potato rich diet बढ़ा सकती है 'gestational diabetes' होने के चांस !

हाल ही में हुई एक स्टडी से ये पता चला है कि रोज़ाना आलू खाने वाली प्रेग्नेंट महिलाओं में जेस्टेशनल डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। इस स्तिथि से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए ये ध्यान से पढ़िए ।

एक स्टडी के मुताबिक प्रेगनेंसी से पहले पोटैटो-रिच डाइट लेने से जेस्टेशनल डायबिटीज होने के चांस बढ़ जाते हैं ।

क्या आप आलू खाने के शौक़ीन हैं ? क्या आप हर दिन एक बार आलू खाते हैं ? अगर इन दोनों सवालों का जवाब हाँ है तो आपको जेस्टेशनल डायबिटीज होने का पूरा पूरा रिस्क है ।

 

यु.एस रिसर्चर द्वारा किये गए एक रिसर्च में जेस्टेशनल डायबिटीज और रेगुलर आलू खाने के बीच रिलेशन ढूंढने की कोशिश की गयी है । रिसर्च के मुताबिक ये इसीलिए पॉसिबल हैं क्योंकि आलू में मौजूद अब्सोर्बएबल स्टार्च खून में शुगर की मात्रा बढ़ा सकता है ।

 

करीब 21,693 प्रेग्नेंट महिलाओं को 1 कप उबाले हुए आलू, 237 मिलीलीटर मैश पोटैटो, 113 ग्राम फ्राइज के साथ इस रिसर्च को पूरा किया गया । इसमें 10 साल लगे और पाया गया की उनके से करीब 854 महिलाओं में जेस्टेशनल डायबिटीज पाया गया ।

 

इस स्टडी की कुछ मुख्य बातें :

प्रेगनेंसी से पहले एक हफ्ते में एक सर्विंग से उन महिलाओं के मुकाबले जेस्टेशनल डायबिटीज होने का रिस्क 20 परसेंट बढ़ गया जिन्हें एक हफ्ते में आधी सर्विंग दी गयी ।

हफ्ते में 5 सर्विंग खाने वाली महिलाओं में इसका रिस्क 50 प्रतिशत तक बढ़ गया ।

इस स्टडी में एक इंटरेस्टिंग बात भी पता चली, जब महिलाओं को आलू की जगह हरी  सब्जियाँ और हेल्थी फ़ूड खाने को दिया गया । तब जो रिजल्ट आएं वो अलग थे ।

 

अब आलू की सर्विंग को सब्जियों, बीन्स, लेंटिल्स, और दाल आदि से रिप्लेस करने पर महिलाओं में जेस्टेशनल डायबिटीज होने की पॉसिबिलिटी 9 से 12 परसेंट कम हो गयी ।

 

स्टडी का दुसरा रूप

इस स्टडी में प्रेगनेंसी के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज और आलू खाने के बीच में रिलेशन ढूंढा गया है, लेकिन इससे ये साबित नहीं होता है की प्रेगनेंसी के दौरान आलू खाने से जेस्टेशनल डायबिटीज की प्रोबबलिटी बढ़ ही जाती है ।
रिसर्चर्स ने ये भी बताया की ये एक कंट्रोल्ड रिसर्च थी जिसमे बहुत कुछ करना बाकी है ।

dreamstime_s_60557821-2

जेस्टेशनल डायबिटीज के रिस्क को काम करने के तरीके :

एक्सपर्टस बताते हैं की एक हेल्थी लाइफस्टाइल मेन्टेन करने से जेस्टेशनल डायबिटीज के रिस्क को काम किया जा सकता है । इसीलिए अगर आप माँ बन्ने की तैयारी में हैं तो इस स्टडी से परेशान होने की जरूरत नहीं है । आप इन बातों का ध्यान रखकर इस प्रॉब्लम को कण्ट्रोल कर सकते हैं :

 

  • अपने वजन को कण्ट्रोल में रखें, अपने आप को हाइड्रेटेड रखें और जरूरत से ज्यादा न खाएं ।
  • रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी करते रहें 
  • अगर आपको जेस्टेशनल डायबिटीज है तो अपने OB-GYN से सलाह लें और सही दवाइयाँ लें।

 

 

इस आर्टिकल के बारे में अपने सुझाव और विचार कॉमेंट बॉक्स में ज़रूर शेयर करें  

Hindi.indusparent.com द्वारा ऐसी ही और जानकारी और अपडेट्स के लिए  हमें  Facebook पर  Like करें