विशेषज्ञ की राय: प्रेग्नेंसी में बेबी की किक किन बातों का इशारा करती है?

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जब बेबी किक मारता है तो वो स्पेशल मोमेंट होता है ।ये छोटे छोटे गुदगुदी करने वाले किक आपको एहसास दिलाते हैं कि आपके अंदर एक जिंदगी है।

कोई भी औरत मां बनने वाली हैं उनसे अगर आप पूछेंगे कि सबसे एक्साइटिंग मोमेंट कौन सा था वो भी यही बोलेंगी जब बेबी किक मारता है तो वो स्पेशल मोमेंट होता है ।ये छोटे छोटे गुदगुदी करने वाले किक आपको एहसास दिलाते हैं कि आपके अंदर एक जिंदगी है।

एक प्रेग्नेंट महिला 16 से 25वें सप्ताह तक किक को महसूस करती है। इसे Quickening भी कहते हैं। कई बार पहली बार प्रेग्नेंट होने वाली माएं 25वें सप्ताह में इसे महसूस करती हैं लेकिन अगर आप दूसरी बार मां बन रही हैं तो  13वें सप्ताह से आप किक महसूस करने लगेंगी।

हालांकि ज्यादातर मॉम जब आराम कर रही होती हैं तब इसे महसूस करना पसंद करती हैं।

हमने फरीदाबाद के फोर्टिस हॉस्पिटल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ इंदु तनेजा से बात करने की कोशिश की ताकि इसके बारे में और भी अधिक जानकारी मिल सके। उन्होंने हमें बताया कि बेबी का पहला किक अगर आपने महसूस किया तो इसका अर्थ है आपका पांचवां महीना चल रहा है। बेबी का किक उनके विकास के अलावा भी कई और बातों की ओर इशारा करता है।“ डॉ तनेजा ने हमें 7 बातें बताईं जो बेबी की किक इशारा करता है

1. पहला किक बेबी का विकास बताता है

डॉ तनेजा ने हमें बताया कि बेबी का पहला किक सबसे पहले उसका सही समय बताता है कि वो कितने महीने का है।इससे ये भी पता चलता है कि बेबी एक्टिव है। सबसे मजेदार बात ये है कि जब बेबी अपने अंगो को पेट के अंदर फैलाता है तो आपको एक अजीब सी फड़फड़ाहट महसूस होगी।

2. वातावरण में बेबी की प्रतिक्रिया

आप खुद जब कुछ काम करेंगी तो आपको बेबी का मूवमेंट भी महसूस होगा हो सकता है वो अंदर इधर उधर  हो और किसी आवाज या खाने पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहा हो लेकिन इस पर डॉ तनेजा का कहना है कि कोई घबराने वाली बात नहीं है।

3. बायीं तरफ लेटने से अधिक किक

डॉ तनेजा ने हमें एक और बात बताई कि “जब मांएं बायीं ओर करके सोती हैं तो वो ज्यादा किक महसूस करती हैं क्योंकि बायीं करवट सोने से भ्रूण तक अधिक रक्त पहुंचता है। इसलिए बेबी अधिक मूवमेंट करने लगता है।बायीं तरफ लेटने के बाद आप अगर आप ज्यादा किक महसूस कर रही हैं तो डरिए मत क्योंकि ये बेबी का बढ़ रहा एनर्जी दिखाता है।“

4. किक से भविष्य में कैसा व्यवहार होगा पता चलता है

जी हां डॉ तनेजा के अनुसार “बेबी का किक ये भी दर्शाता है कि उसका भविष्य कैसा होगा। अगर बेबी बहुत अधिक किक मारता है तो इसका अर्थ है कि आपको हमेशा अपने बच्चे के पीछे दौड़ना होगा। कुछ दिनों पहले की एक स्टडी से ये भी पता चला है कि बेबी का अधिक किक करना उसके दिमाग का विकास भी दिखाता है।"

5.  9वें महीने में भी हो सकती है किक की शुरूआत

आप किक 16 से 25 सप्ताह के बीच महसूस कर सकती हैं लेकिन इसका नॉर्मल समय नौवां महीना ही है। इसलिए अगर आप 16वें सप्ताह में फड़फड़ाहट जैसा कुछ महसूस करती हैं तो ये बिल्कुल नॉर्मल है। 24वें सप्ताह के बाद आप अधिक किक महसूस करेंगी।

6. अगर किक में कमी आए तो अर्थ है कि बेबी परेशानी में है

डॉ तनेजा ने बातचीत के दौरान कहा बेबी का किक 28वें सप्ताह के बाद कम हो जाता है तो अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लीजिए। किक में कमी इस बात को दिखाती है कुछ समस्या है। आपको 10 किक का एवरेज टाइम पता होना चाहिए ताकि आप समझ सकें कि उसके किक में बदलाव आया है। कम किक से ये भी पता चलता है कि बेबी तक सही मात्रा में ऑक्सिजन नहीं पहुंच पा रहा है या मां के सुगर लेवल में गिरावट आई है।

उन्होंने ये एक सलाह भी दी कि अगर आप किसी भी तरह का मूवमेंट ना महसूस करें ते एक ग्लास ठंढा पानी लें और घूमने निकले। अगर बेबी 2 घंटे में 10 बार किक ना करे तो तुरंत ही डॉक्टर के पास जाएं और अल्ट्रासाउंड करवाएं। अगर डॉक्टर को समस्या लगे तो वो तुरंत ऑपरेशन कर बेबी को निकालेंगे।

7. 36वें सप्ताह से किक में कमी चिंता का कारण नहीं

डॉ तनेजा ने बताया कि अगर बेबी का किक 36वें सप्ताह के बाद कम जाए तो इसमें चिंता करने वाली कोई बात नहीं है। 36वें सप्ताह के बाद बेबी कम घूमता है इसलिए आप सिर्फ रिब्स में ही किक महसूस कर पाएंगी।

डॉ तनेजा ने साथ ही ये भी कहा कि गर्भाशय में बेबी का किक एक अलग ही खुशी देता है कि वो एक नई जिंदगी को जन्म देने जा रही हैं।

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Source: theindusparent