नाना रणधीर कपूर का खुलासा..क्यों तैमूर की परवरिश में सावधानी बरत रहे सैफ-करीना

70 वर्षीय नाना रणधीर कपूर ने तैमूर के व्यवहार से जुड़ी कई रोचक बातें शेयर की और खुलासा किया कि क्यों तैमूर की परवरिश उनके पैरेंट्स अलग अंदाज में कर रहे हैं।

पिछले साल जन्म के साथ तैमूर अपने माता-पिता से भी अधिक अटेंशन पाने लगे। फिलहाल तैमूर सात महीने के हैं और हर किसी को अपने क्यूट और भोले भाले चेहरे के कारण अपना फैन बना चुके हैं। फैन्स भी उनकी क्यूटनेस के मुरीद हो गए हैं।

तैमूर को मिल रहे इस अटेंशन से उनका परिवार काफी टेंशन में आ गया है जिसमें उनके नाना रणधीर कपूर भी शामिल हैं। उन्होंने हाल में शेयर किया कि पूरा परिवार इस बात से काफी खुश है कि तैमूर को लोगों का भरपूर प्यार मिल रहा है लेकिन इतना अधिक कि ये कहीं उसके लिए हानिकारक ना हो जाए और इस बात से पूरा परिवार इन दिनों परेशान है।

इसलिए परिवार ने ये फैसला लिया है कि तैमूर की परवरिश अलग अंदाज में की जाएगी।

तैमूर की परवरिश में खास ख्याल

एक दैनिक अखबार से बात करते हुए रणधीर कपूर ने माना कि तैमूर को बहुत अधिक अटेंशन मिल रहा हैसबसे छोटा होने के कारण ना सिर्फ परिवार से बल्कि मीडिया और फैन्स भी उसे काफी अटेंशन दे रहे हैं। चाहे वो नानी बबीता के घर में बॉलकनी में झूले में स्पॉट किए जाएं या कहीं और। सच्चाई ये है कि तैमूर फोटोग्राफर के फेवरिट बन चुके हैं और वो तैमूर की तस्वीरें लेने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। हालांकि इस से बात तैमूर के पैरेंट्स सैफ-करीना को कोई समस्या नहीं है लेकिन नाना जरूर चिंतित हैं।

इसलिए महीने के तैमूर के पालन पोषण में पूरा परिवार अधिक सावधानी बरत रहा है। रणधीर कपूर ने कहा कि "हम सभी तैमूर से बहुत प्यार करते हैं लेकिन हम साथ ही उसके परवरिश में काफी सावधानी बरत रहे हैं ताकि मीडिया से मिल रहे अधिक अटेंशन का उसपर बुरा प्रभाव ना पड़े।"

चिड़चिड़े नहीं लेकिन नटखट हैं तैमूर

अपने नाती तैमूर से बेहद प्यार करने वाले रणधीर कपूर भी उनसे दूर नहीं रह पाते हैं। उन्होंने ये भी बताया कि तैमूर काफी नटखट हैं लेकिन साथ ही काफी शांत रहते हैं।

कुछ दिनों पहले ही रणधीर कपूर लंदन से एक महीने से अधिक समय वेकेशन मनाकर आए हैं। उन्होंने कहा कि "तैमूर अभी सिर्फमहीने का है और उसके जन्म के बाद से मैं करीना के यहां पहले से अधिक जाने लगा हूं। मैं अपने ग्रैंडचिल्ड्रन के साथ समय बिताना पसंद करता हूं और तैमूर तो सबसे छोटा है इसलिए हर कोई उससे बहुत प्यार करता है। वो चिड़चिड़ा नहीं बल्कि थोड़ा नटखट है और हां काफी स्मार्ट भी।"

जहां तक बात तैमूर के लुक्स की है तो नाना रणधीर कपूर भी करीना की बात से सहमति रखते हैं कि तैमूर काफी हद तक अपने नाना पर गए हैं।

उन्होंने कहा कि "हां ये शायद भगवान की देन हैमैं क्या कह सकता हूंचाहे उसकी नीली आखें हो या उसके लुक्स। उसके जीन्स कपूर खानदान के हैं इसमें कोई शक नहीं है।उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि उन्हें खुशी है कि करीना कपूर एक अच्छी मां है और बतौर मां अपना बेस्ट देने की कोशिश कर रही हैं।

करीना की भी अपनी जिंदगी है

रणधीर कपूर ने ये भी शेयर किया कि "मैं इतना कह सकता हूं कि करीना बहुत ही अच्छी मां है और कामकाजी मां होने का अर्थ ये नहीं है तैमूर को अकेला छोड़ती है और अगर वो शॉपिंग या जिम जाती है तो इसमें गलत क्या हैआखिर उसकी भी अपनी कोई जिंदगी है।" हम मानते हैं कि करीना कपूर एक कामकाजी मां है जो अपनी जिंदगी को भी अहमियत देती हैं और इसका बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जानिए कैसै..

  • सकारात्मक रोल मॉडल: कामकाजी माएं अपने बच्चों के लिए रोल मॉडल होती हैं और उन्हें टाइम मैनेजमेंट से लेकर मल्टी टास्किंग भी बनाती हैं। इसके साथ ही काम और घर में कैसे सामंजस्य बनाया जाए इसका महत्व भी उन्हें बखूबी पता होता है। कामकाजी माएं या लड़कियां करियर का महत्व समझती हैं और लड़कों को पता होता है कि वो घर में कितनी अह्म भूमिका निभाती हैं।
  • बच्चों को आत्मनिर्भर बनाती हैं: जब बच्चे देखते हैं कि मां घर और ऑफिस दोनों ही संभालती हैं और समस्याओं का निपटारा करती हैं तो उन्हें पता होता है कि आत्मनिर्भर होना कितना जरूरी है।ऐसे बच्चे बड़े होकर किसी दूसरे पर निर्भर नहीं होते हैं और इसका श्रेय उनकी मां को जाता है।
  • एकेडमिक में भी माहिर: स्टडी की माने तो कामकाजी माएं बच्चों के एकेडमिक पर अधिक ध्यान देती हैं क्योंकि वो अपने समय का प्रबंधन भी अच्छे से करती हैं। कामकाजी माएं अच्छी शिक्षा का महत्व समझती हैं और बच्चों को भी एकेडिमिक पर ध्यान देने के लिए उत्साहित करती हैं।