पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOD) के बारे में जानिए सबकुछ..आज और अभी

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PCOD लगभग 17 प्रतिशत भारतीय महिलाओं पर असर करता है। हमारे विशेषज्ञों ने इससे जुड़े कुछ जरूरी उपाय और उपचार भी बताए जो आप भी जरूर जानिए।

सेलिब्रिटी न्यूट्रिनिस्ट रुजुता दिवेकर ने हाल में ही अपनी किताब में महिलाओं के बीच सबसे अधिक भय पैदा करने वाला हार्मोनल समस्या पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के बारे में बात की है। इसके बारे में रुजुता ने अपनी किताब द पीसीओडीथायरॉयड बुक में लिखा है।

बैंगलोर में बुक लॉन्चिंग के दौरान एक दैनिक अखबार से बातचीत में रुजुता ने कहा कि “थायरॉयड और पोलिसिस्टिक ओवरियन डिसऑर्डर (PCOD) की समस्या शहरों में बहुत तेजी से बढ़ रही है। मुझे दुनिया भर से कई ईमेल और सोशल मीडिया मैसेज आते हैं कि इससे कैसे लोग छुटकारा पाने की कोशिश कर रहे हैं।“

भारत में PCOD

यह हार्मोनल असंतुलन हमारे देश में कई महिलाओं को प्रभावित कर रहा है। मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड द्वारा किए गए पैन इंडिया सर्वे में 27, 411 टेस्टोस्टेरोन के सैंपल 18 महीनों में लिए गए। इनमें से 4824 (17.60%) महिलाओं में हार्मोनल समस्याएं पाई गई जिसमें पोलिसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम भी शामिल है।

क्या है पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOD)?

पोलिसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है जिसमें महिलाओं की ओवरी में छोटेछोटे फॉलिक्यूलर सिस्ट हो जाते हैं। इनका डायमीटर 0.5-1.0 सेमी तक होती है। इसकी वजह से अंडाणु शरीर से डिस्चार्ज नहीं हो पाते हैं।

Southend IVF Fertility Centre, दिल्ली की डॉ.सोनिया ने समझाते हुए कहा “जब महिला PCOD से ग्रसित होती है उनकी प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है। इसमें ओवरी सामान्य से अधिक एंड्रोजेन्स (पुरुष हार्मोन) का उत्पादन करता है। हार्मोन के स्तर ऊंचा होने के कारण इससे अंडे का विकास भी प्रभावित होता है।“

 
src=http://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2016/03/pcosss 1441095494.jpg पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOD) के बारे में जानिए सबकुछ..आज और अभी

उन्होंने PCOD के कुछ लक्षण भी बताया जो हर उम्र की महिलाओं को प्रभावित कर सकता है।

  • किशोरावस्था में PCOD से ग्रसित होने के कारण बालों के अधिक झड़ने और अनियमित पीरियड्स की समस्या होती है।
  • प्रजनन आयु वर्ग में महिलाओं को गर्भधारण संबंधी समस्या होती है जिसके लिए बाद उपचार की जरूरत पड़ती है। महिलाओं में बांझपन का PCOS सबसे मुख्य कारणों में से एक है।
  • अधिक बाल होना: चेहरे, छाती, पेट, पीठ आदि पर अधिक बालों का उगना।
  • ओवरी में सिस्ट के कारण मुंहासे, तैलीय त्वचा और रूसी की समस्या हो सकती है।
  • PCOD के कारण वजन बढ़ना, कमर के पास अधिक वजन बढ़ना और बालों का पतला होना भी गंभीर समस्या है।
  • गला, बांह, छाती, जांघ पर काले या भूरे रंग के धब्बे नजर आते हैं। सबसे अधिक धब्बे हाथ के बगल और गले मे होते हैं।

डॉ मलिक के अनुसार साल दर साल PCOD महिलाओं में कई कारणों से बढ़ते जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “लाइफस्टाइल में बदलाव, व्यायाम में कमी, डाइट की आदत, प्रदूषण, तनाव के कारण, काम में असमंजस्य की कमी से भी होता है। इस वजह से डायबिटीज मेलटस, अधिक पेशाब आना या कैंसर भी हो सकता है। ”

PCOD के उपचार के बारे में अधिक जानने के लिए आगे पढ़ें

PCOD का उपचार

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर कम उम्र में इसका पता चल जाए तो इसे रोका जा सकता है। इससे डायबिटीज या दिल की बीमारी से भी बचा जा सकता है। डॉ. मलिक के अनुसार “कोई भी स्वास्थ्य समस्याओं की संभावना को कम करने के लिए जरूरी कदम उठा सकता है।” डॉ. मलिक ने हमें बताया कि इसका सबसे प्राथमिक कदम सही खाना, धुम्रपान नहीं करना और व्यायाम है।  

1. लाइफस्टाइल में सुधार

कई महिलाओं का PCOD के कारण वजन बढ़ जाता है और कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं। इसके लिए अपने वजन को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है और जाहिर है वजन कंट्रोल में रखने के लिए हेल्दी खाना और व्यायाम करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

  • अधिक चीनी और प्रोसेस्ड फूड को नजरअंदाज करें।
  • अपने डाइट में फल, सब्जियां, अनाज, फैट रहित मील को शामिल करें। इससे ब्लड शुगर कम होता है और आपके शरीर में हार्मोन का स्तर सामान्य होता है।

2. डाइट में बदलाव

  • अधिक चीनी युक्त खाना ना खाएं। सॉफ्ट ड्रिंक, कुकीज, केक, चॉकलेट, मिठाई, सुबह के नाश्ते में प्रोसेस्ड अनाज को खाने से बचें।
  • चीनी से बने वो पदार्थ जिसमें अधिक मात्रा में फ्रुक्टोज, कॉर्न सिरप हो उसे ना खाएं।
  • खाने में अधिक से अधिक सब्जियों को शामिल करें और कम से कम सब्जियों की पांच सर्विंग्स आपके रोज के खाने में जरूर होनी चाहिए।
  • प्रोसेस्ड अनाज वाले खाने जैसे सुबह के नाश्ते के लिए डिब्बा बंद सीरियल, सफेद ब्रेड, पास्ता नुकसानदायक है। इससे बेहतर है कि आप कम मात्रा में सही लेकिन होल ग्रेन खाएं।
  • फाइबर के कारण ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है और आपका पाचन तंत्र सही से काम करता है। आपका लक्ष्य एक दिन में 25-30 ग्राम फाइबर खाना होना चाहिए।
  • प्रोटीन से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है। अपने खाने में ताजे मछली, फैटफ्री मीट, ऑर्गेनिक चिकन, ऑर्गेनिक अंडे, होल ग्रेन, फलियों को शामिल करें। ये सभी प्रोटीन के अच्छे स्त्रोत माने जाते हैं।
  • हमेशा ध्यान रखें कि खाना सही समय पर खाएं और मध्यसुबह और मध्यशाम में हेल्दी नाश्ता करें ताकि आपके ब्लड शुगर का लेवल संतुलित रहे।
  • इस बात का भी ध्यान रखें कि आप फल, प्राकृतिक दही, नट्स आदि को हेल्दी नाश्ते के तौर पर लें।
  • src=http://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2016/03/breakfast 991821 1280.jpg पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOD) के बारे में जानिए सबकुछ..आज और अभी

    You must include whole grains in your daily diet to make up for the needed amount of protein

3. गर्भ निरोधक गोलियां

आप अपनी महिला रोग विशेषज्ञ से सलाह लें कि क्या आप गर्भ निरोधक गोलियां ले सकती हैं और अगर हां तो आपके लिए कौन सी दवा सही है। महिलाएं जो गर्भधारण नहीं करना चाहती हैं उन्हें हम बता दें कि ये काफी लाभकारी भी है। इसे लेने से आपको ये फायदा नजर आ सकता है।

  • पीरियड्स को नियंत्रित करता है।
  • पुरुष हार्मोन के स्तर को कम करता है।
  • मुंहासे खत्म होते हैं।

4. डायबिटीज से जुड़ी दवाएं

डॉ. मलिक के अनुसार “मेटफॉरमिन (ग्लूकोफेज) से दो तरह की डायबिटीज का इलाज किया जाता है। मेटफॉर्मिन इंसुलिन ब्लड ग्लूकोज (शुगर) के कंट्रोल करने के तरीके को प्रभावित करता है और टेस्टोस्टिरॉन के उत्पादन को कम करता है। इससे अवांछित बाल भी उगने बंद हो जाते हैं और कुछ महीनों तक इस्तेमाल के बाद इससे ऑव्यूलेशन में भी मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि हालिया रिसर्च बताते हैं कि मेटफॉर्मिन के कई सकारात्मक फायदे भी हैं जैसे यह शरीर का कोलेस्ट्रॉल स्तर  और बॉडी मास (ऊंचाई के अनुरूप वजन)  को भी कम करता है। साथ मेटमॉर्फिन की वजह से किसी शख्स को डायबिटीज नहीं हो सकती।

5. सर्जरी

Ovarian drilling एक प्रकार की सर्जरी होती है जिसके बाद आव्यूलेशन की संभावना बढ़ जाती है। महिलाओं पर जब प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाली दवाइयों का असर नहीं होता तब डॉक्टर सर्जरी करते हैं।

6. अधिक बढ़े बाल और पुरुष हार्मोन के लिए दवाएं

डॉ मलिक ने हमें बताया कि “एंटीएंड्रोजेन्स दवा से अनचाहे बालों को उगने से रोका जा सकता है और मुंहासों पर भी कंट्रोल कर सकता है। स्प्रिनोलैक्टोन (Aldactone) पहले ब्लडप्रेशर के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाता था लेकिन इसके इस्तेमाल से PCOD भी ठीक होता पाया गया। अगर आप गर्भधारण करने की कोशिश कर रही हैं तो इन दवाओं को ना लें।“ इसके अलावा भी उन्होंने कुछ और विकल्प सुझाए हैं।

  • चेहरे के बालों को कम करने के लिए Vaniga क्रीम
  • लेजर तकनीक या इल्कट्रोलाइसिस से बालों को हटाना
  • नए बालों को उगने से रोकने के लिए हार्मोनल चिकित्सा करवाना।

उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि कई रिसर्च में पता चला है कि बैरिएट्रिक सर्जरी (वजन कम करने की सर्जरी) से भी हेल्दी महिलाओं में बढ़े PCOD को कम किया जा सकता है। (40 से अधिक BMI)

7. प्रजनन से जुड़ी दवाएं

डॉ मलिक ने इसे समझाते हुए बताया कि “PCOD से ग्रसित महिलाओं में ऑव्यूलेशन की कमी के कारण गर्भ धारण करने में सबसे अधिक समस्या आती है। कई ऐसी दवाएं हैं जो ऑव्यूलेशन को बढ़ाती हैं और PCOD की महिलाओं को भी गर्भधारण करने में मदद करती हैं। प्रजनन से जुड़ी कई दवाओं को लेने के बाद एक से अधिक बच्चों (जुड़वा, ट्रिप्लेट) के होने की संभावना अधिक होती है।

उन्होंने इन इलाजों के बारे में भी विस्तार से समझाया:

  • क्लोमिफेन: रोगियों में ऑव्यूलेशन बढ़ाने के लिए ये डॉक्टर्स की पहली पसंद होती है।
  • क्लोमिफेन के साथ मेटफॉर्मिलन: अगर सिर्फ क्लोमिफेन का असर ना हो तो यह मिश्रण महिलाओं को ऑव्यूलेशन बढ़ाने में मदद करता है।
  • गोनाडोट्रोपिन्स: ये शॉट्स में दिया जाता लेकिन ये सबसे महंगा इलाज है और इसमें एक से अधिक बच्चों (जुड़वा या ट्रिप्लेटके होने की अधिक संभावना होती है।
  • इन सब के अलावा in vitro fertilisation (IVF) पैरेंट्स बनने का सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। IVF में डॉक्टर एक से अधिक बच्चों को होने से कंट्रोल भी कर सकते हैं।

ज्यादातर महिलाओं में ऐसे लक्षण पाए जाते हैं जो आमतौर पर रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) से जुड़े होते हैं इसमें अधिक गर्माहट महसूस करनायोनि में सूखापनचिड़चिड़ापनरात में पसीना होनाया सोने में कठिनाई शामिल है। हो सकता है पीरियड्स अनियमित और कभीकभी हों या अचानक खत्म हो जाए। कई महिलाओं में हो सकता है कि पीरियड्स की अवधि ना शुरू हो और वो सामान्य यौवन से ना गुजरें।“

डॉ मलिक ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि गर्भधारण करने में या प्रजनन में PCOD की वजह से समस्या आ सकती है लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि ये लाइलाज बीमारी नहीं है।