क्या आपका बच्चा भी खाना नहीं चबाता...जानिए आप उसकी मदद कैसे कर सकती हैं...

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आपको बताऊं , मेरा बेटा भी मुंह में निवाला लेकर जैसे भूल जाता था घंटों बैठना पड़ता था ओह ! मुझे भी अपने बच्चे को खाना चबाने की आदत डालने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ी ।

छोटे बच्चे को पेट भर खाना खिलाना हर मां के लिए सबसे बड़ा और मुश्किल काम होता है । ये एक ऐसा टास्क होता है जिसमें समय की कोई सीमा नहीं होती । आपका बच्चा मुंह में एक निवाला रख कर घंटों इंतज़ार करवा सकता है ।

'दरअसल बच्चों में ये समस्या बड़ी कॉमन है उन्हें ना चबाने की जैसे आदत सी हो जाती है शायद ही कोई बच्चा झटपट खा लेता हो । इसतरह खाने को निगल लेने से वो ठीक तरह हज़म नहीं हो पाता और खाना उनके शरीर में लगता ही नहीं है जिससे धीरे-धीरे बच्चा कमज़ोर होने लगता है ।

बच्चा खाना नहीं चबाता...

src=https://hindi admin.theindusparent.com/wp content/uploads/sites/10/2018/01/baby food.jpg क्या आपका बच्चा भी खाना नहीं चबाता...जानिए आप उसकी मदद कैसे कर सकती हैं...

शिशु को चाटना और चूसना पहले से ही आता है दांत आने के दौरान वो काटना भी खुद ही सीख जाते हैं बस आपको उसे भोजन चबा कर खाने की सीख देनी होगी ।

6 माह की अवस्था से जब आप अपने शिशु को दूध के अलावा अन्य तरल पदार्थ या अनाज से बनी हल्की चीजें खिलाना शुरु करती हैं तब शिशु को अलग-अलग स्वाद का अनुभव होता है ।

इस समय भी पूरी तरह से प्यूरी बनी चीजें ही चम्मच की मदद से खिलाना होता है जिसे शिशु आराम से निगल लेता है । इसी समय से अगर आप शिशु को बिठा कर उनका भोजन कराएं तो उसे चबाने की कोशिश करने में आसानी होगी ।

चूंकि इस अवस्था के दौरान आप सेरेलैक या किसी भी अनाज का लिक्विड फार्म ही शिशु को देती हैं तो उन्हें लिए इसे पचाना और खाना दोनों ही आसान होता है । दिक्कत तो तब शुरु होती है जब 9 माह की आयु से अधिक होने पर आप उसे प्यूरी की बजाए थोड़ा स़ॉलिड फूड देना चाहती हों या उन्हें खुद से खाने की ट्रेनिंग देना चाहती हों ।

तो आईए जानें बढ़ते शिशु को चबाकर खाने की ट्रेनिंग कब और कैसे दें...

आपने गौर किया होगा जैसे ही शिशु घिसकना शुरु करते हैं वो सबसे पहले हर एक चीज को छूने की कोशिश करते हैं और फिर उसे मुंह में लेते हैं । इसी समय से आप उसे खाने की चीजों से अवगत करा सकती हैं ।

  • अगर आपने 9-10 माह तक या उसके बाद भी प्यूरी बनाकर पिलाना जारी रखा है तो ये सही नहीं होगा । इस अवस्था से मैश्ड फूड देना चाहिए जिसमें खाना निगलने की बजाए चबाने की थोड़ी गुंजाईश हो । चबाकर खाने से बच्चे के जबड़े, मसूढ़ों में भी ताकत आएगी और खाना शरीर को भी पुष्ट करेगा ।
  • जैसे ही बच्चा बैठने लगे या 8-9 माह से ही उसे नर्म खिचड़ी, दलिया, रवा का हलवा आदि खिलाना चाहिए ताकि वो साल भर का होते हुए चबाना सीख जाए ।  
  • बच्चे के स्वाद को बदलने के लिए और रुचि बरकरार रखने के लिए उन्हें अलग-अलग व्यंजन देना चाहिए भली ही थोड़ी मात्रा में पर उनका जायका बदलते रहना ज़रुरी है ।
  • 7 वे माह से शिशु को पतली सी प्यूरी देने की बजाए थोड़ी मोटी प्यूरी खिलाने से उसे तुरंत निगलने में दिक्कत होगी और वो चबाने की कोशिश शुरु करेगा ।
  • 1-2 साल के बच्चे खाना चबाने के मामले में बहुत परेशान कर देते हैं। शुरुआती ट्रेनिंग के बावज़ूद भी वो ना खाने के बहाने या फिर किसी तरह खाना ख़त्म करने के लिए निगल लेते हैं जो कि मल के रुप में जस का तस शरीर के बाहर आ जाता है ।
  • जितनी जल्दी हो सके बच्चे को अपने हाथ से खाना सिखाएं । इसके लिए आप उसके हाथ में रोटी, पराठे, नमकीन पूरी या इडली जैसी नर्म चीजें पकड़ा सकती हैं।
  • बच्चा जब खाना मुंह में रख कर बैठ जाता हो तो घर के अन्य सदस्यों के साथ ही उसे भी खिलाएं इससे बच्चा नकल करते हुए खाना सीख जाएगा ।
  • एक सबसे असरदार तरीका ये है कि बच्चे के मुंह में निवाला डालने के साथ आप भी चबाना शुरु कर दें और उसे दोहराने को कहें ।

आपको बताऊं, मेरा बेटा भी मुंह में निवाला लेकर जैसे भूल जाता था घंटों बैठना पड़ता था ओह ! मुझे भी अपने बच्चे को खाना चबाने की आदत डालने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ी । फिर भी मैंने कोशिश ज़ारी रखी और उसे खाना खिलाने के दौरान जब भी वो शांत बैठ जाता था मैं उसे कहती...य्म्म य्ममम...कहो ।

धीरे-धीरे वो इस शब्द को कहने की कोशिश करने लगा और उसके मुंह के भीतर मुंवमेंट होते ही वो चबाने के बाद निगलना सीख गया...अपने बच्चे को नई चीजें सिखाने के लिए हर मां की अलग और अनोखी तकनीक होती है आप भी हमसे अपनी खास तकनीक जरुर साझा करें ।