प्रेगनेंसी में सुंदर शिशु की तस्वीर देखने से क्या सचमुच गुड लुकिंग शिशु पैदा होता है

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लड्डू खाते हुए नटखट कान्हा की एक तस्वीर को सिरहाने रख कर सोने की सलाह भी मुझे दी गई साथ ही माखन खाते हुए कृष्णा की मनमोहक छवि दिन-रात स्मरण करने की सलाह दी गई । उन दिनों मेरे घर की हर एक वॉल पर सुंदर शिशु वाली पोस्टर ही लगी होती थी ।

गर्भावस्था के दौरान हम सभी यही चाहते हैं कि होने वाला शिशु गज़ब की मासूमियत और अति सुंदर रुप लेकर पैदा हो। इसके लिए मां बनने वाली महिलाओं से कई प्रयास भी करवाए जाते हैं । अधिकांश महिलाओं ने इसे अनुभव किया होगा कि कैसे लोग उन्हें अलग-अलग चीजें खाने या करने की सलाह देते हैं ताकि बेबी सुंदर हो सके । सब जानते हुए भी मैंने बड़ों की बातें मानने की मजबूरी में काफी कुछ ट्राई किया है ।

बेबी कंसीव करने के साथ ही मेरे लिविंग रुम की दिवारों पर कई क्यूट बच्चों की तस्वीरें टांग दी गई थी ।लड्डू खाते हुए नटखट कान्हा की एक तस्वीर को सिरहाने रख कर सोने की सलाह भी मुझे दी गई साथ ही माखन खाते हुए कृष्णा की मनमोहक छवि दिन-रात स्मरण करने की सलाह दी गई । उन दिनों मेरे घर की हर एक वॉल पर बच्चों वाली पोस्टर ही लगी होती थी ।

ये सब बस इसलिए कि आने वाला शिशु सुंदर और कृष्ण की तरह ही मनमोहक रुप लेकर आए । चूंकि मुझे बच्चे हमेशा से ही अच्छे लगते थे तो उन्हें देखते रहने में कोई आपत्ति नहीं थी बस समस्या ये हो रही थी कि ना चाहते हुए भी हर आने जाने वाले मेहमानों को मेरे प्रेगनेंसी की ख़बर लग जाती थी और शुरु हो जाता था कई तरह के कोमेंट्स और कॉम्पिमेंट्स का सिलसिला।

प्रेगनेंसी में सुंदर शिशु की तस्वीर

सबसे पहले तो मैं आपके कन्फ्युज़न को दूर करते हुए ये बता दूं कि महज़ पोस्टर देखते रहने से, या अपने मनपसंद शिशु की छवि आंखों के सामने रखने से आपका शिशु सुंदर नहीं हो सकता । आपका होने वाला शिशु अपने माता-पिता या अपने वंशजों पर ही पड़ेगा ना कि उस पोस्टर वाले सुंदर से शिशु पर? खैर, मेरे किस्से में आगे जो हुआ वो और भी मज़ेदार था ।

six month old baby प्रेगनेंसी में सुंदर शिशु की तस्वीर देखने से क्या सचमुच गुड लुकिंग शिशु पैदा होता है

संयोग वश मेरे शिशु की आंखें छोटी हैं जिसका संभावित कारण ये बताया गया कि मैंने छोटी आंखों वाले बच्चे की तस्वीर अधिक देखी और तो और, शिशु की छोटी नाक मेरे बेडरुम वाली तस्वीर में दिख रहे चपटी नाक वाले शिशु की वजह से है। सोचिए ये सब कितनी बड़ी गलतफहमी है ।

जानिए क्या है इस मिथक की असली वजह

प्रेगनेंसी में आपका खुश रहना अनिवार्य होता है ताकि गर्भ में पल रहा शिशु तनावमुक्त एवं स्वस्थ रह सके । चूंकि गर्भावस्था के दौरान हार्मोन्स में उतार-चढ़ाव के कारण आप भी मूड-स्विंग्स आदि को झेल रही होती हैं तो ऐसे में आपको खुश रहने के कारण चाहिए होते हैं जिससे आपके भीतर सकारात्मकता आ सके ।

इसके लिए ही आपको अपने आस-पास ऐसी चीजों को रखना चाहिए जिसे देख कर आपको अच्छा महसूस हो ।जैसे- बच्चे की तस्वीर या फिर अपने या पति के बचपन की तस्वीर कमरे की दीवार या मेज पर लगा कर रखना चाहिए ।

प्रेगनेंसी के समय आप शिशु से जुड़ी सभी वस्तुओं को देखने या जानने के लिए उत्साहित रहती हैं । ऐसे में कभी ऐकाकीपन में जब आपको अच्छे ख्याल नहीं आ रहे होते हैं और फिर जब आपकी नज़र शिशु की तस्वीर पर जाती है तो अचानक से ही आपका मन कुंठाओं को भूल कर वात्सल्य से भर उठता है और आप आने वाले शिशु को लेकर सपने बुनने लगती हैं ।

गर्भावस्था के दौरान एक मां को स्वास्थ्य वर्धक आहार के साथ तनावमुक्त माहौल भी मिलना चाहिए ताकि गर्भ में पल रहा शिशु पूरी तरह स्वस्थ रहे । खुशहाल शिशु के लिए आपको गर्भ में अपने शिशु से बातें करनी चाहिए धीमी आवाज़ में गाने सुनना चाहिए, अपनी आवाज़ में उसे कोई लोरी सुनाने की आदत डाल सकती हैं ताकि जन्म के बाद जब आप उसे वही आवाज़, वही धुन सुनाएं तो वो शांत हो सके ।

शोध भी ऐसे प्रमाण देते हैं कि मां के द्वारा किया गया काम गर्भ में पल रहे शिशु को प्रभावित करता है इसलिए संतान के प्रति मां की ड्यूटी गर्भावस्था से ही शुरु हो जाती है ।