“तुम्हारी मम्मी खराब है” - इसके बाद मैं ससुराल वालों के खिलाफ खड़ी हुई..सच्ची कहानी

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कभी-कभी मुझे लगता है कि ये हम हैं जो उन्हें अपनी जिंदगी की कमान दे बैठते हैं और खुद को कम आंकते हैं। जिस दिन हम उन्हें बताते हैं कि हमें डर नहीं लगता, उस दिन से वो हमारे साथ बुरा व्यवहार करने से डरेंगे।

मैं एक बहुत ही सिंपल मिडिल क्लास परिवार से आती हूं जहां बच्चों को बड़ों की इज्जत करना सिखाया जाता है। मेरा परिवार हमेशा शिक्षा सही सोच प्यार और इज्जत के साथ शांति में विश्वास करता आया है।

जब मेरी शादी हुई थी मुझे एहसास हुआ कि जिस परिवार में मेरी शादी हुई है वो मेरे परिवार से ठीक उलट है। वहां वैल्यू से अधिक पैसों को अहमियत दी जाती है। आप आसानी से किसी की बेइज्जती कर सकते हैं और उसे नीचा दिखा सकते हैं क्योंकि आपके पास पैसा है।

मेरा ससुराल इन चीजों में विश्वास करता है लगभग दो दशक साथ बिताने के बाद भी मेरी वैल्यू नहीं बदली और यही मैंने अपने बच्चों में भी पास किया है।

आप लोगों में से कई लोगों ने ससुराल वालों की प्रताड़ना और बुरे व्यवहार के बारे में सुना होगा। इन बातों को सुनकर आप उदास हो जाते हैं लेकिन फिर भी आप सुनते हैं बार लगातार। इसका असल मतलब भी सिर्फ आप ही समझ पाते हैं।

इन सबके बीच दूसरों के सामने वो बहुत ही विनम्र और अच्छा बनने की कोशिश करते हैं। ये चीजें मैंने शादी के बाद हर दिन देखा है या यूं कहें कि झेला है।

 
src=https://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2017/11/mehandi 2918550 960 720.jpg “तुम्हारी मम्मी खराब है”   इसके बाद मैं ससुराल वालों के खिलाफ खड़ी हुई..सच्ची कहानी

बच्चों के जन्म के बाद मेरे ससुराल वालों ने बच्चों को सिखाने की कोशिश की उनकी मां कितनी आलसी है। अगर मैं बीमार हूं तो भी उम्मीद की जाती थी कि मैं पूरे घर की देखभाल कर

लोगों की डिमांड पूरी कर  और घर के सारे कामकाज कर। लेकिन फिर भी मेरे बच्चों को बोला जाता था कि उनकी मम्मी कामचोर और आलसी है।

वो बहुत छोटे थे और उन्हें कुछ समझ नहीं आता और जल्दी ही सारी बातें भूल भी जाते थे। मैं कभी इन अपमानों को नहीं भूल पाऊंगी।

पिछले साल मैंने ट्रिप प्लान किया। चूंकि इसमें बहुत अधिक ट्रैकिंग और चलना था इसलिए मैंने ट्रिप पर बच्चों के बिना जाना ही सही समझा। मेरे बच्चों को इसमें कोई समस्या नहीं थी लेकिन मेरे सास ससुर इस बात को नहीं पचा पा रहे थे कि मैं घर से और कामकाज से ब्रेक ले रही हूं। मुझे लगा था कि मेरे बच्चे खाना बनाने के अलावा सबकुछ खुद ही कर लेंगे इसलिए मुझे चिंता नहीं हो रही थी।

हालांकि मैंने नोटिस किया कि मेरी सास हमेशा मेरे बच्चों को बोलती थी कि मेरे जाने से वो दुखी होंगे और उन्हें मुझे नहीं जाने को कहना चाहिए। मेरे बच्चों ने कहा कि उन्हें इससे कोई समस्या नहीं है और वो मेरे वापस आने के बाद नई कहानियां सुनने के लिए एक्साइटेड हैं।
 
src=https://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2017/11/delhi 1379280 960 720.jpg “तुम्हारी मम्मी खराब है”   इसके बाद मैं ससुराल वालों के खिलाफ खड़ी हुई..सच्ची कहानी

जिस दिन मैं जाने वाली थी मेरी सास ने मेरे बड़े बच्चे से कहा कि देख तुम दोनों को छोड़ के जा रही है मेरा बच्चा रोते हुए मेरे पास आया और पूरी कहानी सुनाई। मैं पहले ही काफी कुछ बर्दाश्त कर चुकी थी और इससे ज्यादा मैं नहीं कर सकती थी।

मैं उनके पास गई और बोली कि भविष्य में कभी भी अगर उन्होंने मेरे बच्चों को मेरे बारे में कुछ भी गलत बोला तो मैं पड़ोसियों और पुलिस के पास जाऊंगी कि मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

मैंने उन्हें ये भी कहा कि कैसे मेरे बारे में खराब बोलकर उन्होंने अपने पोते-पोतियों की नजरों में खुद को गिराया है।

उस दिन आखिरी बार उन्होंने मेरे बारे में कुछ गलत बोला था।

मैं सभी माओं को बताना चाहती हूं कि कभी-कभी मुझे लगता है कि ये हम हैं जो उन्हें अपनी जिंदगी की कमान दे बैठते हैं और खुद को कम आंकते हैं। जिस दिन हम उन्हें बताते हैं कि हमें डर नहीं लगता,उस दिन से वो हमारे साथ बुरा व्यवहार करने से डरेंगे।