“परवरिश में की गई एक गलती जो मैं कभी सुधार नहीं सकती”

बच्चों की परवरिश को लेकर आपको सबसे अधिक क्या पछतावा होता है? ये मम्मी अपनी सबसे बड़ी गलती के बारे में ओपन लेटर में बता रही हैं जिसे वो नहीं सुधार सकती हैं।

इस सप्ताह मेरा बेटा तीन साल का हो गया। जब उसका जन्म हुआ था तब मैंने खुद से वादा किया था (और मेरे पति ने भी) मैं घर में रहकर बच्चे की देखभाल करूंगी और और बड़े होने के दौरान उसके हर महत्वपूर्ण समय में उसके साथ रहूंगी।

मैं असफल हो गई

उसके जन्म के बाद (जो काफी उतार-चढ़ाव भरा था) मुझे महसूस हुआ कि मैं 24/7 घर में नहीं रह सकती हूं। मेरी प्रेग्नेंसी भयावह थी – हम IVF की मदद से बेबी को इस दुनिया में ला रहे थे क्योंकि प्राकृतिक  रूप से गर्भधारण करने में मुझे समस्या हो रही थी। मुझे सुबह में मॉर्निंग सिकनेस होती थी, मैं दिनभर में तीन बार खाती थी। पहली तीमाही में मेरा वजन बढ़ने की जगह घट रहा था।

चीजें और भी दुखद तब हो गईं जब मेरे पति ने एक और प्रोजेक्ट साइन कर लिया और वो महीने में दो बार शहर के बाहर जाते थे, कभी-कभी तो वो कई सप्ताह के लिए बाहर जाते थे। मेरी मां मेरी देखभाल करने के लिए आईं लेकिन अक्सर हमारे बीच लड़ाई हो जाती थी कि मैं बेबी के लिए क्या गलत कर रही हूं, उफ्फ, कभी-कभी मम्मियां भी काफी दुखी कर देती हैं।

मुझे मुंहासे भी हो जाते थे (जो सीनियर सेकेंड्री स्कूल के बाद नहीं आया), पीठ दर्द बर्दाश्त करना भी मुश्किल था। हां, मुझे 70 साल की महिला के जैसा एहसास होता था। मुझे प्रेग्नेंसी में प्यार और नफरत दोनों का एहसास होता था। सिर्फ एक चीज जिससे मुझे प्यार था वो ये कि मुझे मेरे ही रूप में एक परफेक्ट छोटा बेबी मिलने वाला था।

कई उतार-चढ़ाव भरे दिन के बाद डिलिवरी हुई और मुझे बेटा हुआ। जी हां वो बहुत ही क्यूट था और मैं उसके साथ हर वक्त बिताना चाहती थी। मेरा बेबी कभी मुझे सोने नहीं देता था।

मैं 40 दिन के बाद वापस काम पर लौट गई। मैं घर पर लगातार बेबी के साथ नहीं रह सकती थी। मुझे पता है कि आपको मातृत्व से जुड़ी ये बात सुनने में काफी कड़वी लग सकती है लेकिन मेरे साथ कुछ ऐसा ही था। मैं सभी माओं को सलाम करती हूं जो इस भूमिका को बखुबी को निभाती हैं।

मेरी सबसे बड़ी गलती क्या थी?

मेरी सबसे बड़ी गलती थी कि मैं शारीरिक रूप से अपने बेबी के लिए उपलब्ध नहीं थी। लेकिन मुझे इस बात का आज पछतावा है।

मैं अपनी बेबी के सभी खास पल को मिस की थी। उसका पहला शब्द, पहला क्रॉल, पहला कदम और ये सब तब हुआ जब मैं अपने काम में सबसे अधिक व्यस्त थी। ऑफिस में पूरा दिन बिताती थी और काम का अंबार होता था।

यहां तक कि जॉर्डन के साथ इंज्वॉय करने के लिए मैं समय नहीं निकाल पाती थी। मुझे महसूस हुआ कि बात जब बच्चों की हो तो दूसरा मौका नहीं मिलता। लेकिन ये बात मुझे जब समझ आई तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

अगर मां की परफॉर्मेंस के लिए मुझे ग्रेड दिया जाए तो शायद मुझे C ग्रेड मिले। स्वभाव से परफेक्शनिस्ट होने के कारण यह बात मुझे बहुत अधिक खलती है।

मुझे पता है कि मुझे शारीरिक और भावनात्मक रूप से मौजूद रहना चाहिए था। मेरे पति पहली बार असफल होने के बाद उसकी देखभाल में समय देने लगे। मैं काम पर रहती थी। मेरे पति ने जॉर्डन को चाइल्ड केयर सेंटर में डाल दिया। उसके जन्मदिन पर सीसम स्ट्रीट थीम की पार्टी रखी गई और मेरे ससुराल वालों ने सारी तैयारी की। मैं इस खास मौके पर भी काम में व्यस्त थी।

और मुझे क्या मिला? हां अपने लॉ फर्म में मुझे पार्टनर जरूर मिल गया लेकिन क्या ये सब जॉर्डन की जिंदगी मिस करने की जगह काफी था? नहीं बिल्कुल भी नहीं।

अब मैं यही प्रार्थना कर रही हूं और आशा करती हूं कि अगले बेबी के साथ मैं वही गलती ना करूं।

जॉर्डन मुझे माफ कर देना।

theAsianParent Singapore की अनुमति से प्रकाशित