घर..ऑफिस..और बच्चों के बीच यूं बनाए तालमेल..होगी सारी टेंशन दूर

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हमारा यह आर्टिकल उन सभी नई मम्मियों के लिए है जो इस बात से परेशान हैं कि ऑफिस और घर के बीच तालमेल कैसे बिठाएं, हम यहां आपके लिए कुछ टिप्स लेकर आए हैं...

इसमें तो कोई दो राय नहीं है कि आज की महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। अब महिलाएं पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं। घर भी संभालती हैं और नौकरी भी करती हैं। लेकिन अगर महिला शादीशुदा है तो उसपर ज़िम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है।

हालांकि अब लोग पहले के मुकाबले काफी समझदार हो गए हैं और कामकाजी महिलाओं को उसके परिवार का सपोर्ट भी पूरा मिलता है लेकिन इसके बावजूद भी बहुत से ऐसे काम हैं जो महिलाओं को करने ही पड़ते हैं। 

अगर आप एक कामकाजी महिला के साथ साथ एक मां भी हैं तो आपको घर, ऑफिस और अपने बच्चों में संतुलन बनाना पड़ेगा ही। तभी आप अपनी प्रोफेशनल लाइफ और पर्सनल लाइफ को अच्छी तरह चला पाएंगीं।

तो आज हमारा यह आर्टिकल उन सभी नई नई मम्मियों के लिए है जो इस बात से परेशान हैं कि ऑफिस और घर के बीच तालमेल कैसे बिठाएं, हम यहां आपके लिए कुछ टिप्स लेकर आए हैं…

सही ऑफिस का चुनाव

आप नई नई मम्मी बनी हैं तो जितनी आपकी ज़िम्मेदारी ऑफिस के प्रति है उतनी ही ज़िम्मेदारी आपकी अपने बच्चे के प्रति भी है। कुछ दफ्तर ऐसे होते हैं जिसमें 8 घंटों की बजाए 10 घंटों की नौकरी होती है। इसी के साथ वहां उम्मीद की जाती है कि आप अतिरिक्त समय भी दें। अगर आपके ऑफिस में भी कुछ ऐसा है तो आप ऐसी नौकरी ना करें। तो ऐसे में आपको ध्यान देना होगा कि आपके ऑफिस का चयन सही है। हो सके तो आपको ऐसी नौकरी करनी चाहिए जहां अगर ज़रूरत हो तो घर से काम करने की सुविधा भी मिल सके। 

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FirmBee / Pixabay

कोई ना कोई हो बच्चे की देखभाल के लिए

आपको अपनी गैरमौजूदगी में ऐसे किसी भरोसेमंद इंसान की ज़रूरत होगी जो आपके ना होने पर आपके बच्चे की देखभाल कर सके। अगर दादी-नानी हैं तो बहुत ही बढ़िया बात है लेकिन अगर आप ज्वाइंट फैमिली से दूर हैं तो आपको ऐसे सपोर्ट सिस्टम की व्यवस्था करनी पड़ेगी जिस पर आप भरोसा करके अपने बच्चे को उसके साथ छोड़ सकें। 

प्लानिंग करें

सबसे पहले तो आपको प्लानिंग पर ध्यान देना होगा। आप हर चीज़ का हल निकाल सकती हैं योजनाबद्ध तरीके से। घर हो या दफ्तर दोनों को आप आसानी से योजनाबद्ध तरीके से हैंडल कर सकती हैं। 

अपने ऑफिस में बात करके रखें

बातचीत एक ऐसा माध्यम है जिससे हर समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। तो आप भी अपने ऑफिस में अपने सीनियर से अपने एचआर से बातचीत करके रखें और उन्हें अपनी समस्या से अवगत ज़रूर कराएं। ऐसे में अगर आप ऑफिस टाइमिंग खत्म होने से कुछ देर पहले भी निकलेंगी तो इससे किसी को आपत्ति नहीं होगी। 

काम बांटे

और ये प्वाइंट उन माओं के लिए है जिनका बच्चा स्कूल जाता है। एक बच्चे की परवरिश करने की ज़िम्मेदारी माता पिता दोनों पर ही होती हैं। अगर आप ऑफिस जाती हैं तो इसमें अपने पति की मदद लें। लिए अपने काम को बांट लेना चाहिए। ये पहले से ही निश्चित कर लेना चाहिए कि कौन बच्चे को तैयार करेगा, कौन रसोई का काम करेगा और कौन बच्चे को स्कूल छोड़ेगा। सुबह जल्दी उठेंगे तो आपको कुछ समय एक दूसरे के साथ बिताने को भी मिलेगा।