5 negetive बातें जो बच्चे अपने माता पिता से सीखते हैं

एक माता पिता के तौर पर आप हमेशा अपने बच्चों को वो सभी चीजें देना चाहते हैं जो कभी आपके पास नहीं थीं । लेकिन उनके सपनों को पूरा करने के चक्कर में आप कहीं न कहीं अपने साथी को यानी अपने पार्टनर को भूलने लग जाते हैं  आप अपने और अपने साथी के संबंधों पर ध्यान देना कम कर देते हैं, और यकीन मानिए इसका बहुत ज्यादा नकारात्मक प्रभाव आपके बच्चों पर पड़ता है ।

ज्यादा देर तक काम करना, ऑफिस में बॉस के डिमांड, किसी निवेश में मन मुताबिक फल नहीं मिलना आदि ऐसी कई बातें है जो आपके घर में और आपके चारो तरफ एक टेंशन का माहौल बनाती हैं । हमें नहीं भूलना चाहिए की बच्चे एक खाली स्लेट की तरह होते हैं जो हर तरह की नकारात्मकता को जैसे सोख सी लेती है ।

ये हैं वो 5 कारण जो आपके बच्चे को एक नकारात्मक जीवनशैली कि और धकेलती हैं ।

 

अभद्र भाषा

जाने-अनजाने दोस्तों के साथ या परिवार में बहस के दौरान आप “चुप रहो”, “पागल”, “बेवकूफ” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते देते हैं । आपको ये बात नहीं भूलनी चाहिए की बच्चे भाषा सीखते समय इन शब्दों को बड़ी जल्दी पकड़ लेते हैं और इसका अर्थ वो स्कूल जाकर समझ जाते हैं । और जब उन्हें पता लगता है की ऐसे अर्थों वाले शब्द उनके घर पर उनके परिवार के लोग बोलते हैं तो ज़ाहिर है की इसका नकारात्मक प्रभाव बच्चे पर तो पड़ेगा ही ।

<!--nextpage-->

बड़ों का अनादर

अगर आप संयुक्त परिवार में रहते हैं तो हमेशा अपने से बड़ों के प्रति कृतज्ञता की भावना रखें । अगर आप अपने माता-पिता का सम्मान नहीं करते , वो आपके ही घर में कैसे रह रहे हैं इस बात का ख्याल नहीं रखते तो हो सकता है की आपके बच्चे भी आपकी बात कभी न मानें ।

अभद्र या अस्वस्थ बातचीत या बड़ों के साथ गर्मजोशी के साथ न रहना आपके और आपके बच्चों के बीच की दूरी को निश्चित तौर पर बढ़ाएगाI जैसे-जैसे बच्चे बड़े होंगे उनके मन में वही छवि बनती चली जाएगी जो उन्हें एक नकारात्मक इंसान ही बनाएंगे । हो सकता है की आपके बच्चे आपके अपने बड़ों के प्रति गलत व्यवहार को देखकर डिप्रेशन में भी चले जाएँ ।

<!--nextpage-->

लगातार लड़ते रहना

माता-पिता बच्चों के जीवन में एक सबसे महत्त्वपूर्ण स्तम्भ होते हैं । लेकिन जब वही आपस में लड़ते रहते हों तो एक नकारात्मक और बुरा माहौल बन जाता है फिर चाहे ये लड़ाई माता-पिता के बीच हो या दादा-दादी के बीच , इसका बुरा प्रभाव बच्चे पर पड़ता ही है ।

जब भी ऐसे हालात बनें आपको बच्चे के सामने झगड़ने से बेहतर है की कमरे में जाकर इसका समाधान निकालें । इस बात का भी ध्यान जरुर रखें की किसी भी तरह की हिंसा बच्चों पर एक गहरी छाप छोड़ जाती है । इससे हो सकता है की बच्चा खुद को इन सबका का जिम्मेदार मानकर आत्मग्लानि का अनुभव करना शुरू कर दे ।

इससे बच्चे के दिमाग में ये भाव बनने शुरू हो जाते हैं की हिंसा कोई बुरी चीज़ नहीं है क्योंकि ये उसके घर पर भी होती है ।


<!--nextpage-->

खाने की आदतें

आपने शायद कभी ध्यान नहीं दिया हो लेकिन आपके खाने की आदतों का आपके बच्चे पर बहुत बड़ा असर होता है । उदाहरण के लिए अगर आप नूडल कांटे वाले चम्मच की जगह साधारण चम्मच से खा रहे हैं या चावल चम्मच की जगह हाथ से खा रहे हों, बच्चे इन आदतों को बहुत जल्दी पकड़ लेते हैं और वो भी ऐसा करने लग जाते हैं ।

इससे बड़े होने के बाद जब वो दूसरे बच्चों को सही तरीके से खाते हुए देखेंगे तो उनके मन में हीन भावना उत्पन्न हो सकती है । ये भी हो सकता है की बाकी बच्चे उसका मज़ाक बनाना शुरू कर दें ।

ये छोटी सी बात आपके बच्चे के आत्मविश्वास को हिला कर रख सकती है ।

<!--nextpage-->

मेहमान के साथ परेशानी

अगर आप मेहमानों के आगे या दोस्तों के आगे बहाना बनाते हैं ताकि वो आपके घर न आयें तो हो सकता है की इससे आपका थोड़ा समय बच जरुर जाए लेकिन ये कोई अच्छी बात नहीं है । खासकर के तब जब आपके बच्चे बड़े हो रहे हों, क्योंकि यही वो समय होता है जब वो मेहमानों का स्वागत करना सीखते हैं और दोस्त बनाना सीखते हैं ।

लेकिन अगर वो आपको मेहमानों के आने के कारण चिढ़ते हुए या शिकायत करते हुए देखेंगे तो दोस्त नहीं बना पाएंगे । आपकी ये आदत आपके बच्चे को दोस्तों के साथ घुमने और नए दोस्त बनाने के उलट अकेला महसूस करवा सकती है । वो अपने चारों और एक नकारात्मक दुनिया बनाकर उसमे रहना शुरू कर देंगे जिससे उनके विकास पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है ।


बच्चे माता पिता

इस आर्टिकल के बारे में अपने सुझाव और विचार कॉमेंट बॉक्स में ज़रूर शेयर करें  

HindiIndusaparent.com द्वारा ऐसी ही और जानकारी और अपडेट्स के लिए हमें  Facebook पर  Like करें