गर्भपात से जुड़े मिथक और असल सच्चाई

गर्भपात से जुड़े मिथक और इसकी असल सच्चाई आपको कई मायनों में फायदा पहुंचा सकते हैं खासकर अगर आप, कोई दोस्त या आपके खास प्रेग्नेंट हैं।

गर्भावस्था के दौरान 15 प्रतिशत केस में गर्भपात हो सकते हैं । दुख की बात ये है कि ज्यादातर समय गर्भपात को रोकने के लिए आपके पास करने को कुछ भी नहीं होता है। गर्भपात से जुड़े मिथक और इसकी असल सच्चाई आपको कई मायनों में फायदा पहुंचा सकते हैं खासकर अगर आप, कोई दोस्त या आपके खास प्रेग्नेंट हैं।

इंटरनेट पर गर्भपात से जुड़ी जानकारियों के आधार पर हमने कुछ भ्रांतियों को खत्म करने की कोशिश की है। जानिए गर्भपात से जुड़े कुछ मिथक और सच्चाई ।

गर्भपात के कारण:

  • गुणसूत्र संबंधी समस्याओं के कारण 70 प्रतिशत गर्भपात पहले तिमाही में होता है और 20 प्रतिशत दूसरे तिमाही में। रिर्सच करने वालों को अभी तक भ्रूण के जीन में क्या समस्या होती इसका पता नहीं चल पाता है और यही गर्भपात का कारण होती है। असल में पिता के स्पर्म के साथ आने वाले क्रोमोजोम मां के अंडाणु के साथ ठीक से नहीं मिल पाते हैं। लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि माता और पिता में कोई समस्या है या बार बार ऐसा ही होगा।  
  • पुरानी बीमारी भी गर्भपात का एक बड़ा कारण हो सकता है जिसके कारण यूटरस तक रक्त संचार नहीं हो पाता है और गर्भपात होता है। इस कारण डायबीटिज, थायरॉड, दिल की बीमारी, और यूरिन इंफेक्शन होने की संभावना होती है। इस तरह की बीमारियां अगर पहले से हो तो प्रेग्नेंसी में कई तरह के खतरे होते हैं।
  • हार्मोनल असंतुलन भी गर्भपात का कारण हो सकता है। कई केस में महिलाओं का शरीर प्रोजेस्ट्रॉन को प्रोड्यूस नहीं कर पाती हैं इसलिए यूटरस भ्रूण का भार सहन नहीं कर पाता है।
  • अधिक कैफिन का सेवन भी गर्भपात का कारण हो सकता है। एक स्टडी के अनुसार महिलाएं अगर 200mg से अधिक सेवन करती हैं तो गर्भपात का खतरा दुगना हो जाता है। अधिक शराब, धुम्रपान, ड्रग के कारण भ्रूण विकास नहीं कर पाते हैं। जितना हो सके स्मोकिंग, ड्रिंक से दूर रहें।

किन बातों से होता है गर्भपात?

1. आपने हो सकता है पढ़ा हो लेकिन अधिक व्यायाम से गर्भपात नहीं होता है। बल्कि डॉक्टरों द्वारा स्वीकृत व्यायाम करने से गर्भपात की संभवना कम होती है। व्यायाम से बेबी स्वस्थ्य रहता है क्योंकि व्यायाम से तनाव, दर्द, प्रेग्नेंसी के दौरान के डायबिटीज कम होते हैं और साथ आपको प्रसव के लिए ताकत मिलती है।

2. मूड कभी भी गर्भपात का कारण नहीं होता है। किसी भी स्टडी ने नहीं माना है कि मूड का गर्भपात से लेना देना होता है।फिर भी अगर आपको लगता है कि आप अवसाद में जा रही हैं तो डॉक्टर को जरूर बताएं। 10-20% महिलाएं प्रेग्नेंसी में अवसाद से ग्रसित हो जाती हैं लेकिन इससे आपके बेबी को नुकसान नहीं पहुंचता है। आपको अपने डॉक्टर से जरूर बात करनी चाहिए।

3. तनाव को भी गर्भपात का कारण माना जाता है लेकिन रोजमर्रा के टेंशन और घबराहट तनाव का कारण नहीं होता है। अधिक तनाव में अगर महिलाएं ड्रग्स, स्मोकिंग और शराब का सेवन करने लगे तो गर्भपात की संभावना होती है।

अंतत: गर्भपात मां की गलती से नहीं होती है।

ज्यादातर कारण गर्भपात के अनुवांशिक समस्याएं होती हैं या हार्मोनल असंतुलन जिसपर मां का कोई कंट्रोल नहीं होता है। यहां ये भी बताना जरूरी है कि ज्यादातर गर्भपात अचानक होते हैं। आपको कभी भी खुद को इसके लिए दोषी नही मानना चाहिए।

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Source: theindusparent