नव वर्ष में इन व्यवहारिक बातों पर ध्यान देकर आप पूरे साल रहेंगे तनावमुक्त

आईए इस लेख के माध्यम से जानें कि किस तरह महज़ कुछ व्यवहारिक.बातों का ध्यान रख कर आप अपने को तनावमुक्त एवं खुशहाल बना सकते हैं ।

उत्सव उल्लास का माहौल लिए नए साल की शुरुआत हो चुकी है । कहने को तो सिर्फ साल बदलते हैं लेकिन ज़रा सोचिए वक्त भी कहां ठहरा हुआ है बीते 365 दिनों में कई उतार-चढ़ाव आपने महसूस किया होगा , कुछ बेहद ही खूबसूरत पल आपने जिए होंगे और शायद कभी ग़म की परछाईयां भी साथ चली होगी ।

खैर..वो कहते हैं ना बीती ताहि बिसार दे...अब फिर 1-2-3 से 365 तक की गिनती शुरु हो चुकी है और आपके पास फिर अनगिनत मौके हैं बिगड़े काम बनाने के या फिर कुछ अच्छी कोशिशें करने के, आप भले ही वही हों , स्थान एक हो लेकिन हालात में कई बदलाव हुए ज़रुर होंगे ।

चूंकि बदलना कुदरत की फितरत है इसलिए इंसान हो, एक लम्हा हो या एक वर्ष जीवन में कुछ भी एक सा नहीं रहता । वैसे एक बात कहूं...आप चाहें तो अपनी जिन्दगी का रुख मोड़ सकती हैं जी हां ठीक वैसे ही जैसे हम दीवार पर टंगी कैलेंडर बदलते हैं और उसे अपने घर से दूर या फिर नज़रों से दूर रख देते हैं वैसे ही इस नव वर्ष आप स्वंय़ में छुपी बुराई, कटुता या डर को बाहर निकाल कर जीवन में कुछ अच्छे बदलाव ला सकती हैं ।

आईए इस लेख के माध्यम से जानें कि किस तरह महज़ कुछ व्यवहारिक.बातों का ध्यान रख कर आप अपने को तनावमुक्त एवं खुशहाल बना सकते हैं ।

छोटी खुशियों को नज़रअंदाज ना करें

हमें अक्सर बड़े मौके चाहिए होते हैं सेलिब्रेशन के लिए । जाहिर है साल में ऐसे मौके गिने चुने ही मिल पाते हैं । इसलिए आपको हर छोटी खुशियों को बड़ा रुप देने का हुनर सीखना चाहिए ।

जब आप किसी ‘नॉट सो स्पेशल’ दिन को भी ख़ास तौर से प्लान कर लें तो वो दिन आपके लिए यादगार बन जाता है । फंडा ये है कि चाहे बच्चे की कोई अचीवमेंट हो या ऑफिस का छोटा सा प्रमोशन, वीकेंड हो या कोई बोरिंग सी रात, आप रोज़ की रूटीन से ब्रेक लेकर कुछ अलग करें ।

बाहर ना जाना चाहें तो घर पर ही केंडल लाईट डिनर, या फैमिली के साथ मूवीज़ या कोई फन गेम प्लान कर सकती हैं । आप जो चाहती हैं कि कोई आपके लिए करे वही आप किसी अपने के लिए कर दीजिए इससे आपकी खुशी दुगुनी हो जाएगी ।

किसी से भी अधिक अपेक्षा ना रखें

क्या आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप दिन-भर शॉपिंग , मूवी या डिनर डेट पर जाने की तैयारी करें और पति के देर से घर पहुंचने या कोई बेहद ज़रुरी मीटिंग ने आपके इरादे पर पानी फेर दिया हो ।

ये तो आप बखूबी समझती हैं कि उन्हें वाकई में कुछ काम मिल गया होगा लेकिन फिर भी आपका दिल उदास हो जाता है । पति के अलावा भी आप अपने किसी करीबी दोस्त या रिश्तेदार से छोटी-बड़ी उम्मीद लगा बैठती हैं , आप सोच लेती हैं कि उन्हें तो ऐसा ही करना चाहिए और जब बात आपके मन मुताबिक ना हो तो आप तनावग्रस्त हो जाती हैं ।

इन सब परिस्थिति में दुखी होने की बजाए आपको खुद में ही अपनी खुशियां ढ़ूंढ लेनी चाहिए। जैसे किसी सहेली के साथ या फैमिली के किसी सदस्य के साथ या फिर अकेले ही आप बाहर जाकर अपना पसंदीदा फूड ट्राई करें या फिर किसी और तरीके से थोड़ा ब्रेक ले सकती हैं।  

प्रशंसा करने की आदत डालें

अधिकांश महिलाओं को लोग ईर्ष्यालु समझते हैं लेकिन मेरा मानना है कि ऐसा व्यवहार पुरुषों में भी होता है और ये परस्पर प्रतिस्पर्धा के कारण ही होता है । ऊंचाई पर पहुंचने के लिए हमें सिर्फ अपनी तरफ से ईमानदार कोशिश करनी चाहिए अगर कोई आपको भी मात दे देता है तो ये मान लीजिए कि तरक्की के लिए उसने कितनी अधिक मेहनत की होगी ।  

कई बार जब कोई आपसे बेहतर परफार्म करे या खूबसूरत दिखे तो उसके लिए जलन पैदा होती है लेकिन उस ईर्ष्या के पहले हमारे मन में हीन भावना आ जाती है हम कमी महसूस करते हैं कि हमारे पास ये सब क्यों नहीं...हम वैसे परफेक्ट क्यों नहीं या फिर कोई मुझसे आगे कैसे जा सकता है इत्यादि...आप अपने आप से प्रेम करें और जब कोई आपसे बेहतर मिले उसकी प्रशंसा ज़रुर करें ।

खुद को दूसरे से कम ना आंकें क्योंकि आप भी कई चीजों में अन्य से बेहतर हैं । तो आज उसकी खुशी में खुश हो लें इस तरह आप ईर्ष्या की भावना से मिलने वाले तनाव को कम कर सकती हैं ।

मुस्कुराहट को चेहरे का भाव बनाएं

आजकल काम और भागदौड़ इतनी बढ़ गई है कि तनाव वाला मूड  ही हमारे चेहरे पर दिन भर टिका रहता है । आपकी मुस्कान ना सिर्फ आपके चेहरे को रौशन करती है बल्कि इससे आपका पूरा व्यक्तित्व सकारात्मक लगने लगता है साथ ही जिससे भी आप ये मुस्कुराहट बांटती हैं वो भी आपके व्यक्तित्व से प्रभावित होता है ।

इसलिए नए साल में जब भी आपका चेहरा उतरा हुआ, उदासी भरा दिखाई दे शीशे में खुद को देख कर एक लंबी सांस भरते हुए मुस्कुराएं...

स्वंय के साथ बैठकर चिंतन करें

सारे काम पूरे करने के बाद ही आपको आराम मिलता होगा और बिस्तर पर जाते ही नींद के आगोश में चली जाती होंगी आप...फिर सुबह होते ही वही रुटीन ! चलिए मेरी मानिए कुछ कम ज़रुरी कामों को आज पेंडिंग रहने दीजिए और आप कॉफी की प्याली के साथ तन्हा बैठकर आत्म चिंतन कीजिए ।

कुछ योजनाएं बनाइए, नए मौके तलाश कीजिए...कुछ पसंद के कामों में वक्त ज़ाया कीजिए...आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन शोध के मुताबिक खुद के साथ वक्त बिताने वाले लोग अधिक रचनात्मक गुणों वाले होते हैं ।  

बीती यादों में जीना छोड़ कर रियलिस्टिक बनें

तूफान को आना है...आकर चले जाना है...जीवन का मतलब तो आना और जाना है...खूबसूरत से नगमें की इन पंक्तियों को याद कीजिए । जो बातें आपको परेशान करती हो उसे लिख कर दरिया में बहा दीजिए या बक्से में बंद कर दीजिए बीती उन कड़वी यादों को आखिर कब तक ढ़ो सकती हैं आप...।

अपने बीते कल को आज की खूबसूरती बिगाड़ने ना दें खुल कर जीना सीखें जिंदगी बेहद हसींन है इसे लगे लगाकर देखें ।

आवश्यकता से अधिक एडजस्ट ना करें

जी हां ये बात बेहद महत्वपूर्ण है । जब आप स्वंय ही खाली रहेंगी तो दूसरे का खालीपन कैसे दूर कर सकेंगी । गलत हो तो दबाब में ना रहें । कई ऐसी पढ़ी-लिखी महिलाएं हैं जिनके साथ ससुराल वालों का या दुर्भाग्यवश पति का रवैया ठीक नहीं रहता ।

भावनात्मक रुप से खुद को लगातार ठेस पहुंचाने से आप तनावग्रस्त हो जाएंगी इसलिए अपने हक की बात करें । ना कहने का ह़क आपका भी है चाहे बात शारीरिक संबंध बनाने की ही क्यों ना हो । दुखी मन से पारिवारिक तालमेल बिठाने की कोशिश में आप खुद को सज़ा ना दें । मानती हूं कि परस्पर साम्नजस्य बनाने से ही रिश्ते मज़बूत होते हैं पर अगर आपके साथ गलत हो रहा हो तो घुटन और तनाव झेलने की बजाए मज़बूती से आवाज़ उठाएं ।