बच्चे के underweight होने को लेकर चिंतिंत हैं तो ये जरुर पढ़ें

अगर आप भी अपने बच्चे की खाने-पीने की रुटीन को लेकर चिंतित रहती हैं और खाने के स्वाद को लेकर बच्चे के नख़रे से परेशान हैं तो फिक्र मत कीजिए आपके साथ कई और भी मॉम्स हैं जिन्हें बच्चे को खिलाना पहाड़ पर चढ़ने के बराबर लगता है ।

आजकल अधिकांश मांओं की यही समस्या रहती है कि उनके बच्चे का वजन बढ़ नहीं रहा या फिर उनका वजन उम्र के हिसाब से कम है । बेशक इसके पीछे की बड़ी वजह है बच्चे का भरपूर भोजन ना करना एवं उन्हें सही पोषण ना मिल पाना । बहुत कम ही ऐसे बच्चे होते हैं जो समय-समय पर खाना खाने के लिए खुशी-खुशी राज़ी हो जाएं, सुबह से लेकर बच्चे के गुड नाईट बोलने तक मां के लिए उन्हें पेट भर भोजन करवा पाना सबसे चुनौतिपूर्ण कार्य होता है ।

अगर आप भी अपने बच्चे की खाने-पीने की रुटीन को लेकर चिंतित रहती हैं और खाने के स्वाद को लेकर बच्चे के नख़रे से परेशान हैं तो फिक्र मत कीजिए आपके साथ कई और भी मॉम्स हैं जिन्हें बच्चे को खिलाना पहाड़ पर चढ़ने के बराबर लगता है ।

जी हां, तभी तो इस लेख में हम आपके लिए लेकर आए हैं बेबी फूड्स और बच्चों को खिलाने के तरीके से संबंधित कुछ ऐसे टिप्स जिसे अपनाने के बाद आपका समय तो बचेगा ही , आपके बच्चे का पेट भी भरेगा और उसे जरुरी पोषण भी मिलेगा।

खाने में रुचि बढ़ाने के लिए रोज़ की रेसिपी में लाऐं बदलाव

बड़ों की तरह बच्चे भी एक तरह के स्वाद से बोर हो जाते हैं इसलिए आप उसकी डाईट का ध्यान रखने के साथ-साथ खाना पकाने के तरीके में थोड़ा फेरबदल कर सकती हैं । जैसे- मिक्स वेज दलिया रोज बनाती हों तो किसी दिन उसे तेल और हींग, जीरा या सिर्फ अजवाईन के साथ छौंक लगाईए और दूसरे दिन घी का तड़का लगा कर खिलाइए । सब्जियों के चुनाव में भी आप फेरबदल कर सकती हैं ।

बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं उन्हें दूसरों के साथ खाना पसंद होने लगता है । वो ये भी गौर करते हैं कि उन्हें अलग तरह का व्यंजन दिया जा रहा है। इसलिए जब आप और अन्य सदस्य एक साथ लंच या डिनर कर रहे हों उसे भी वही खिलाएं या उसकी प्लेट अलग से सजाकर उसे अपने हाथों से खाने को कहें । इसतरह बच्चे अलग-अलग समय पर खाने के लिए जागरुक होते हैं और अलग ज़ायके का स्वाद भी उनका मूड बदल देता है ।

ऐसे कई बच्चे हैं जिन्हें कोई ख़ास सब्जी पसंद नहीं होती जैसे किसी को टमाटर या भिंडी आदि का स्वाद पसंद नहीं। कई मांए ये सवाल पूछतीं हैं कि मेरा बच्चा सब्जी मिक्स किया हुआ कोई भी रेसिपी नहीं खाना चाहता ऐसे में उसे आवश्यक प्रोटीन एवं विटामिन कैसे दिया जा सकता है! ऐसे में आप सब्जियों को अच्छी तरह ऊबाल कर उस ऊबले हुए पानी का इस्तेमाल आंटा गूंथने के दौरान या चावल पकाने के लिए कर सकती हैं ।

हमारी तरह छोटे बच्चे को भी नूडल्स पसंद होते हैं । भले ही वो कुछ और खाने के लिए तैयार ना हो पर लज़ीज दिखने वाले नूडल्स को देखते ही आपके पास आ जाते हैं और आप भी पेट भरने के ख्याल से उसे ये सब खिलाने को मजबूर हो जाती हैं । देखिए अगर नूडल्स बच्चे को इतना ही पसंद है तो आप घर में ही आटा या बेसन का नूडल्स बना सकती हैं जो सेहतमंद भी होगा ।

वजन बढाने वाले खाद्य पर्दाथ को डाईट में करें शामिल

कमज़ोर बच्चों को फैट वाली चीजें खिलानी चाहिए हलांकि कार्बोहाइड्रेट व प्रोटीन युक्त चीजें भी देना जरुरी है । अंडा, आलू, घी, मलाई वाला दूध, गाजर या सूजी हलवा, शुद्ध दूध में बना खीर, उड़द दाल, मूंग दाल से बने व्यंजन बच्चे को वेट गेन करने में मदद करते हैं ।

ड्राई फ्रुट्स खास कर बादाम को घी में भून कर उसका पाउडर दूध में मिला कर देने से फायदा होता है । दूध के साथ केला मिक्स कर के शेक बनाकर पिलाने से भी वजन बढ़ता है ।

खिलाने के तौर-तरीकों में ऐसे लाएं बदलाव  

आमतौर पर हमारे टॉडलर्स देर तक एक जगह रुकना पसंद नहीं करते है । इसलिए एक जगह बिठा कर जबरदस्ती करने की बजाए उसे सॉलिड फूड खिलाने के दौरान आप उसकी छोटी स्कूटर या साईकल का उपयोग करें । आजकल के बच्चे टीवी देखने के भी आदी होते हैं और अगर आपको उनके मनपसंद कार्यक्रम या चैनल का अंदाज़ा हो तो बड़ी आसानी से वो खाना खत्म कर लेंगे।

कई बच्चों को कहानियां सुनना छोटी उम्र से ही बेहद पसंद होता है । कहानी कहने के दौरान अपनी मां के फेशियल एक्सप्रेशन्स के द्वारा क्लाइमेक्स को समझने में वे इतने मशगूल हो जाते हैं कि बार-बार निवाला लेने के लिए अपना मुंह खोल देते हैं ।

हलांकि ये तब ही हो सकेगा जब आप उन्हें कहानियों में उलझा कर व्यस्त रख सकें ।तो मॉम्स अब कोई अच्छी सी कहानी सोच कर याद रखने की जिम्मेदारी आपकी ।