गोद लेने से बड़ा गिफ्ट आप किसी बच्चे को नहीं दे सकते – रवीना टंडन

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रवीना टंडन खुद सिर्फ 21 साल की थीं जब उन्होंने 1995 में दोनों बच्चियों को गोद लेने का फैसला किया था।

एक्ट्रेस रवीना टंडन भले स्क्रीन पर ‘मस्त मस्त’ गर्ल हो लेकिन असल जिंदगी में वो एक साधारण और हौसला बढ़ाने वाली मां हों। रवीना टंडन कमबैक फिल्म मातृ में लगभग 12 साल बाद नजर आएंगी। उन्होंने अपने चमकते करियर के दौरान ही दो बच्चियों को गोद लिया था।

रवीना टंडन अपने दोनों बेटियों (गोद ली हुई) को अच्छी जिंदगी देना चाहती थीं

रवीना टंडन खुद सिर्फ 21 साल की थीं जब उन्होंने 1995 में दोनों बच्चियों को गोद लेने का फैसला किया था। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उऩ्होंने शादी के काफी बच्चियों को गोद लेने का फैसला किया था।

रवीना टंडन ने कहा क “उस समय मैं ज्यादा नहीं सोची कि मैं कैसे मैनेज करुंगी। मुझे इतना पता था कि मैं एक अच्छी जिंदगी देने में आर्थिक रूप से सर्मथ हूं।मैं आज गौरवान्वित महसूस करती हूं।  लेकिन मैं ये कभी भी अपने परिवार के सहयोग के बिना नहीं कर पाती। मैं तो लगातार शूटिंग करती थी लेकिन मेरे परिवार ने उनका पूरा ख्याल रखा।“

जाहिर सी बात है कि जिसने अपने बच्चों के लिए इतना कुछ किया हो वो सेरोगेसी को कभी वकालत नहीं करेंगी। हाल में एक इंटरव्यू में चार बच्चों की मां (पूजा, छाया, राशा और रणबीर) ने कहा कि क्योंकि गोद लेना सेरोगेसी से बेहतर विक्लप है।

मैं सेरोगेसी की जगह गोद लेने की सलाह दूंगी

सेरोगेसी के बारे में बातचीत करने के दौरान रवीना टंडन ने कहा कि जो पैरेंट्स बनना चाहते हैं उन्हें गोद लेने के बारे सोचना चाहिए ना कि सेरोगेसी के बारे में।“

रवीना टंडन के कहा कि “मैं सेरोगेसी से ज्यादा बच्चे को गोद लेने को तरजीह दूंगी।मुझे लगता है कि गोद लेकर किसी को बेहतर जिंदगी और परिवार देते हैं और इससे आत्मसंतुष्टि मिलती है।“

रवीना टंडन ने पूजा और छाया को तब गोद लिया था जब वो 11 और 8 साल की थीं।रवीना टंडन मानती हैं कि गोद लेकर किसी की जिंदगी बनाने से संतुष्टि मिलती है।“


उन्होंने कहा कि “हो सकता है इसे लोग इसे खुशी पाने का स्वार्थी तरीका बोलें लेकिन मुझे अपनी दोनों बेटियो को देखकर गर्व होता है कि मैंने उन्हें एक खूबसूरत जिंदगी दी है। बेशक आप आगे जाकर अपने बच्चे पैदा कर सकते हैं लेकिन किसी बच्चे को गोद लेने से बड़ा गिफ्ट आप उसे नहीं दे सकते। “

 

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रवीना टंडन ने ये बिल्कुल सही बात कही है। भले सरोगेसी से करण जौहर, तुषार कपूर, शाहरुख खान, और आमिर खान जैसे स्टार्स की जिंदगी बदली हो और जिसकी वजह से और भी लोग इसे अपना रहे हैं।

लेकिन आम लोगों के लिए जो सरोगेसी की मदद से पैरेंट्स बनना चाहते हैं उनके लिए ये नए सरोगेसी बिल की वजह से काफी मुश्किलों भरा हो गया है।

साधारण लोगों के लिए आसान नही सरोगेसी की राह!

काफी समय से लंबित सेरोगेसी बिल को हाल मे ही कैबिनेट ने पास किया। जिसे डॉक्टर्स, इसकी मदद से पैरेंट्स बनने का सपना देख रहे लोग और आम जनता का मिला जुला रिएक्शन मिला। बिल में कुछ काफी कठोर नियम हैं खासकर जो पैरेंट्स के बच्चे नहीं है उनके लिए।

  • अब से वो कपल जिनकी शादी के पांच साल हो चुके हैं और बच्चे नहीं हैं सिर्फ वो सेरोगेसी को अपना सकते हैं। वो भी सेरोगेट मां सिर्फ रिश्तेदार होनी चाहिए।
  • विदेशी, NRSs और PIOs जो भारत विदेशों में रहने वाले भारतीय हैं उन्हें इससे वर्जित रखा गया है क्योंकि तलाक विदेशों में काफी आम बात है।
  • लिव इन पार्टनर, सिंगल पैरेंट और होमोसेक्सुअल कपल को सेरोगेसी से वर्जित रखा गया है।

पॉपुलर सेलिब्रिटी जैसे एक्टर, डायरेक्टर के लिए भी अब सेरोगेसी की राह आम लोगों की तरह ही आसान नहीं रहेगी ।

इसलिए जैसा कि रवीना टंडन ने कहा कि अगर आप किसी की जिंदगी बदलना चाहते हैं तो गोद लेने का रास्ता अपनाइए।

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Source: theindusparent

Written by

Deepshikha Punj