फायदेमंद होते हैं । डॉ पोली कहती हैं की तेल ना सिर्फ हल्का होना चाहिय्व वल्कि उसका तापमान भी साधारण होना चाहिए गर्म नहीं ।

कान में तेल न डालें 

बच्चों के नाक और कान में तेल ना डालें । ये स्वच्छ तरीका नहीं है और इससे बचना चाहिए । डॉ वर्मा के मुताबिक बच्चे के कान में तेल डालने से उसके शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है सीलिये इससे बचना चाहिए ।

जानिये की कब रुकना है 

बच्चों की मालिश तबतक करते रहिये जब  तक उसके साइड इफ़ेक्ट ना दिख रहे हों । डॉ वर्मा बताते हैं की अगर मालिश शुरू करने के बाद बच्चे के त्वचा पर इन्फेक्शन देखें तो मालिश तुरंत रोक दें और उस इन्फेक्शन का इलाज ढूंढे । कई डॉक्टर बच्चे  के 3 महीने के होने से पहले मालिश न करने की सलाह देते हैं ।

हमारे लिए मालिश आराम और परेशानियों का जरिया है और यही बच्चे के लिए भी होना चाहिए । आँख बंद करके किसी भी परंपरा को मानना या उसे फॉलो करना आपके बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है ।

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