"male vasectomy " बच्चों में अंतर रखने का एक आसान और safe विकल्प है!

पुरुष नसबंदी

क्या आपको भी लगता है कि पुरुष नसबंदी से आप अपनी कामेच्छा खो देंगे ? तो एक बार फिर सोच कर देखिये!

पुरुष नसबंदी दुनिया भर में अपनी जगह बना रही है, लेकिन भारतीय पुरुषों में इसे लेकर हिचकिचाहट क्यों है ? पुरुष नसबंदी से जुड़े तथ्यों और तरीके को जानने के लिए पढ़िए ।

36 साल के जीजू जॉर्ज (बदला हुआ नाम) और उनकी पत्नी अब चैन की सांस ले रहे हैं । दूसरे बच्चे के होने के बाद डॉक्टरों ने पत्नी के नसबंदी करने में असमर्थता जताई । जॉर्ज बताते हैं की ” वो दूसरी बार गर्भवती होने के बाद बीमार हो गयीं और नसबंदी के लिए फिट नहीं थी , इसीलिए एक ही चारा था की मैं खुद नसबंदी करवा लूँ । ”

मुम्बई के एक आई. टी.  प्रोफेशनल बताते हैं कि फैसला करना मुश्किल था । मुझे लगा की मैं नपुंसक हो जाऊंगा । लेकिन फिर मेरे डॉक्टर ने मुझे भरोसा दिलाया की नसबंदी का नपुंसकता से कोई रिश्ता नहीं है । और तब मैंने नसबंदी करवाने का फैसला किया । बाकी सब इतिहास है । उसके बाद से मुझे कोई फर्क महसूस नहीं होता है ।

आंकड़ों पर जाएँ तो पता लगता है की नसबंदी के मामलों में समाज पुरुषों की तरफ झुका हुआ है । संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ भारत में सभी नसबंदी के दो तिहाई मामलों में महिला ही नसबंदी करवाती है। नसबंदी करवाने वाले पुरुषों की संख्या 1 प्रतिशत है । मुम्बई में कुमार क्लिनिक में स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. पापिया गोस्वामी मुखर्जी बताती हैं की ज़्यादातर पुरुष नामर्द हो जाने के डर से नसबंदी नहीं करवाते हैं जो की एक बहुत बड़ा मिथक है । नसबंदी करने की प्रक्रिया बहुत सुरक्षित, और लंबे समय के लिए बहुत आसान है । नसबंदी के 99 प्रतिशत मामले सफल होते हैं ।

पुरुष नसबंदी से बचते हैं क्योंकि उन्हें लगता है की इससे उनकी मर्दानगी कम हो जाएगी और वो सेक्सुअल तरीके से फिट नहीं रह पाएंगे । कुछ को लगता है की ऑपरेशन के कारण उन्हें कमजोरी हो जाएगी । यह एक सामजिक विलक्षण भी है, जहाँ पुरुषों को उसके मित्रगण चिढ़ाने से भी नहीं हिचकिचाते ।

 

नसबंदी कितना सरल है ?

वीर्य अंडकोष से होते हुए दो ट्यूब में जाता है । नसबंदी में इन्ही ट्यूबों को ब्लाक कर दिया जाता है । अब इसे ब्लाक करने के दो तरीके हैं – :

काट सहित :

प्राइमस सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल गुड़गाव की स्त्री रोग विशेषज्ञ  डॉ शैली सिंह के मुताबिक़  ” पेल्विक क्षेत्र में बेहोशी की दावा देकर इस प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है । स्क्रोटम के दोनों और चीरा लगा कर उन्हें  ब्लाक करने के लिए आपस में बांधा जा सकता है या सर्जिकल क्लिप के द्वारा भी इसे ब्लाक किया जा सकता है । क्योंकि इस प्रक्रिया में सर्जरी होती है, इसलिए खून बहने या संक्रमण होने की स्थिति हो सकती है ।

बिना चीरा लगाए :

इस प्रक्रिया में स्क्रोटम में चीरा नहीं लगाया जाता, बल्कि ट्यूब तक पहुँचने के लिएकेवल छोटे -छोटे छेद किये जाते हैं ।  उसके बाद ट्यूब को आपस में बाँध दिया जाता है जिससे ट्यूब ब्लाक हो जाता है । छोटे छिद्र खुद ही ठीक हो जाते हैं । डॉ सिंह बताती है की इस प्रकिया में खून कम निकलता है जिससे उनमे संक्रमण कम होता है।

 

नसबंदी से उबरने में कितना समय लगता है ?

डॉ मुखर्जी बताती हैं की नसबंदी की प्रक्रिया पूरी होने में केवल 10 से 15 मिनट का समय लगता है । इसमें ज्यादा से ज्यादा एक दिन के आराम की जरूरत होती है, या उसकी भी जरूरत नहीं होती है । एक हफ्ते के अंदर यौन सम्बन्ध भी बनाये जा सकते हैं । हालांकि ध्यान देने वाली बात ये है कि, नसबंदी के बाद भी कुछ वीर्य  अगले 12 से 15 स्खलनों में उपस्थित हो सकते हैं ,  इसीलिए नसबंदी के बाद कम से कम 3 महीने तक बर्थ कंट्रोल के दूसरे तरीकों का इस्तेमाल करते रहना चाहिए। इसके अलावा ये प्रक्रिया आसान और बहुत सस्ती है ।

क्या नसबंदी के बाद पुरुषों में सेक्स की क्षमता कम हो जाती है ?

डॉ मुखर्जी बताती हैं की क्योंकि शरीर के किसी हिस्से को निकाला नहीं जाता, इसीलिए सेक्स की क्षमता पर असर पड़ने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है ।सब कुछ साधारण तरीके से होता है । सिर्फ एक फर्क पड़ता है, और वो ये की वीर्य वापस शरीर में सोख लिए जाते हैं । आश्चर्यजनक रूप से महिलाएं नसबंदी के बारे में पुरुषों से ज्यादा सवाल पूछती हैं । डॉक्टर बताते हैं की महिलाओं को लगता है की पुरुषों की नसबंदी से उनकी सेक्स करने की क्षमता पर असर पड़ता है इसीलिए वो खुद नसबंदी करवाने को आगे आ जाती हैं ।
अगर आप बच्चा नहीं चाहते हैं और नसबंदी करवाना चाहते हैं तो डॉक्टर से मिलें सभी तरीकों और प्रक्रियाओं के बारे में जान ले । नसबंदी आपकी चिंता को कम करने के लिए है बढ़ाने के लिए नहीं ।आप जो भी प्रक्रिया चुनें, उसके बारे में अच्छे से जान और समझ लें और अपने सेक्स लाइफ का आनंद उठाएं .

 

नसबंदी कैसे की जाती है यहाँ देखें .

 

 

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