पापा की दी हुई 5 शिक्षा जिससे मेरी शादी और मजबूत हुई

जहां एक ओर हमारे देश में ज्यादातर लड़कियां अपनी मां से सलाह मांगती हैं, वहीं मैं अपने पापा के पास जाती थी।क्योंकि सिर्फ वही मेरी दुविधा भी समझ जाते थे।

मेरी तीन साल पहले शादी हुई थी। मुझे तब बिल्कुल भी एहसास नहीं था कि ये सब इतना मुश्किल होगा। आखिर मैं उस शख्स से शादी कर रही थी जिससे मैं एक दशक से जानती थी। हम दोनों के दूसरे की आदत से वाकिफ थे और साथ में समय बिताना बहुत पसंद करते थे। 

 लेकिन जब मैं शादी  के बाद के बाद नए शहर में आई और अपने पति के साथ अकेले रहने लगी तो मुझे एहसास हुआ कि हम लोग काफी अलग अलग हैं। किसी भी बाकी शादीशुदा कपल की तरह हमने भी शुरूआत में कई उतार चढ़ाव देखा। 

इन सब के बीच एक शख्स जो हमेशा मेरी मदद के लिए तैयार और मेरी गलतियों को भी समझ रहे थे वो मेरे पापा थे। 

जहां एक ओर हमारे देश में ज्यादातर लड़कियां अपनी मां से सलाह मांगती हैं, वहीं मैं अपने पापा के पास जाती थी।क्योंकि सिर्फ वही मेरी दुविधा भी समझ जाते थे। 

लेकिन ये उनका जिंदगी में चीजों को समझने का तरीका जिस कारण मुझे अच्छा पार्टनर बनने में मदद मिली। ये पांच गोल्डन नियम हैं जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप उन्होंने मुझे सिखाया और मुझे अपनी शादी और भी मजबूत बनाने में मदद मिली। 

1. अपने लिए खड़े होने का साहस

 

हो सकता है कई लोग इसे शादी की नींव नहीं माने लेकिन मेरा मानना है कि ये जरूरी है। हम अक्सर समझौता कर लेते हैं और दूसरों को खुद के बारे में निर्णय लेने देते हैं। लेकिन मेरे पापा ने मुझे सिखाया कि खुद के लिए हमेशा खड़े होने की हिम्मत होनी चाहिए। 

इस वजह से मैं और भी आत्मनिर्भर बनी खासकर तब जब मुझे शादी के बाद कई महीनों तक अकेले रहना पड़ता था (मेरे पति आर्म्ड फोर्स में हैं) मैं खुद निर्णय लेने में सक्षम थी कि मेरे लिए क्या ज्यादा अच्छा है।

2.धैर्य होना भी एक गुण है

 

धैर्यवान होना शादी का अह्म हिस्सा है और मैंने इसे बहुत मेहनत से सीखा। अच्छी बात ये है कि  मैं जल्दी सीखती हूं। मैं जल्दी समझ गई कि ये मेरी कई मुश्किलों को खत्म कर सकता है। पति के साथ या ससुराल वालों के साथ कई बार अलग अलग मुद्दों पर चर्चा होती थी लेकिन मैं हमेशा शांति और संयम के साथ काम लेती थी।हां हमेशा ऐसा नहीं हो पाता था लेकिन मेरे पापा कहते थे कि धैर्यवान होना गुण है जो बहुत आगे तक लेकर जाएगा। 

3.भरपूर प्यार देना

 

मैंने देखा है कि मेरे पापा हमेशा हमारे लिए खड़े होते थे और हमारी सुरक्षा करते थे। वो ये सब इसलिए नहीं करते थे क्योंकि ये उनकी जिम्मेदारी थी। वो ये सब इसलिए करते थे क्योंकि वो हमसे बहुत प्यार करते थे और इसलिए वो हमें सुरक्षित रखने के लिए कुछ भी कर सकते थे। 

जिंदगी का ये महत्वपूर्ण पाठ मुझे शादी के तुरंत बाद ही बहुत काम आया। मैं औऱ मेरे पति शादी के काफी पहले से एक दूसरे को जानते थे और प्यार करते थे।हम अब भी एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और एक दूसरे के साथ जो समय मिलता है भरपूर इंज्वॉय करते हैं।

4.मुकाबला और विरोध करने से डरना नहीं 

एक कामकाजी महिला के तौर पर मुझे शायद ही कभी मुकाबला या विरोध करने का समय मिलता है। लेकिन अगर ऐसी स्थिति आती है तो मैं पीछे नहीं हटती हूं। हां मैं कोशिश जरूर करती हूं कि कूल रहूं लेकिन मैं अपनी बात जरूर रखती हूं। 

शादी के लिए बेशक ये अच्छा नहीं है लेकिन ये भी शादी के महत्वपूर्ण अंग है। इससे सारी शंकाएं खत्म करने में मदद मिलती और आपका पार्टनर भी आपकी बात समझता है। 

5.अपने पार्टनर की इज्जत करें

 

मेरे पैरेंट्स की बिल्कुल परफेक्ट शादी थी। मैंने कभी उन्हें किसी बात पर बहस करते नहीं देखा। दोनों एक दूसरे की बहुत इज्जत करते हैं। ये भी जिंदगी का बहुत ही महत्वपूर्ण पाठ था जो पापा ने मुझे अनजाने में सिखाया। 

शादी के बाद एक दूसरे की इज्जत करना इसलिए जरूरी नहीं है क्योंकि आप पति-पत्नी हैं बल्कि इसलिए जरूरी है कि क्योंकि ये मानव अधिकार है। मैंने रिश्ते में एक दूसरे की इज्जत करना सीखा। एक दूसरें के विचारों की इज्जत करना भी उतना ही जरूरी है। इससे शादी भी और मजबूत होगी। 

आपका बहुत बहुत धन्यवाद पापा!

Source: theindusparent