पोलियो ड्रॉप से जुड़ी ये 7 बातें जानना है बेहद जरुरी

पोलियो ड्रॉप से जुड़ी ये 7 बातें जानना है बेहद जरुरी

सभी जानते हैं कि ड्रॉप पांच साल तक के बच्चों को दी जाती है लेकिन फिर भी कई सवाल ऐसे हैं जो हमें कन्फ्यूज कर देते हैं

28 जनवरी को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने पल्स पोलियो अभियान 2017 को हरी झंडी दे दी। इस अभियान की वजह से 17 करोड़ बच्चों को मदद मिलेगी ताकि हमारा देश पोलियो मुक्त बना रहे।

ज्यादातर पैरेंट्स पोलियो ड्रॉप क्या है और ये क्यों जरुरी है ये जानते हैं । सभी जानते हैं कि ड्रॉप पांच साल तक के बच्चों को दी जाती है लेकिन फिर भी कई सवाल ऐसे हैं जो हमें कन्फ्यूज कर देते हैं। हमने डॉ प्रशांत गौड़ा जो मदरहुड हॉस्पिटल में कंस्लटेंट, न्यूरोलॉजिस्ट और पेडिट्रिशियन हैं उन्होंने हमें पोलियो से जुड़ी अधिकतर पूछे जाने वालों सवालों का जवाब दिया कि क्यों 2017 में पोलियो अभियान का हिस्सा हर पैरेंट्स को बनना चाहिए।

1. किस उम्र में पोलियो ड्रॉप देना चाहिए ?

पोलियो वायरल इंफेक्शन से होने वाली एक ऐसी बीमारी है जो ठीक नहीं हो सकती। इसकी चपेट में हमेशा कम उम्र के बच्चे आते हैं। उनका एक अंग पाइरालाइज्ड हो जाता है।इसलिए उन्हें जितनी जल्दी हो सके इससे बचने का प्रयास करना है।डॉ गौड़ा के अनुसार "नवजात  शिशु से लेकर 5 साल तक के बच्चों को पोलियो की खुराक जरुर पिलानी चाहिए। बच्चे जितने छोटे होते हैं उन्हें इंफेक्शन का खतरा उतना ही ज्यादा होता है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलानी चाहिए।"

2. पोलियो ड्रॉप्स पिलाने की अधिकतम उम्र कितनी होनी चाहिए
5 साल तक के बच्चों पोलियो ड्रॉप पिलाकर इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है। बार बार पोलियो की खुराक पिलाने से पोलियो होने की संभावना कम होती जाती है। इससे इंफेक्शन होने के चांस बिल्कुल भी नहीं होते हैं। डॉ गौड़ा ने कहा कि 5 साल के बाद इंफेक्शन होने की संभावना बहुत ही कम होती है।

polio

3. पोलियो कैसे शरीर पर असर करता है?
पोलियो के वायरल मांसपेशियों को कमजोर कर देते हैं जिस वजह से बच्चे स्थिर हो जाते हैं। ज्यादातर केस में बच्चों के पैर पर पोलियो अटैक होता है कुछ केस में ये सर के मांसपेशियों पर भी अटैक करता है। " कुछ बच्चों को इसमें बुखार आता है, सर दर्द, गर्दन में अकड़न, बांह या पैरों में दर्द  होता है लेकिन आपको बता दें कि 70 प्रतिशत केस में कोई लक्षण नहीं दिखाई देते" डॉ गौड़ा ने ये बातें हमारे साथ शेयर की। ये बीमारी पोलियो टीका से दूर हो सकती है और जितनी बार डॉक्टर बोले बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने जरुर ले जाएं।

4. क्या सिर्फ एक तरह का पोलिए वैक्सीन होता है?
पोलियो के लिए दो तरह के वैक्सीन होते हैं एक Oral Polip Vaccine (OPV) और IPV (Injective Polio Vaccine). डॉ गौड़ा के अनुसार दोनों ही पोलियो से बराबर ही लड़ने में मदद करते हैं।

OPV नवजात शिशुओं को दिया जाता है और फिर तीन डोज OPV और IPV के चौथे, छठे, दसवें और चौदहवें सप्ताह में दिया जाता है। इसके साथ ही  OPV और IPV के बुस्टर ड्रॉप दिए जाते हैं। इसे फिर 5 साल में दिया जाता है। इन पोलियो डोज के साथ  हर साल राष्ट्रीय इम्यूनाइजेशन डे के दिन सरकार की तरफ से जरुर से पोलियो ड्रॉप दिया जाता है। इस वजह से कई इलाकों तक बच्चे पोलियो ड्रॉप पहुंच पाता है।

5. क्या पोलियो वैक्सीन हेपेटाइटिस के जितना जरुरी है?
हां, ये पांच साल के पहले तक के बच्चों के लिए बहुत जरुरी है।

6. क्या इसे सिर्फ एक बार पूरे लाइफ मे देना चाहिए?
नहीं इसके कई डोज होते हैं जो तुरंत जन्म लिए बच्चे से लेकर 5 साल तक दिया जाता है।

7. नए माता-पिता को अपने नवजात शिशुओं को क्यों वैक्सीन जरुर देना चाहिए

देश से पोलियो को जड़ से खत्म करना बहुत बड़ा काम नहीं है। इसके लिए पोलियो वैक्सीन समय पर दिलवाना जरुरी है। डॉ गौड़ा के अनुसार " ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम पोलियो से अपने बच्चों को बचाएं और उनका अच्छी तरीके से विकास हो। नए माता पिता को भी जरुर पोलियो को जड़ से खत्म करने में सक्रिय भागेदारी निभानी चाहिए और बाकी लोगों के बीच जागरुकता बढ़ानी चाहिए। 

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Source: theindusparent

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Written by

Deepshikha Punj