क्रिएटिव और हाई आईक्यू वाला बच्चा चाहिए तो प्रेगनेंसी के दौरान ज़रुर अपनाएं ये आदतें

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शिशु के बेहतर मानसिक विकास के लिए आपको गर्भावस्था से ही प्रयास शुरु कर देना चाहिए तभी तो जन्म के बाद उसका दिमाग सुनी-समझी चीजों की ओर आकर्षित होगा ।

हर मां की दिली ख़्वाहिश होती है कि उसका बच्चा तेज़ दिमाग का होने के साथ ही रचनात्मक क्षमता वाला हो ताकि प्रतिस्पर्धा के इस ज़माने में वो अपनी अलग छवि बना सके । कितनी उम्मीदों से मां अपनी हर एक अधूरी हसरत को आने वाले शिशु के लिए संजोए रखती है ।

छोटी उम्र से ही बच्चे को सिखाने-पढ़ाने के लिए कितनी कोशिशें की जाती है हां, ये सब बस इसलिए कि ये नन्हा सा लाडला आने वाले भविष्य में एक सफल इंसान बन सके । लेकिन शिशु के बेहतर मानसिक विकास के लिए आपको गर्भावस्था से ही प्रयास शुरु कर देना चाहिए तभी तो जन्म के बाद उसका दिमाग सुनी-समझी चीजों की ओर आकर्षित होगा ।

वैसे आपको ये जानकारी तो होगी ही कि कैसे अभिमन्यु ने मां के गर्भ में ही चक्रव्यूह भेदने की कला सीखी । ठीक उसी तरह हर शिशु अपनी मां के गर्भ में रहकर बाहरी दुनिया की आवाज़ सुन सकता है । मां के द्वारा की गई अच्छी बातें या कोई अच्छी धुन सुनकर संभव है कि वो कुछ मूवमेंट करे आप चाहें तो आज़मा कर महसूस करें…।

सबसे ज़रुरी बात ये है कि आपके भोजन, आपकी दिनचर्या एवं आपके मूड का सीधा प्रभाव आपके शिशु पर पड़ता है इसलिए गर्भवती स्त्री को इन सभी चीजों का बारीकी से ध्यान रखना होगा । यदि आप डॉक्टर द्वारा दी गई विटामिन सप्लिमेंट्स या आयरन कैल्शियम की गोलियां ना लें तो इसका बुरा असर शिशु के मानसिक विकास पर पड़ना लाज़िमी है ।

src=https://hindi admin.theindusparent.com/wp content/uploads/sites/10/2017/10/pregnancy 1508855129 e1508855142199.jpg क्रिएटिव और हाई आईक्यू वाला बच्चा चाहिए तो प्रेगनेंसी के दौरान ज़रुर अपनाएं ये आदतें

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शिशु के बेहतर मानसिक विकास के लिए क्या करें

  • प्रेरक कहानियां बोल कर पढ़ें- अच्छे संदेश देने वाली कहानियां शिशु को रोचक लगेगी । उसमें कहानी सुनाने या लिखने की कला भी विकसित हो सकती है ।
  • रोजाना कुछ ना कुछ ज़रुर लिखें- लिखना एक अच्छी आदत है । अगर आपको कविता या कहानी लिखने का शौक ना हो तो भी डायरी में अपने और शिशु के विषय में लिखना चाहिए । इसके अलावा आप पेंटिंग भी करना चाहें तो अच्छा रहेगा ।
  • बेहतरीन गाने सुनें-  दिल को भाने वाले संगीत आपके मूड को हल्का करने का काम करते हैं । जो गाने आपके मन को शांत करते हों वो आपके शिशु के भी पसंदीदा होंगे इसलिए आपको म्युज़िक ज़रुर सुनना चाहिए ।  
  • शिशु को अपने स्पर्श का ऐहसास कराएं- जब भी आप अपनी हथेलियों से बेबी बम्प को सहलाती पुचकारती हैं गर्भ में पल रहे शिशु को भी आपके प्रेम की गर्माहट का ऐहसास होता है । वैसे बेबी बम्प का हल्के हाथों से मसाज़ करने से भी शिशु को कई फायदे मिलते हैं ।
  • व्यायाम रोजाना करें- ये ना सिर्फ आपको फिट रखेगा बल्कि व्यायाम से आपके मन को भी शांति मिलेगी । जिसके कारण शिशु को भी सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी ।
  • सुबह की धूप सेकें- सूरज की किरणें विटामिन डी के स्त्रोत होते हैं । लगभग 20 मिनट तक आपको धूप सेंकनी चाहिए इससे आपकी हड्डियों को बल मिलेगा और शिशु को भी इससे फायदा मिलेगा ।  
  • खुशमिजाज़ रहें- आप जितना मुस्कुराती रहेंगी आपके शिशु उतनी ही खुशी महसूस करेंगे । इस तरह उनके ब्रेन का विकास भी अच्छी तरह हो सकेगा ।
  • शिशु से बातें करें- आप दिन भर की सारी बातें अपने शिशु से शेयर कर सकती हैं । जी हां वो आपकी सारी बातें गौर से सुनेंगें और समझेंगे भी । आप चाहें तो शिशु के डैड के विषय में या अपने बचपन के बारे में उसे बता सकती हैं । इससे शिशु संवेदनशील बनेगा और उसमें सोचने की शक्ति विकसित होगी ।  
  • खाने का ज़ायका बदलती रहें- शिशु जब गर्भ में होता है तो वो एमनियोटिक फ्लूइड से घिरा रहता है इस तरह आप जो भी खाती हैं उसका फ्लेवर इस आवरण द्वारा सोंख लिया जाता है । इसलिए आपको अलग-अलग तरह की सेहतमंद चीजें अपने डाईट में शामिल करना चाहिए ।