निशा रावल और करण मेहरा ने कुछ यूं किया बेटे का अन्नप्राशन

बेबी के अन्नप्राशन पर नए पैरेंट्स निशा रावल और करण मेहरा ने कुछ बेहद खास किया। जानिए क्या?

टेलीविजन एक्टर करण मेहरा और निशा रावल जून में एक क्यूट से बेबी के पैरेंट्स बने और बतौर पैरेंट्स वो अपने रोल में बिल्कुल ढल चुके हैं। वो अक्सर नई कहानियां सुनाते रहते हैं और पैरेंट्स बनने के बाद जो भी बदलाव आ रहे हैं उन्हें खुले तौर पर स्वीकार भी कर रहे हैं। यही बातें उन्हें पॉपुलर यंग इंडियन पैरेंट्स बनाती है।

परंपरा से जुड़ते हुए नए पैरेंट्स ने हाल में बेबी से जुड़े एक बेहद खास लम्हे को शेयर किया। दरअसल हम बात बेबी के अन्नप्राशन की कर रहे हैं।

निशा और करण के बेबी का अन्नप्राशन

बेहद खुश और प्राउड पैरेंट्स ने बेबी का अन्नप्राशन ठीक उस दिन किया जिस दिन उनका बेबी 5 महीने का हुआ। उन्होंने कई खास तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर भी की।

तस्वीरें शेयर करने के साथ उन्होंने लिखा कि  "Welcome “Food” (emoticon) Kavish Mehra is all yours!”

 

 

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तस्वीरों में निशा और करण बेबी को चांदी के बरतन में खिलाते भी नजर आ रहे हैं जो उत्तर भारत में कई घरों का रिवाज भी होता है ।

मैं सबको सलाह देना चाहता हूं

संयोग से जब पैरेंटिंग की बात आती है तो दोनों काफी व्यावहारिक हैं और इसका क्रेडिट अपने परिवार को देते हैं जो उन्हें चीजों को उनके हिसाब से करने देते हैं।

नए डैड ने शेयर किया उन्हें डायपर बदलने की आदत हो गई है। उन्होंने कहा कि “नहीं..नहीं मुझे किसी तरह की सलाह नहीं दी गई है। मेरे पैरेंट्स और मैंने अपने अनुभव शेयर किए और सच्चाई तो ये है कि पैरेंटिंग का कोई पक्का नियम नहीं होता है। हम अपने अनुभवों को तलाशना चाहते हैं।“

इसलिए ये कोई सरप्राइज की बात नहीं है कि दोनों ने खुद ही अन्नप्राशन का आयोजन किया और परिवार के सदस्यों और खास दोस्तों को बुलाया।आखिर अन्नप्राशन बच्चों के लिए बेहद खास होता है।

अन्नप्राशन का आयोजन पारंपरिक रूप से किया गया। देखकर ऐसा लग रहा है कि कविश को चावल और घी खिलाया गया जो आसानी से पच सकता है।

 

 

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अगर आप भी अपने बेबी के लिए अन्नप्राशन का आयोजन कर रहे हैं तो हमेशा  बेबी के खाने में घी को मिलाएं।

3 कारण..आखिर क्यों बेबी के ठोस आहार में घी को करें शामिल

  • कैलोरी जरुरी फैट की कमी को पूरा करता है: घी को बेबी के ठोस आहार में शामिल करने का पहला कारण ये है कि घी में सैच्युरेटेड फैटी एसिड होता है जो आसानी से पच सकता है। इसके अलावा ये अच्छी कैलोरी और फैट बढ़ाता है जो बेबी के विकास के लिए अगले कुछ महीनों तक जरुरी है।
  • विटामिन और मिनरल का अच्छा स्त्रोत: चूंकी घी दूध से निकलता है इसलिए इसमें कैल्शियम, विटामिन ए और कम मात्रा में प्रोटीन भी पाया जाता है। यह शरीर से कैंसरकारी तत्व को भी संभावित रूप से बाहर निकालता है
  • खाने में फ्लेवर लाता है: जी हां आपने सही पढ़ा। ज्यादातर बच्चों के आहार में चीनी या नमक रहित होना चाहिए और उनके खाने में घी मिलाने से बेबी के स्वाद के लिए ये अच्छा हो जाता है।