दूसरी बार गर्भवती हों तो पहले बच्चे को स्तनपान कराना कब और क्यूं बंद करना होगा... जानिए

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गर्भावस्था के दौरान जब आप फीड करा रही होती हैं तो इसके लिए आपको भरपूर पोषण वाली डाईट लेनी होगी और अधिक मात्रा में पानी के साथ अन्य पेय पदार्थ लेना होगा ।

आप अपनी सहूलियत के मुताबिक अपने दो से तीन साल के बच्चे को स्तनपान तब भी करा सकती हैं जब आप दूसरी बार मां बनने वाली हों । अगर आप पूरी तरह से स्वस्थ हैं और आपका वजन भी समान रुप से बढ़ रहा है तो स्तनपान जारी रखने से आपके गर्भ में पल रहे शिशु को कोई दिक्कत नहीं होगी ।

हालांकि गर्भावस्था के दौरान जब आप फीड करा रही होती हैं तो इसके लिए आपको भरपूर पोषण वाली डाईट लेनी होगी और अधिक मात्रा में पानी के साथ अन्य पेय पदार्थ लेना होगा ।

गर्भावस्था के शुरुआती सप्ताहों में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं जिसके कारण मिचली या उल्टी जैसे लक्षण दिखने लगते हैं । ऐसी स्थिति में कुछ भी खाने की आपकी इच्छा नहीं होती लेकिन अगर आप एक फीडिंग मॉम हैं तो आपको अपने और होने वाले शिशु दोंनों के बेहतर सेहत के लिए पोषक तत्व मुहैया कराना होगा ।

अधिकांश महिलाओं को गर्भधारण के 2-3 महीनों तक ब्रेस्ट में कड़ापन और दर्द का अनुभव होता है । इस दौरान निप्पल भी बहुत संवेदनशील होते हैं इसलिए पहले बच्चे को स्तनपान कराना थोड़ा कष्टदायी हो सकता है ।                                                                                                                                                                                                                   

किन परिस्थितियों में फीड बंद कराना जरुरी हो जाता है

  • अगर पहली डिलीवरी समय से पहले हुई हो
  • पहले गर्भपात हुआ हो
  • प्रेगनेंसी में वजन ना बढ़ रहा हो
  • गर्भावस्था के दौरान अगर ब्लीडिंग हो रही हो  

दूसरी तिमाही के शुरु होने के साथ ही आपका ब्रेस्ट मिल्क कोल्सट्रम का रुप ले लेता है जिसे नवजात शिशु के लिए अमृत कहा जाता है । ये कोलस्ट्रम आपके शरीर में बनता रहेगा इसलिए इसकी उपलब्धता को लेकर चिंतित ना हों ।

आपका बड़ा बच्चा स्वाद में आए बदलाव को भलीभांति समझ लेगा और हो सकता है कि वो धीरे-धीरे खुद ही स्तनपान की इच्छा ना ज़ाहिर करे । वैसे एक बात आपको जरुर जाननी चाहिए कि अगर पहला बच्चा 1 साल से कम उम्र का है और वो अधिकांश रुप से आपका कोलस्ट्रम पी रहा है तो ऐसे में बच्चे के वजन की जांच करवाते रहना चाहिए चूंकि बढ़ती उम्र में बच्चे को मां के दूध के अलावा भी भोजन की आवश्यकता होती है इसलिए उसे ठोस खाद्य पदार्थ भी खाना सिखाएं ।

टैंडम स्तनपान

आपने देखा भी होगा कई मांऐं अपने बड़े बच्चे और नवजात शिशु दोनों को ही स्तनपान करवाती हैं जिसे टैंडम स्तनपान कहते हैं । अगर आपको नवजात शिशु के बाद अपने पहले बच्चे को भी दूध पिलाना पसंद हो तो इसमें कोई भी समस्या नहीं है ।

हां, लेकिन संभव है कि दूसरे शिशु के आने के बाद आपको अपने बड़े बच्चे को फीड कराने के दौरान इरिटेशन हो या आप परेशानी का अनुभव करने लगें । ऐसी परिस्थिति में आपको अपने 2-3 साल के बच्चे को स्तनपान करवाना पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए वैसे ये काम आपके लिए आसान हो जाएगा अगर आप गर्भावस्था के दौरान ही उसे दूध छुड़वाने का प्रयास करें ।

पहली बार मां बनने के दौरान आपने शारीरिक व मानसिक बदलाव से संबंधित कई नई बातें जानी होगी जिसका इस्तेमाल आप दूसरे शिशु के पालन-पोषण में और गर्भावस्था के कठिन दिनों को आसान बनाने में कर सकती हैं ।

दूसरे शिशु को जन्म देने के निर्णय का ये तो मतलब नहीं है कि आपको अपने पहले बच्चे से दूरी बनानी चाहिए लेकिन हां अब आपको उसे खुद से जोड़े रखने की बजाए आने वाले शिशु से जोड़ने का प्रयास करना होगा ताकि उसमें ईर्ष्या ना पनपे और वो खुद को अकेला या कम अहमियत पाने वाला सदस्य ना समझे ।