pregnancy के दौरान कितने different and weird होते हैं आपके सपने

गर्भावस्‍था के दौरान आपको विविध, हिंसक या फिर बहुत अज़ीब सपने दिखाई दे सकते हैं। हालांकि उनसे घबराकर आपको रातों की नींद गंवाने की ज़रूरत नहीं है। चलिए उन्‍हें समझने की कोशिश करते हैं

गर्भावस्‍था के दौरान आपको विविध, हिंसक या फिर बहुत अज़ीब सपने दिखाई दे सकते हैं। हालांकि उनसे घबराकर आपको रातों की नींद गंवाने की ज़रूरत नहीं है। चलिए उन्‍हें समझने की कोशिश करते हैं

पांच माह की गर्भवती लीना वशिष्‍ठ (बदला हुआ नाम) के लिए रात में सोना बहुत मुश्किल हो रहा है। इसकी वजह उनके बढ़ते हुए पेट के कारण हो रही असहज़ता नहीं बल्कि उन्‍हें आने वाले अज़ीबोगरीब सपने हैं,जो सप्‍ताह में कम से कम दो बार उन्‍हें आते हैं।

27 वर्षीय वशिष्‍ठ बताती हैं, ‘‘परसों ही मुझे एक सपना आया कि मैं गर्भावस्‍था में ही घुड़सवारी कर रही हूं और मेरे गर्भ में पल रहा शिशु मुझसे बात कर रहा है। कुछ समय बाद मुझे अहसास हुआ कि मैं घोड़े पर नहीं बल्कि कुत्‍ते पर बैठी हुई थी और मेरो शिशु मेरे बराबर में लेटा हुआ था।’’ वह बताती हैं, ‘‘यह सपना इतना अज़ीबोगरीब था कि मेरी आंख अचानक खुली और मैं पसीने में तरबतर थी। मुझे अभी तक उस सपने का क्रम अच्‍छी तरह याद है।’’

ऐसे सपने अक्‍सर आने के बाद वशिष्‍ठ ने अपनी सबसे अच्‍छी सहेली के साथ इस बारे में चर्चा करने का फैसला किया। उनकी सहेली ने उन्‍हें बताया कि जब वह गर्भवती थी तो उन्‍हें गर्भावस्‍था की दूसरी तिमाही के दौरान हमेशा अपनी बिल्‍ली को स्‍तनपान कराने के सपने आते थे।

विशेषज्ञों के अनुसार सपने अपने अवचेतन मस्तिष्‍क से जुड़ने का तरीका होते हैं। हमेशा नहीं तो अक्‍सर वे हमारी कुछ आशंकाओं और असुरक्षओं से संबंधित होते हैं, जिनके बारे में आप सोच रही हों।

दिल्‍ली स्थित ईसाइक्‍लीनिक डॉट कॉम की गाइनैकोलॉजिस्‍ट डॉ. प्रियंका मेहता बताती हैं,‘‘गर्भावस्‍था के दौरान महिला में काफी शारीरिक और मनोवैज्ञानिक बदलाव आते हैं।

इसके अतिरिक्‍त शिशु के जन्‍म से भी कुछ आशंकाएं जुड़ी होती हैं। इसलिए यही आशंकाएं विविध सपनों के तौर पर दिखाई देती हैं क्‍योंकि महिला का मस्तिष्‍क कई नई भावनाएं और अनुभव इकट्ठे कर रहा होता है।’’

गर्भावस्‍था के दौरान आपको सामान्‍य परिस्थितियों के मुकाबले ज्‍़यादा अज़ीबोगरीब सपने आ सकते हैं। कई महिलाएं बताती हैं कि उन्‍हें सेक्‍स, बोलते जानवरों, बड़ी   व भव्‍य इमारतों और बेहद कुरूप दिखने वाले शिशुओं के सपने आते हैं। डॉ. मेहता बताती हैं,‘‘गर्भावस्‍था के दौरान कामुकता भरे सपने उन्‍हें सिर्फ यह राहत देते हैं कि वह अब भी आकर्षक और प्‍यारी दिखती हैं।’’

दिल्‍ली स्थित फोर्टिस ला फैमे के निदेशक (ऑब्‍सट्रेटिशियन एवं गाइनैकोलॉजिस्‍ट)  डॉ. विमल ग्रोवर ऐसे ही एक मामले के बारे में बताते हैं, ‘‘27 वर्षीय गर्भवती महिला एक ट्रिपल मार्कर टेस्‍ट कराना चाहती थी।

परीक्षण इसलिए किया जाता है ताकि यह जांच की जा सके कि गर्भ में शिशु उचित ढंग से विकसित हो रहा है या नहीं। उनकी शिकायत थी कि उन्‍हें लंबे समय से अपने शिशु की उपस्थिति के बारे में बहुत अज़ीब सपने आ रहे हैं। हालांकि परीक्षण में खुलासा हुआ कि उनका शिशु बिल्‍कुल स्‍वस्‍थ है।’’

गर्भावस्‍था के दौरान सामान्‍य अवधि के मुकाबले अज़ीब सपने क्‍यों आते हैं, जानने के लिए पढ़ें

गर्भवती महिलाओं को अज़ीब सपने क्‍यों आते हैं ?

गर्भावस्‍था के दौरान महिला कुछ आशंकाओं और चिंताओं को लेकर ज्‍़यादा ही संवेदनशील हो जाती हैं।दिल्‍ली स्थित एससीआई हेल्‍थकेयर की निदेशक और गाइनैकोलॉजिस्‍ट डॉ. शिवानी सचदेव- गौर बताती हैं,‘‘उदाहरण के लिए गर्भवती महिलाएं उनके शरीर को नुकसान होने की चिंता से आशंकित रहती हैं।’’

हालांकि सपने की विषयवस्‍तु महिला में होने वाले शारीरिक बदलावों के साथ ही बदलती है। डॉ. सचदेव –गौर बताती हैं, ‘उनके सपने उनकी शारीरिक परिस्थिति में बदलाव दर्शाते हैं और ये शिशु के जन्‍म लेने से जुड़ी उसकी चिंता और उम्‍मीद को दर्शाते हैं।’

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किसी महिला को निम्‍नलिखित वजहों से गर्भावस्‍था के दौरान विविध प्रकार के सपने आ सकते हैं :

  • प्रोजेस्‍ट्रोन और एस्‍ट्रोजन स्‍तर में उतार-चढ़ाव के कारण महिला के शरीर में होने वाले हॉर्मोन संबंधी बदलाव से उसकी नींद प्रभावित होती है, जिससे उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती है। डॉ. मेहता बताती हैं,‘इस समय महिलाएं शायद शारीरिक बदलावों के बारे में ज्‍़यादा सोचती हैं।’
  • वित्‍तीय स्‍तर पर करियर में समझौते, शारीरिक असहज़ता, कभी पहले गर्भपात हुआ हो, संभावित जटिलताओं की आशंका, प्रसव और नवजात की देखभाल करने की चिंता से उपजी बेचैनी और तनाव के कारण भी उन्‍हें इस तरह के सपने आ सकते हैं।
  • बार- बार पेशाब जाने और सोते समय अपनी अवस्‍था ठीक करने के कारण नींद टूटती है और इस वजह से आपको बहुत अज़ीब सपने आ सकते हैं।डॉ. ग्रोवर बताते हैं,‘गर्भावस्‍था के दौरान बार बार पेशाब जाने से महिला की नींद में खलल पड़ता है। इस वजह से वे गहरी नींद में चली जातीहैं और आरईएम (रैपिड आई मूवमेंट) नींद की स्थिति में रहने के कारण हर बार नए सपने के साथ उठती हैं।’ इसलिए चाहे आपके पांव में क्रैंप हो या आपको पेशाब जाना हो या फिर सहज स्थिति में सोने की कोशिश, कुछ न कुछ तो आपको गहरी नींद लेने से रोकेगा।
  • विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्‍था के दौरान अज़ीबोगरीब सपने और आशंकाएं उन महिलाओं को ज्‍यादा परेशान करती हैं, जो मानसिक तौर पर बहुत मजबूत नहीं हैं। जिन महिलाओं को उनके परिवार का लगातार साथ नहीं मिलता या उन पर नियमित भावनात्‍मक व वित्‍तीय दबाव रहता है, उन महिलाओं को इस तरह के अज़ीबोगरीब सपने ज्‍यादा आते हैं। डॉ. ग्रोवर बतातेहैं,‘तनाव के कारण ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्‍टम बहुत अधिक सक्रिय हो जाता है, जिससे ऐसे न्‍यूरोट्रांसमिटर्स निकलते हैं, जो तनाव और बेचैनी बढ़ाते हैं।’
  • अज़ीबोगरीब सपने सामान्‍य तौर पर उन महिलाओं को भी आते हैं, जो पहली बार गर्भवती हुई हैं या फिर जिन्‍होंने आईवीएफ और सरोगेसी जैसी सहायक तकनीकों का सहारा लिया है। डॉ. सचदेव – गौर बताती हैं, ‘गर्भधारण के ऐसे मामलों में बेचैनी थोड़ी ज्‍़यादा रहती है और इसलिए गर्भवती माता भी काफी बेचैन हो जाती है।’
  • डॉ. मेहता बताती हैं,‘आपकी नींद का 20 से 25 फीसदी समय आप सपने देख रही होती हैं।’ अक्‍सर गर्भवती महिलाओं को पानी और तैरते हुए शरीर के सपने आते हैं क्‍योंकि गर्भ में एम्नियॉटिक द्रव्‍य बढ़ने लगता है। गर्भावस्‍था की शुरूआत में पानी से जुड़े सपने आना सामान्‍य बात है। पानी में तैरता भ्रूण या पानी में तैरती मछली इनमें सबसे आम सपने होते हैं।

गर्भावस्‍था के दौरान आने वाले अज़ीबोगरीब सपनों से निपटने की सलाह जानने के लिए आगे पढ़ना जारी रखें

कैसे निपटे ऐसे सपनों से

विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्‍था के दौरान अज़ीबोगरीब सपने आने पर सहायक परामर्श और थेरेपी काफी मददगार साबित होती है लेकिन गंभीर अवसाद की स्थि‍ति में ज्ञानात्‍मक थेरेपी सबसे बेहतरीन इलाज साबित हो सकती है।

डॉ. ग्रोवर बताते हैं,‘इस तरह के सपनों को बार-बार देखने से बचने के लिए तनाव से जितना संभव हो उतना दूर रहने की कोशिश करें। इसके लिए आप अपने साथी से अपने सपनों, डर और चिंता के बारे में बात कर सकती हैं क्‍योंकि इससे आप बेहतर महसूस करेंगी।।’

अगर आपको बार –बार अज़ीबोगरीब सपने आ रहे हैं तो कुछ बातों पर ध्‍यान देने की ज़रूरत है :

  • अपने लिए समय निकालें। आपको जो भी काम पसंद हो वह करें और सहज रहना सीखें।
  • नियमित तौर पर व्‍यायाम करें जैसे तैरना या सैर करना। गहरी सांस लेने वाले व्‍यायाम करें, जैसे योग या हल्‍की फुल्‍की स्‍ट्रैचिंग।
  • जल्‍दी सोएं। आपका शरीर अब दो लोगों के लिए काम कर रहा है इसलिए कम से कम 8 घंटे की नींद बहुत ज़रूरी है।
  • गर्भावस्‍था से जुड़ी किताबें पढ़ें। वे आपको बच्‍चे के जन्‍म से जुड़ी बेचैनी कम करने में मदद करेंगी।
  • अपनी सहेली की गर्भावस्‍था की कहानियां सुनना अच्‍छी बात है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अगर वह आपको कुछ डराने वाली बात बताए तो आप उसी के बारे में सोचती रहें। इस बारे में बहुत अधिक बात नहीं करें।
  • किसी हेल्‍थकेयर पेशेवर की मदद लें। इससे आप और आपका शिशु अनचाहे जोखिम से सुरक्षित रहेगा और आपको भी पोस्‍टपार्टम अवसाद होने की आशंका कम हो जाएगी।
  • अपनी माता या उन सहेलियों से बातचीत करें, जो मातृत्‍व का सुख ले चुकी है विशेष तौर पर उस स्थिति में जब आप पहली बार मां बनने जा रही हों क्‍योंकि वे अपने अनुभव साझा कर आपका तनाव कुछ कम कर सकती हैं।
  • कई बार आध्‍यात्मिकता का रास्‍ता चुनना भी फायदेमंद होता है। डॉ. ग्रोवर बताते हैं,‘ कई अध्‍ययनों में सामने आया है कि आध्‍यात्मिकता की मदद से डर और तनाव दूर करने में मदद मिली है। ’

सबसे महत्‍वपूर्ण बात है कि ऐसी परिस्थितियों में परिवार की भूमिका बहुत अहम होती है। डॉ. मेहता बताती हैं,‘ परिवार साथ में भोजन कर, डिलीवरी के अपने अनुभव के बारे में सकारात्‍मक संदर्भ में बात कर और शिशु देखभाल से जुड़ी मजेदार बातें साझा कर गर्भवती महिला को काफी सहज महसूस करा सकता है।

मनोरंजन के लिए आप अपने सपनों का मतलब निकालने की कोशिश कर सकती हैं, लेकिन सुनिश्चित करें कि आप इसे गंभीरता से नहीं लेंगी। आप अपने सपनों पर हंस सकती हैं।

अगर आपके पास गर्भावस्‍था के दौरान अज़ीबोगरीब सपनों के बारे में कोई जानकारी, सवाल या टिप्‍पणी है तो कृपया नीचे दिए गए बॉक्‍स में साझा करें।