ठूंठ गिरने के बाद नवज़ात शिशु की नाभि से खून आना किस बात का संकेत है...

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आपको बता दें कि जन्म के 5 से 15 दिनों के भीतर ही ये ठूंठ गिर जाता है जिसके बाद शिशु की नाभि को सामान्य अवस्था में आने में तकरीबन हफ्ते भर का वक्त लग सकता है ।

जन्म के तुरंत बाद शिशु की नाभि नाल में नर्स एक प्लास्टिक क्लिप लगाकर उसकी नाल को काट देती है । नाल में नसें ना होने के कारण शिशु को कष्ट नहीं होता इसलिए नाल काटने की बात से घबराने की जरुरत नहीं है इस प्रक्रिया में आपके शिशु को कोई दर्द नहीं होगा । चिमटी लगा नाल का छोटा हिस्सा शिशु के पेट पर तब तक रहेगा जब तक वो सूख कर अपने आप ना गिर जाए ।

जन्म के छठे दिन या उसके पूर्व ही आप देखेंगी की नाभि से लगा अम्बिलिकल स्टंप का रंग सूखने के बाद भूरा या काला हो गया है ।आपको बता दें कि जन्म के 5 से 15 दिनों के भीतर ही ये ठूंठ गिर जाता है जिसके बाद शिशु की नाभि को सामान्य अवस्था में आने में तकरीबन हफ्ते भर का वक्त लग सकता है ।

नाभि को हमारे शरीर का क्रेंद्र माना जाता है जिसकी अपनी विशेष उपयोगिता है । इसलिए नवजात शिशु की नाभि को स्वच्छ, सुरक्षित और संक्रमण रहित रखने के लिए मांओं को सजग रहने की आवश्यकता है ।

आपकी शंका दूर करते हुए मैं बताना चाहुंगी कि ठूंठ गिरने के बाद नाभि की तली में मवाद या खून जैसा दिखना सामान्य है जो खुद ब खुद जख़्म के भरने के बाद ठीक हो जाता है । लेकिन नाल के हिस्से के गिरने के बाद से लेकर नाभि बनने तक शिशु को संक्रमण से बचाने के लिए आपको बेहतर देखभाल करनी होगी ।

जानिए शिशु के ठूंठ(स्टंप) की देखभाल कैसे करें  

  1. नाभि क्षेत्र को सूखा और साफ रखें
  2. स्नान के बाद नर्म तौलिये से थपथपाकर पोछें
  3. डॉक्टर ने स्पंज स्नान कराने को कहा हो तो वही कराएं
  4. नैपी समय-समय पर बदलती रहें
  5. ध्यान रहे ठूंठ नैपी/डायपर के भीतर ना जाए
  6. कपड़ा बदलने के दौरान सावधानी रखें
  7. क्लिप लगे हिस्से को चोट या अनावश्यक स्पर्श से बचाएं
  8. गंदे हाथों से किसी को भी शिशु को स्पर्श ना करने दें    
  9. डॉक्टर की सलाह के बगैर नाभि पर कोई प्रयोग ना करें
  10. नाभि के आसपास मालिश या उसमें सरसों तेल कतई ना डालें ।

यूं तो नाभि को सुरक्षित रखने के लिए आजकल डॉक्टर हर शिशु को ऐंटिसेप्टिक लिक्विड या पाउडर लगाने के लिए देते हैं जिससे घाव जल्दी भरने में मदद मिलती है ।

कई बार ज़रा सी असावधानी किसी बड़े संक्रमण का रुप ले लेती है और शिशु को कष्ट मिल जाता है। लेकिन कई बार हम जानकारी के अभाव में सामान्य से लक्षण को लेकर भी घबरा जाते है । इसलिए आईए जानें-

संक्रमण के लक्षण क्या हैं...

  • नाभि के आसपास का हिस्सा लाल दिखाई देना
  • नाभि के पास सूजन होना
  • उससे खून या मवाद के साथ बदबू आना

इन तीनों परिस्थिति में आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए क्योंकि शिशु को ओम्फेलाइटिस नाम का संक्रमण हो सकता है । ठूंठ के आसपास छूने पर अगर शिशु हर बार रोना शुरु करे ,वो बीमार दिखाई पड़े ,उसे बुखार हो या वो सामान्य से कम दूध पी रहा हो तो ये भी किसी संक्रमण का असर हो सकता है ।

वैसे अगर रोते वक्त शिशु का ठूंठ बाहर की तरह अधिक निकला हुआ दिखाई दे या सामान्य रुप से भी अगर नाभि क्षेत्र में उभार नजर आए तो इसमें विशेष परेशानी की बात नहीं होती । समय के साथ ये स्वंय ही ठीक हो जाता है फिर भी चिकित्सक की सलाह आपकी सारी चिंताओं को दूर करने में सहायक होगा ।