"मेरे नियमित प्रयास के बावजूद प्रेग्नेंट ना हो पाने का कारण सिर्फ एक था..."

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तीन महीने के बाद मेरा पीरियड नहीं आया और मैं सातवें आसमान पर थी लेकिन अगले ही पल सारे अरमानों पर पानी फिर गए क्योंकि प्रेग्नेंसी टेस्ट निगेटिव था

किसी भी दूसरी औरत की तरह मैंने भी यही निर्णय लिया था कि मैं शादी के बाद बेबी के लिए कम से कम दो साल का समय लुंगी। मैं आपको बताना चाहूंगी कि मेरी शादी 24 साल में हुई थी और तब मैंने अपने करियर की शुरूआत की थी। मैं किसी भी हाल में उस समय ब्रेक लेकर बेबी नहीं चाहती थी।

मैं अपनी जिंदगी में काम और बाकी प्राथमिकताओं पर ज्यादा ध्यान देने लगी। ऐसे ही दिन से महीने बदले और देखते देखते 6 साल गुजर गए और तब मैंने सोचा कि ये बेबी का सही समय है लेकिन जल्द ही मुझे एहसास हो गया कि प्रेग्नेंट होना इतना आसान नहीं है।

मैंने इस बीच यह भी महसूस किया कि मेरा वजन काफी बढ़ चुका था।मेरी अंगुठी तक मुझे नहीं आ पाती थी और फेवरिट जींस पहन पाना तो दूर की बात है। मुझे लगा ये व्यायाम ना कर पाने और व्यस्त जिंदगी की वजह से है। मैंने अलग अलग पोजिशन तक ट्राई किया ताकि प्रेग्नेंसी टेस्ट का सकारात्मक रिज्लट आए ।

सभी प्रयास फेल हो चुके थे

लेकिन मुझपर किसी भी चीज का असर नहीं हो रहा था। मैंने अपनी मम्मी और बाकी रिश्तेदारों से यहां तक अच्छे पोजिशन के बारे में भी पूछा। किसी ने कहा "सेक्स के दौरान बैक के नीचे तकिया का इस्तेमाल करने से गर्भ धारण की संभावना बढ़ जाती है"। किसी ने नारियल खाने कहा लेकिन किसी भी सुझाव का कोई असर नहीं हुआ।

तीन महीने के बाद मेरा पीरियड नहीं आया और मैं सातवें आसमान पर थी लेकिन अगले ही पल सारे अरमानों पर पानी फिर गए क्योंकि प्रेग्नेंसी टेस्ट निगेटिव था। 15 दिन के बाद पीरियड भी आ गया। मुझे लगा कि तनाव के कारण शायद पीरियड देर से आया हो।

तीन महीने के बाद फिर से पीरियड्स नहीं आया लेकिन रिजल्ट इस बार भी निगेटिव ही था। इसके बाद मेरी परेशानी बढ़ गई और मैंने गायनोक्लॉजिस्ट से संपर्क करने की सोची। डॉक्टर ने मुझे पहले थायरॉड टेस्ट (TSH) कराने को कहा।

प्रेग्नेंसी में देरी का कारण

मेरे अनियमित पीरियड और प्रयास के बावजूद प्रेग्नेंट ना हो पाने का कारण सिर्फ एक था कि मुझे हाइपोथाइरॉयड था जिसकी वजह से मेरी प्रेग्नेंसी में देरी हो रही थी। इसके कई और भी लक्षण थे जैसे जल्दी थकावट, मूड बदलना,बाल झड़ना लेकिन ये लक्षण इतने कॉमन हैं कि मैंने कभी ध्यान ही नहीं दिया।

मैं इस मामले में लकी थी कि मुझे एक अच्छी गायनोक्लॉजिस्ट मिली सही समय पर मिली। उसने मुझे सही ट्रीटमेंट दी और बेबी के प्लान को कुछ दिन के लिए रोकने को कहा। दो महीने की दवाई के बाद उन्होंने मुझे फिर से थायरॉयड टेस्ट करवाने को कहा और बेबी के लिए भी कोशिश करने की सलाह दी। आपको शायद यकीन नहीं होगा एक महीने के अंदर आखिर मैं भी वो दो पतली लाल लकीरें देख पाई मतलब साफ था मैं मां बनने वाली थी।

थायरॉयड हार्मोंन के लेवल का कम होना या थायरॉड ग्लैंड के एक्टिव नहीं होने की वजह से ओवरी से एग्स नहीं निकल पाते और इससे मां बनने की संभावना कम हो जाती है। Mayo Clinic के अनुसार हाइपोहाइथॉयरॉयड  की वजह से कई और भी समस्या हो सकती है जिसकी वजह से मां बनने में रुकावट हो सकती है।
अगर आप भी ऐसी किसी समस्या से जुझ रही हैं तो मेरी सलाह मानिए और एक बार जाकर थॉयरॉयड टेस्ट जरुर कराएं।

हो सकता है इस वजह से आपको मां बनने में देरी, मूड का बदलना, और काफी हार्मोनल प्रॉब्लम होते हैं।

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Source: theindusparent

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