प्रसव के दौरान गर्भनाल से जुड़े 3 खतरों का रखें ध्यान

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गर्भनाल बच्चों के लिए लाइफलाइन के समान होता है जिसकी मदद से उन्हें ऑक्सीजन और सभी पोषक तत्व मिलते हैं। लेकिन यही गर्भनाल प्रसव के समय बच्चों के लिए खतरा बन सकता है।

गर्भाशय में बेबी का विकास होता है और वो गर्भनाल की मदद से जुड़े हुए होते हैं। गर्भनाल बच्चों के लिए लाइफलाइन के समान होता है जिसकी मदद से उन्हें ऑक्सीजन और सभी पोषक तत्व मिलते हैं। लेकिन यही गर्भनाल प्रसव के समय बच्चों के लिए खतरा बन सकता है।

यहां गर्भनाल से जुड़े कुछ खतरों के बारे में हम आपको बता रहे हैं जो प्रसव से पहले जानना बहुत जरूरी है।

1. गर्भनाल प्रोलैप्स

कई बार प्रसव के दौरान गर्भनाल गर्भाशय से बाहर आ जाता है और इस स्थिति में गर्भनाल में बेबी लिपट जाते हैं और इससे उन्हें ऑक्सीजन जरूरी मात्रा में नहीं पहुंच पाता है।

इलोइलो की एक मां बारबरा* ने theAsianparent Philippines को बताया कि प्रसव के दौरान कुछ परेशानियों की वजह से उन्हें नजदीकी अस्पताल में जाना पड़ा। उन्होंने वहां एक हेल्दी बेबी को जन्म तो दिया लेकिन बेबी को मस्तिष्क पक्षाघात (cerebral palsy) हो गया जो एक ऐसा विकार है बच्चे के मस्तिष्क में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाने की वजह से होता है। अगर इसे तुरंत नहीं पहचाना गया तो बहुत बार बेबी की मृत्यु भी हो जाती है। गर्भनाल प्रोलैप्स तुरंत नहीं होता और ये अधिक बढ़ जाने पर बच्चे के लिए जानलेवा भी हो सकता है।

यहां हम गर्भनाल प्रोलैप्स के कुछ कारण बता रहे हैं जो BirthInjuryGuide.org ने बताए हैं:

  • पैर की तरफ से जन्म
  • समय से पहले जन्म
  • अधिक मात्रा में भ्रूण अवरण द्रव्य
  • अधिक लंबे गर्भनाल

src=https://i0.wp.com/ph.theasianparent.com/wp content/uploads/2015/06/21.jpg?zoom=2.5&resize=628%2C418&ssl=1 प्रसव के दौरान गर्भनाल से जुड़े 3 खतरों का रखें ध्यान

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2.Nuchal गर्भनाल

इसे गर्भनाल कॉइल भी कहते हैं। गर्भनाल खुद ब खुद बेबी के गले में फंदे की तरह चारों तरफ फंस जाता है। ये एक बार या कई बार गले में चारों तरफ फंस जाते हैं। जुड़वा बच्चे, अधिक बड़े बच्चे या पैर की तरफ जन्म में इसकी संभावना अधिक होती है। ये रक्त संचार को, हृद्य गति शरीर में ऑक्सीजन को भी रोक सकते हैं।

इस परिस्थिति में मां कुछ नहीं कर सकती। हालांकि महिला रोग विशेषज्ञ डॉ मिशेल हकाखा के अनुसार इसके लिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।

लॉस एंजेल्स बेस्ड डॉक्टर के अनुसार “बेबी को ऑक्सीजन गर्भनाल से मिलता है ना कि वायु से” उन्होंने Parents.com के एक सवाल के जवाब में कहा कि “प्रसव के दौरान बेबी का सर बाहर आते ही डॉक्टर सबसे पहले उंगली डालकर देखते हैं कि कहीं वहां गर्भनाल तो नहीं है। अगर वो वहां होता भी है तो तब काफी ढीला होता है और बेबी पूरा शरीर आसानी से बाहर निकल जाते हैं।“

3. गर्भनाल में गांठ

अगर आपका बेबी गर्भाशय में अधिक किक मारता है या घूमता है तो गांठ की अधिक संभावना होती है। हालांकि ये बहुत ढीले गांठ होते हैं लेकिन प्रसव के दौरान ये मजबूत भी हो जाते हैं।

What To Expect के अनुसार जिन बच्चों के अधिक लंबे गर्भनाल होते हैं उनके गर्भनाल में गांठ पड़ने की अधिक संभावना होती है। 2000 बच्चों में एक बच्चे के गले में मजबूत गांठ पड़ती है जो प्रसव के दौरान समस्या उत्पन्न करती है।

पैरेंट्स को क्या ध्यान रखा चाहिए? 37वें सप्ताह के बाद पैरेंट्स को ध्यान रखना चाहिए कि बेबी की गर्भ के अंदर एक्टिविटी के ऊपर ध्यान रखना चाहिए। आपको आश्वस्त होना चाहिए कि गर्भाशय में वारटन जेली रहे जो रक्त कोशिकाओं को गांठ बनने के बाद भी सुरक्षित रखता है।

मेरी मां भी जब छोटे भाई को जन्म देने वाली थी तब उसकी हृदय गति काफी कम थी और मां नॉर्मल डिलिवरी के लिए तैयार थीं। उनके डॉक्टर को समझ आ गया कि गांठ पड़ने की संभावना है इसलिए उन्हें अपातकाल में सी-सेक्शन करना पड़ा। वो 10 पाउंड वजन और बहुत सारे बाल के जन्म लिया। सारा श्रेय डॉक्टर की तीक्ष्ण सोच को जाता है।

Source: theindusparent.com