pregnancy एक औरत की कमज़ोरी नहीं, ताकत है !

प्रेग्नेंट होना एक औरत की शारीरिक और मानसिक मज़बूती की निशानी है, उसकी कमज़ोरी नहीं !

प्रेग्नेंट होना एक औरत की ज़िन्दगी और उसके परिवार को खुशियों से भर देता है । एक तरफ जहाँ दोस्त और परिवार उसे प्यार और दुलार से पलकों पर बिठा लेते हैं, वहीँ उसे प्रोफेशनल तौर पर हैंडीकैप/ अनफिट भी डिक्लेअर कर देते हैं ।

ये सच यही की माँ बनने के साथ बहुत सारी सावधानियां और ज़िम्मेदारियाँ जुडी होती हैं, लेकिन इसका ये मतलब बिलकुल नहीं है की प्रेगनेंसी की हालत मैं कोई भी औरत प्रोफेशनली कमज़ोर हो जाती है ।

अपनी तरफ से बेस्ट परफॉरमेंस देने के बाद भी प्रेग्नेंट औरतों के साथ भेद- भाव किया जाता है । भले ही फिर वो प्रमोशन को लेकर हो या उनके फिज़िकल स्टेटस को लेकर । उनकी प्रेगनेंसी की वजह से उन्हें कम आकां जाता है और जान बुझ कर उन्हें औरों से पीछे कर दिया जाता है ।

यही वजह है की अपने करियर को लेकर सीरियस लड़कियां शादी और बच्चे को प्रेफरेंस देने से कतराने लगी हैं, क्योंकि उन्हें लगत है की परिवार की वजह से उन्हें अपने महनत से बनाये करियर की बलि देनी होगी ।

आज दुनिया की सोच बदल रही है, औरतें जितने अच्छे से घर संभल सकती हैं वो उतनी ही एक्सपर्टीज़ के साथ अपने ऑफिस और करियर को भी सँभालने के काबिल हैं ।

परिवार और कर्रिएर में से किसी एक को चुनने की बंदिश आज की औरतों को अपने सामने पुरे करने से नहीं रोक सकती ।
'मायंतरा' का ये विडिओ हमारी हर उस बे- बुनियाद सोच को बदलने की एक कोशिश है, जो प्रेगनेंसी को एक औरत की कमजोरी से जोड़ कर देखती है ।

 

 

 

इस भेद भाव को खत्म करने लिए हमे बलवा की शुरुवात अपने घर और ऑफिस से करनी होगी-

  • जब तक डॉक्टर 'टोटल बेड रेस्ट' पर जाने की लिए न कहे, तब अपनी प्रेग्नेंट बीवी पर उसके बिना चाहे नौकरी छोड़ने का प्रेशर न डालें
  • घर की जिम्मेंदारी को बीवी के साथ मिल कर उठाएं
  • डिप्रेशन और स्ट्रेस के सिचुएशन में उन्हें पूरा इमोशनल सपोर्ट देने की कोशिश करें
  • अगर आप एक एम्प्लायर हैं, तो अपनी प्रेग्नेंट एम्प्लॉय के साथ किसी भी तरह का भेद -भाव न करें, बल्कि उन्हें छुटियाँ और प्रेगनेंसी से जुड़े बाकि बेनिफिट्स जल्द- से - जल्द देने की कोशिश करें
  • अपने प्रेग्नेंट कोलीग को परेशान और अम्बेरेस करने की जगह उन्हें सपोर्ट करें

 

यकीन मानिये प्रेगनेंसी के दौरान अपने इमोशंस पर काबू कर पाना बहुत मुश्किल होता हैं । और इस सब के बावजूद जब एक प्रेग्नेंट औरत अपने ऑफिस आना चाहती है और अपने करियर पर ध्यान देना चाहती है, इसका मतलब है की वो सच में बहुत बहादुर है 

माँ बनना गर्व की बात है शर्मिंदगी की नहीं । इसलिए हमे कोई हक़ नहीं बनता की हम एक औरत की प्रेगनेंसी को उसकी कमज़ोरी समझ कर उन्हें पीछे छोड़ दें ।

प्रेगनेंसी उसकी कमज़ोरी नहीं है! बल्कि, उसकी  शारीरिक और मानसिक मज़बूती की  निशानी है ।

 

 

इस आर्टिकल के बारे में अपने सुझाव और विचार कॉमेंट बॉक्स में ज़रूर शेयर करें  

Hindi.indusparent.com द्वारा ऐसी ही और जानकारी और अपडेट्स के लिए  हमें  Facebook पर  Like करें