diabetes control करने के असरदार home remedies!

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डायबिटीज़ कम करने के असरदार घरेलु नुस्खें

डायबिटीज़ की बिमारी का अगर इलाज़ नहीं तो इसे कम से कम नियंत्रित तो किया ही जा सकता है ।

ज़िन्दगी हमेशा मीठी नहीं होती , किसी मधुमेह से परेशान व्यक्ति से पूछ कर देखें । हम मधुमेह का मज़ाक नहीं बना रहे लेकिन आपको एक बात पक्के तौर पर कह सकते हैं की अगर यह ठीक नहीं किया जा सकता तो कुछ घरेलु नुस्खों से इसे नियंत्रित जरूर किया जा सकता है ।

दिल्ली के प्राइमस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के अंदरुनी दवाइयों के HOD डॉ. अनुराग सक्सेना बताते हैं " मेल्लिटस मधुमेह, मधुमेह का सबसे साधारण रूप है । यह शरीर में इन्सुलिन की कमी से होता है । शरीर में इन्सुलिन के कम होने से खून में ग्लूकोस का स्तर बढ़ने लगता है जिससे ज्यादा पेशाब आना, बहुत ज्यादा प्यास लगना, अचानक वज़न घाट जाना जैसे लक्षण दिखने लगते हैं । "

 

अंजीर के पत्ते

अंजीर के पत्तों में कुछ ऐसे रसायन होते हैं जो इंसुकिं को ज्यादा असरदार तरीके से इस्तेमाल करते हैं जिस कारण ये मधुमेह की बिमारी में काम आ सकते हैं ।
टिप : आप अंजीर के पत्तों को पानी में उबाल कर चाय की तरह पी सकते हैं। सुबह सुबह खाली पेट अंजीर के पत्तों को आप चबा कर खा भी सकते हैं।

 


पके हुए फल

पके हुए फल या अंगोरा कुछ कुछ संतरे की तेह लगते हैं, लेकिन इनका अन्दरूनी भाग लाल रंग का होता है । ये मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए या मधुमेह की संभावना के साथ रह रहे लोगों के लिए एक शानदार दवाई है। यह आपको वज़न घटाने में मदद करता है।
टिप: अपने शूगर लेवल को जांचते रहे और लेवल बनाये रखने के लिए दिन में 3 बार ये फल लें ।

आम के पत्ते

आम के पत्ते मधुमेह की बिमारी में लाभदायक साबित होते हैं, यह आँतों को सही क्षमता से काम करने में मदद करते हैं । यह शुगर की मात्रा को भी नियंत्रित रखता है।
टिप : करीब 15 ग्राम ताज़े पत्ते से उन्हें रातभर 250 मिलीलीटर पानी में रात भर डाल दें । अगले दिन सुबह उसे पानी में अच्छे से निचोड़ ले और छान कर खाली पेट पी लें।

लहसुन

 

लहसुन शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्र को नियंत्रित रखने के लिए जाना जाता है । लहसुन मधुमेह को भी नियंत्रित करता है ।इसमें अल्लिसिन नाम का एक रसायन होता है जो hypoglycemic प्रभाव रखता है । शरीर में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ाने में और ग्लूकोस को नियंत्रित रखने में भी लहसुन बहुत ही कारगर साबित होता है ।
टिप: लहसुन खाने का सबसे सही तरीका है एक दो लहसुन लेकर उसे पीस लें और खाली पेट कच्चा खाएं ।

अमरुद

अमरुद में विटामिन सी की मात्रा भरपूर होती है साथ ही इसमें फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है। मधुमेह से ग्रसित लोगों को बिना छिलके के अमरुद खाना चाहिए, इससे खून में शुगर के घुलने की क्षमता भी कम होती है ।

टिप : स्वस्थ ग्लूकोस की मात्रा बनाये रखने के लिए एक अमरुद रोज़ खाएं ।

एलोवेरा

दागमुक्त त्वचा और चमक के लिए तो हम सब एलोवेरा को जानते ही हैं लेकिन बहुत लोग मधुमेह में इसके फायदे से अनजान होते हैं । डॉ. सक्सेना बताते है की एलोवेरा के जूस पीने से खून में ग्लूकोस की मात्रा संतुलित रहती है इसीलिए ये मधुमेह के रोगियों के लिए भी उपयोगी है ।
टिप: एलोवेरा जूस,हल्दी, तेजपत्ता बराबर मात्रा में लेकर मिला लें और रोज खाना खाने से पहले खाएं ।

काला चना

काला चना उन लोगों के लिए काफी उपयोगी है जिनमे मधुमेह खतरनाक स्तर तक नहीं पहुंचा है और जो मधुमेह के शुरुवाती स्तर पर हैं ।
टिप: दो चम्मच अंकुरित काले चने को आधे कप ताज़े करेले के जूस में मिलाएं। एक चम्मच शहद डालें और रोज पियें।

बंगाली चना

बंगाली चना मधुमेह के रोगी के खून में ग्लूकोस के स्तर को नियंत्रित रखता है । इसके पीछे कमाल का विज्ञान ये है की बंगाली चने में ऐसे तत्व होते हैं जो रोगी की इन्सुलिन पर निर्भरता कम करते हैं । बंगाली चने को अपने आहात में शामिल करने से खून में शुगर, ग्लूकोस आदि की मात्रा संतुलित रहती है साथ ही मूत्र त्याग के साथ साथ शरीर के स्वास्थ को संभाले रखता है ।

जामुन

मधुमेह से लड़ने में जामुन को एक बहुत प्रभावशाली घरेलू नुस्खा माना जाता है , यह आँतों को साफ़ करके उनके काम का प्रभाव बढ़ा देता है ।यहाँ तक की जामुन के बीज भी खून में शुगर की मात्रा कम करता है । इसमें जम्बोलाइन नाम का ग्लूकोसाइड होता है जो स्टार्च को शुगर में बदलने से रोकता है ।

टिप : जामुन का बीज लें, उन्हें सुखाएं, पीसें और बनने वाले पाउडर को एक चम्मच लेकर एक कप दूध, पानी या कढ़ी में डालें और दिन में दो बार पियें ।

नीम

नीम में फंगल विरोधी और जीवाणुरोधी गुण दोनों ही होते हैं साथ ही ये शरीर में इन्सुलिन की खपत को 50 प्रतिशत तक कम कर देता है ।पारंपरिक रूप से नीम का उपयोग मधुमेह के इलाज़ में होता रहा है। मधुमेह की बिमारी में नीम की उपयोगिता वैज्ञानिक तौर पर भी साबित हो चुकी है ।

टिप : एक चम्मच नीम के पत्ते का रस रोज सुबह खाली पेट पीयें ।

भारतीय आंवला ( एक अंगूर जैसा फल )

विटामिन सी, से भरा आंवला मधुमेह के रोगियों के लिए अमृत है । नियमित रूप से सेवन करने पर ये Langerhans की islets को सही रूप से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करता है साथ ही यह खून में शुगर लेवल को पर्याप्त बनाये रखता है ।

टिप : आंवले के रस को करेले के रस में मिला कर रोज एक चम्मच पियें।

मेथी

मेथी के बीज में  ग्लैक्टोमेनन नाम का एक घुलनशील फाइबर होता है जो खून में शुगर के मिलने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है । इसमें इंसुकिं बनाने वाले एमिनो एसिड भी होते हैं । रोज 25 से 100 ग्राम मेथी खाने से मधुमेह के मरीज़ के शरीर के खून में शुगर का स्तर सही रहता है । इसके अलावा मरीज़ में ग्लूकोस, कोलेस्ट्रोल, त्रिग्लिसेलाइड की मात्रा को बहुत कम कर देता है ।

टिप : 25 ग्राम बीज को रारभर पानी में भिगो कर रखें और सुबह सुबह खाली पेट इसे पीयें ।  आप इसे खाने के साथ भी खा सकते हैं ।

करेला

करेले में पौधे के इन्सुलिन पॉलीपेप्टाइड-P, जो की एक जैविक रसायन है और ये खून में से मिठास कम करने का काम करता है । मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए करेला सबसे सही सब्जी है ।

टिप: डॉ. सक्सेना कहते हैं की इस सब्जी को जितना ज्यादा आहार में अपनाएं उतना अच्छा लेकिन खाली पेट करेले का रस पिने से सबसे ज्यादा फायदा होता है ।

 

 

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