खुद करें ब्रेस्ट की जांच..मां के लिए चित्रों के साथ गाइड

इस लेख में सीधे-साफ निर्देशों के साथ चित्रों को देखें और जानें कि कैसे अपने ब्रेस्ट की खुद जांच कर सकती हैं।

ब्रेस्ट कैंसर का इलाज अगर सही समय पर नहीं किया जाए तो ये जानलेवा भी हो सकती है। आंकड़ो की माने तो 25% महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर का शिकार होती हैं।

नेशनल केयर सेंटर सिंगापुर के अनुसार सिंगापुर में 1800 से अधिक महिलाओं में 2010-2014 के बीच ब्रेस्ट कैंसर पाया गया।

ब्रेस्ट सेल में किसी तरह की विकृति पाए जाने पर वो एक दूसरे से बिना किसी कंट्रोल के अलग होने लगते हैं। जब अव्यवस्थित रूप से ब्रेस्ट सेल अलग-अलग होते हैं तो अधिक टिशू का निर्माण होने लगता है जो ट्यूमर बनाता है और यही कैंसर को जन्म देता है।

महिलाओं आसानी से ब्रेस्ट कैंसर की पहचान शुरुआती स्टेज में कर सकती हैं। सबसे आसान तरीका है कि आप स्तन में गांठ की जांच भी घर में कर सकती है।

इस लेख में हम आपको ब्रेस्ट के गांठ की जांच कैसे करें इसके बारे में बताएंगे। खुद से ब्रेस्ट की जांच करने में 15 मिनट से भी कम समय लगता है इसलिए आपको यह महीने में एक बार जरुर करना चाहिए।

याद रखें कि ब्रेस्ट की खुद से जांच कभी पीरियड शुरू होने के आसपास या उस दौरान नहीं करें क्योंकि उस समय ब्रेस्ट में पहले से सूजन रह सकती है।

स्टेप 1

लेट जाएं अपने बायें हाथ को सिर के नीच रखें। अपने बायें ब्रेस्ट की जांच दाएं हाथ से करें और पूरे ब्रेस्ट पर, निप्पल पर अच्छे से हाथ घुमाएं। सर्कुलर मोशन में देखें क्या आपको कोई गांठ का पता चल रहा है।

इसके बाद अलग-अलग तरह के प्रेशर का इस्तेमाल करें – हल्का, मीडियम और ज्यादा। इसे सावधानीपूर्वक जांचने के लिए कॉलर बोन से लेकर नीचे तक अच्छे से जांचे।
इस प्रक्रियां को दाएं ब्रेस्ट पर भी अपनाएं।

स्टेप 2

आइने के सामने खड़े हो दाएं और अपनी हाथों को अपने हिप्स पर रख दें। अब अपने आइने में अपने ब्रेस्ट को ध्यान से देखें कि क्या आपको शेप या साइज में कुछ अंतर नजर आ रहा है।

स्टेप 3

अपने हाथ को ऊपर उठाएं और फिर अच्छे से जांचें कि गांठ तो नहीं है।

हमेशा याद रखें कि अगर आपका शरीर इंफेक्शन से लड़ रहा है तो आपका गांठ और बड़ा हो सकता है और आप इसे अपने अंडरआर्म की जांच के दौरान समझ पाएंगे।

अगर आपको ऐसा लगे कि अंडरआर्म्स के नीचे गांठ है तो जितनी जल्दी हो सके चिकित्सीय परामर्श लें कि क्यों आपका गांठ बड़ा है।

स्टेप 4

आखिरकार अपने निप्पल को धीरे-धीरे अंगुठे और तर्जनी अंगुली से दबाएं। अगर आपको लगे कि वहां से कुछ डिस्चार्ज हो रहा है तो इस परिस्थिति में भी जितनी जल्दी हो सके अपने डॉक्टर से मिलें।