पहरेदार पिया की पर लग सकता है बैन..स्मृति ईरानी ने लिया फैसला

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का सराहनीय कदम!

कंट्रोवर्शियल टीवी शो पहरेदार पिया को बैन करने के खिलाफ दाखिल की गई याचिका को सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने गंभीरता के साथ लिया है और इस मामले में कठोर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

एक लीडिंग एंटरटेनमेंट वेबसाइट के अनुसार स्मृति ईरानी ने ब्रॉडकास्टिंग कंटेंट कम्पलेंट काउंसिल को तत्काल प्रभाव से मामले को देखने के निर्देश दिए हैं और कार्रवाई करने की हिदायत दी है।

स्मृति ईरानी ने ये फैसला एक याचिका के बदले लिया है जिसे मानसी जैन ने उनके नाम पर दायर की थी कि इस शो पर बैन लगाया जाना चाहिए। इसके अंतर्गत अब तक 108775 हस्ताक्षर ले लिए गए हैं और फिलहाल गिनती जारी है।   
src=https://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2017/06/daily soap.jpg पहरेदार पिया की पर लग सकता है बैन..स्मृति ईरानी ने लिया फैसला

याचिका में लिखा गया है कि "एक दस साल का मासूम बच्चा (पिया) एक लड़की का पीछा करता है जो उससे उम्र में दोगुनी बड़ी है और उसकी मांग में सिंदूर भी भरता है। ये सब प्राइम टाइम में टेलिकास्ट किया जा रहा है जो पारिवारिक समय माना जाता है। आप सोच सकते हैं इसका दर्शकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।"

ये सीरियल ऑन एयर होते ही आलोचना का शिकार हुआ था क्योंकि इसकी शुरुआत में दिखाया गया था कि एक बच्चा 25 साल की लड़की से रोमांस कर रहा है जो उसकी पत्नी का रोल निभा रही है। इस 9 साल के बच्चे का किरदार अफान खान निभा रहे हैं। वो इस सीरियल में एक राजकुमार की भूमिका में हैं। उनकी पत्नी का किरदार तेजस्वी पारेख निभा रही हैं जिन्हें लगता है कि इस सीरियल में कुछ भी गलत नहीं दिखाया जा रहा है। 
src=https://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2017/06/Screen Shot 2017 06 23 at 11.33.14 am.png पहरेदार पिया की पर लग सकता है बैन..स्मृति ईरानी ने लिया फैसला

एक लोकप्रिय सामाचार एजेंसी से बात करते हुए तेजस्वी पारेख ने कहा कि "मुझे लगता है कि ये प्रगतिशील है लेकिन कई लोग किताब को उसके कवर से जज करते हैं। उन्हें अनुमान लगाना पसंद है और कई लोगों को दूसरे के काम को जज करने में काफी मजा आता है। ठीक है, मैं इसमें क्या कर सकती हूं?"

पारेख ने आगे कहा कि ये एक काल्पनिक सीरियल है और दर्शकों को इसे इसी तरह से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि "मुझे लगता है कि ये एक काल्पनिक कहानी है। ये सिर्फ एक कहानी है जो हम दर्शकों को बता रहे हैं। इसलिए हम कैसे किसी कहानी को जज कर सकते हैं? अगर आपको अच्छा लगा तो अच्छी बात है लेकिन अगर आपको नहीं अच्छा लगा तो हम प्रोफेसर नहीं है। हम आपको कुछ पढ़ाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।"

शुरूआती एपिसोड में बच्चे को एक यंग लड़की के पति के रूप में दिखाया गया इसके बाद के एपिसोड में हनीमून और सुहागरात सीक्वेंस भी सीरियल में दिखाया गया। देखा जाए तो ये हिंदी टीवी सीरियल का काफी निचले स्तर पर आने जैसा है जिसकी आलोचना हो रही है।

हिंदी टीवी सीरियल के अजीबोगरीब प्लॉट..बस बहुत हुआ!

पहले कभी ऐसे टीवी शो आ चुके हैं जो एक अच्छे  विषय पर आधारित थे और लोगों का दिल जीतने में कामयाब रहे थे। बालिका वधू (बाल विवाह) , उड़ान (बालश्रम पर आधारित) लेकिन वहीं कई सीरियल ऐसे भी आए जो सभी सीमा रेखाओं को पार कर गए।

जैसे मम्मियां ससुराल सिमर का के विचित्र प्लॉट को नहीं पचा पा रही थीं जिसमें लीड एक्ट्रेस एक मक्खी बन जाती हैं। एक शिक्षित पैरेंट्स के तौर पर हमें जरूर कहना चाहिए कि साफ तौर पर सीमाओं को लांघ कर दिखाया गया था। हम कैसे भूल सकते हैं कि कई संयुक्त परिवार ऐसे भी हैं जो साथ में सीरियल देखते हैं और हम समझ सकते हैं कि बच्चों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। 
src=https://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2016/07/simar.jpg पहरेदार पिया की पर लग सकता है बैन..स्मृति ईरानी ने लिया फैसला

आखिर इस सीरियल से निर्माता क्या बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं? क्या आपको नहीं लगता कि इसपर वाकई में बैन लगाना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर दें।