नवजात शिशुओं को होने वाली 6 बीमारियां..कैसे करें इनका मुकाबला

lead image

यहां जानिए छोटे बच्चों को होने वाली कॉमन बीमारियां और कैसे इनसे आप उन्हें निजात दिला सकती हैं।

नवजात शिशुओं का इम्यून सिस्टम काफी नाजुक होता है इसलिए उनका बीमार पड़ना स्वभाविक है। चाहे वो कोई कॉमन बीमारी हो या बहुत जटिल और गंभीर बीमारी।

अगर आप भी नवजात शिशु की मां हैं तो इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है वो कभी कभी बीमार भी पड़ सकते हैं। यहां जानिए छोटे बच्चों को होने वाली कॉमन बीमारियां और कैसे इनसे आप उन्हें निजात दिला सकती हैं।

1. जुकाम

src=https://ph.theasianparent.com/wp content/uploads/2016/07/list1 1.jpg नवजात शिशुओं को होने वाली 6 बीमारियां..कैसे करें इनका मुकाबला

Photo credit: Ewan Topping

जुकाम होना छोटे बच्चों में बहुत ही कॉमन है। Today Parents के अनुसार आजकल पैरेंट्स ह्युमिडिफायर्स का इस्तेमाल करते हैं ताकि बच्चों को हमेशा साफ और स्वच्छ हवा मिले। उनका सर ऊपर की ऊंचा रखने से भी दूध जल्दी शरीर में नीचे की ओर उतरता है।

2. खांसी
src=https://ph.theasianparent.com/wp content/uploads/2016/07/story5 feat 3.jpg नवजात शिशुओं को होने वाली 6 बीमारियां..कैसे करें इनका मुकाबला

खांसी भी एक कॉमन बीमारी होती है जिसकी चपेट में बच्चे भी आ जाते हैं। बड़ों के लिए खांसी में अपनाए गए नुस्खे बच्चों पर असर नहीं करते। लेकिन कुछ बिना दवाई के भी नुस्खे आप अपना सकती हैं। जैसे स्लाइन ड्रॉप्स , थोड़ा सा शहद लेकर उनके सर पर रगड़ें। उनके लिक्विड आहार की मात्रा बढ़ाने पर उनका कफ ढीला हो जाता है जिनसे उन्हें आराम मिलता है।

3. डायरिया
src=https://ph.theasianparent.com/wp content/uploads/2016/07/list2 1.jpg नवजात शिशुओं को होने वाली 6 बीमारियां..कैसे करें इनका मुकाबला

बच्चे जब डायरिया से पीड़ित हो तो भी उन्हें लगातार भोजन देते रहें। Summit Medical Group के अनुसार इस दौरान स्टार्च वाले खाने बच्चों को दें। जैसे बच्चों को सूखे सीरियल्स, ब्रेड, चावल, मैश किए आलू, पतले बिस्किट आदि दें जिनसे उनकी सोडियम की कमी पूरी हो जाए। सॉफ्ट उबले आलू या दही भी काफी फायदेमंद हैं और जल्दी पच जाते हैं।

4. कान में इंफेक्शन

src=https://ph.theasianparent.com/wp content/uploads/2016/07/list3 1.jpg नवजात शिशुओं को होने वाली 6 बीमारियां..कैसे करें इनका मुकाबला

Photo credit: rumpleteaser / Flickr

WebMD के अनुसार जब छोटे बच्चे को कान के इंफेक्शन की समस्या हो तो बेहतर है कि उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं। चिक्तिसीय सहायता से उन्हें एंटिबायोटिक से लेकर जो भी कान के लिए जरूरी हो वो उपचार दिया जा सकता है। चाहे ट्यूब इंप्लांट करना हो या कान में लगाना।

5. कब्ज
src=https://ph.theasianparent.com/wp content/uploads/2016/07/list4 1.jpg नवजात शिशुओं को होने वाली 6 बीमारियां..कैसे करें इनका मुकाबला

Parents magazine story की अटलांटा बेस्ड पेडिट्रिशियन जेनिफर शू के अनुसार अगर आपका बेबी नियमित रूप से पॉटी कर रहा है तो चिंता की कोई बात नहीं है। इसका मतलब है कि उनका पाचन तंत्र बिल्कुल सही है। अगर ये रूक जाए तो चिंता की बात है।

6. मुंहासे

src=https://ph.theasianparent.com/wp content/uploads/2016/07/list5.jpg नवजात शिशुओं को होने वाली 6 बीमारियां..कैसे करें इनका मुकाबला

Photo credit: Marie-Claire Camp

टीनएजर और व्यस्क को सिर्फ मुंहासे होते हैं ऐसा नहीं है। छोटे बच्चों को भी मुंहासों की समस्या होती है। जन्म के लगभग 2 या तीन सप्ताह बाद बच्चों को ये समस्या हो सकती है। ये उनके 6 महीने होने तक खत्म हो जाती है।

एक्सपर्ट का मानना है कि छोटे बच्चों में मुंहासो की समस्या काफी कॉमन है। इसे स्क्रब करके हटाने की कोशिश ना करें। सादा पानी से धोना ही काफी है।

अगर आपके पास कोई सवाल या रेसिपी है तो कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर करें।

Source: theindusparent