जी हां बिल्कुल सच..सैफ और करीना तैमूर को भेजेंगे देश के बाहर..लेकिन क्यों!

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चिंतित पैरेंट्स ने पहले ही फैसला कर लिया है कि वो तैमूर को लाइमलाइट से दूर उनके भले के लिए कहां भेजेंगे।

अगर ईमानदारी से बात करें तो तैमूर अली खान पटौदी बाकी बच्चों से अलग हैं। कहना गलत नहीं होगा कि वो चांदी का चम्मच मुंह में लिए पैदा हुए हैं। स्टार पैरेंट्स होने के कारण सैफ अली खान और करीना कपूर सारी सुख सुविधा मुहैया करा सकते हैं। वो हमेशा मीडिया की नजरों में रहते हैं और उनका स्टारडम भी कुछ कम नहीं है।

लेकिन ऐसा लगता है कि वो अधिक समय तक इस सेलिब्रिटी स्टेट्स को नहीं इंज्वॉय कर पाएंगे क्योंकि सैफ और करीना ने उन्हें देश के बाहर भेजने का फैसला किया है और इसका उनके पास सॉलिड कारण भी है।

जी हां आपने बिल्कुल सही पढ़ा है।

अगर सबकुछ प्लान के हिसाब से चला तो आपको सबसे क्यूट स्टार किड तैमूर को गुडबाय करना होगा क्योंकि हम कुछ सालों बाद शायद उन्हें ना देख पाएं। 

हमने उसे अच्छे बॉर्डिंग स्कूल में भेजने का फैसला किया है"

एक इंटरव्यू में सैफ अली खान ने कहा है कि उन्होंने और करीना कपूर ने फैसला किया है कि वो तैमूर को लंदन में बॉर्डिंग स्कूल में पढ़ने भेजेंगे और ये तैमूर की भलाई के लिए होगा। उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि पूरा परिवार तैमूर को बेवजह मिलने वाली अटेंशन से चिंतित है इसलिए यह फैसला किया गया है।

बेहद चिंतित सैफ अली खान ने फैसला किया है कि "उनकी आखों में मासुमियत नजर आती है। मैं उसके लिए काफी चिंतित हूं। मैंने और करीना ने पहले ही तैमूर के स्टारडम पर बात की है और हमने उसे इंग्लैंड में अच्छे बोर्डिंग स्कूल में भेजने का फैसला किया है। ये आइडिया मेरे परिवार में हमेशा काम आया है।"

बिगड़ैल स्वभाव को नहीं बर्दाश्त करेगी करीना

उन्होंने ये भी कहा कि लग्जरी के साथ सख्ती भी आती है। सैफ और करीना दोनों ही किसी भी हाल में तैमूर को बिगड़ते नहीं देखना चाहते हैं। 

 

 

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सैफ अली खान ने ये भी कहा कि "करीना बहुत ही अच्छी मां हैं। अगर तैमूर बिगड़ जाएं तो इस बात को करीना बर्दाश्त नहीं करेगीl तैमूर को समझना होगा कि हमेशा सबकी निगाहें उसके ऊपर हैं। उसे बहुत सारी सुविधाएं भी होंगी। लेकिन मुझे लगता है जिंदगी में इसे बैलेंस करने के कई अच्छे रास्ते भी हैं। इसलिए इन सारी सुविधाओं और स्टारडम के साथ उसके पास जिम्मेदारियां भी होंगी।"

हो सकता है कि वो किसी और क्षेत्र में जाए

सैफ अली खान पहले भी अपनी बेटी सारा की एक्ट्रेस बनने के फैसले को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने फिर से उम्मीद जताई है कि तैमूर को एक अच्छा मार्गदर्शन मिले और जरूरी नहीं कि वो एक्टर की ही जिंदगी जिए। 

शेफ स्टार सैफ अली खान ने कहा कि "उससे कुछ उम्मीदें भी होंगी। हो सकता इस वजह से उसके ऊपर एक्टर बनने का दबाब हो। मैं आशा करता हूं कि उसे सही मार्गदर्शन मिले और वो दूसरे फील्ड में जाने के बारे में भी सोचे।"

उन्होंने शेयर किया कि "मुझे इस बात की चिंता इसलिए है क्योंकि वो पहले ही स्टार बन गया है और लोग उसे बहुत प्यार करते हैं। इससे उसके ऊपर प्रेशर रहेगा। बदकिस्मती से उसे ये सब खुद ही संभालना होगा।" 

एक बात तो साफ पता चल रहा है कि पटौदी परिवार तैमूर के ऊपर स्टारडम का बोझ रहने देने के पक्ष में नहीं हैं और ना तो उनका इरादा तैमूर को एक्टिंग के क्षेत्र में लाने का है। हालांकि इसमें कोई शक नहीं है कि पटौदी परिवार तैमूर के फैसले में साथ ज़रूर देगा। अगर आपको भी ये चिंता होती है कि आप अपने बच्चों के सपनो को कैसे आकार देने में मदद करेंगे तो यहां आप कुछ खास बातों को पढ़िए जैसा हमने आपके पिछले आर्टिकल में बताया था। 

अपने बच्चों के पैशन को यूं करें सपोर्ट

अपने बच्चों की अनुठी रुचि को समझें: बच्चों को उनके सपने को फॉलो करने देने के साथ पहले उनके सपनों और रुचि को समझें। जो बाकी कर रहे हैं वही करने की जगह अपने बच्चों को समझे और जिंदगी की रेस में उन्हें शामिल होने ना दें।

लीक से हटकर सोचने दें: हम अक्सर अपने बच्चों पर अपने सपनों को थोपते हैं और उन्हें खेल-कूद और कई एक्टिविटी में जबरदस्ती भाग लेने के लिए कहते हैं लेकिन कई बार बच्चों में ऐसा पैशन होता है जिसकी संभावना नहीं होती है। उन्हें अपनी रुचियों को समझने दें जिसमें पेंटिंग, सिलाई या खेल में क्रिकेट की जगह कुछ और हो सकता है। 

आशावादी रहना सिखाएं: हम अपने बच्चों को आशावादी होना सिखाए। हमेशा याद रखिए कि आशावादी बच्चों में ही खुद संभलने की ताकत होती है और वो खुद अपनी असफलताओं से सीखते हैं। हमें चाहिए कि हम बच्चों को गलतियों से सीखने की कला को विकसित करें।