क्यों मैं चाहती हूं कि पहले मेरी बेटी अच्छा करियर बनाए फिर शादी करे

क्यों मैं चाहती हूं कि पहले मेरी बेटी अच्छा करियर बनाए फिर शादी करे

आप लड़कियों को सिखाएं कि वो किचन और परिवार से कहीं आगे है।

पिंक 2016 की सबसे अच्छी फिल्मों में एक साबित हुई। लोगों ने इसे पसंद किया। फिल्म में महिलाओं की अधिकारों की बात की गई और साथ ही और भी कई चीजों को बेहतरीन तरीके से दिखाया गया।

वो चीजें जिसे अमूमन समाज में गलत नजर से देखते हैं। सबसे जरुरी बात की हर एक लड़की को NO कहने का अधिकार है और अपनी इच्छाओं को पूरा करने का भी।यही हर महिला को करना भी चाहिेए। 

एक पांच साल की बेटी की मां होने के नाते मेरा मानना है कि हर लड़की को शुरू से सिखाना चाहिए कि पहले उनका एक सॉलिड करियर और फिर वो Settle करें। यहां सेटल करने से बेशक मेरा मतलब शादी करने से है। 

ऐसा इसलिए होना चाहिए ताकि वो उस दुनिया के लिए भी तैयार रहें जो बिल्कुल अच्छी नहीं है।उन्हें अपने फैसले लेने का अधिकार होना चाहिए ताकि वो एक यंग कॉन्फिडेंट महिला बने।

उन्हें पता होना चाहिए कि घर की आर्थिक जिम्मेदारी सिर्फ पति या पुरूष सदस्यों की नहीं होती। उन्हें भी परिवार के इनकम में मदद करनी होगी। वो दिन अब जा चुके हैं जब बेटियों को एक अच्छी हाउसवाइफ बनने की शिक्षा दी जाती थी। क्या आपको नहीं लगता कि आज के समय में लड़कियों को लड़कों से अच्छा काम करने की सीख देनी चाहिए।

छोटी बच्चियों को भी पता होना चाहिए कि जिंदगी सिंड्रेला और उसके राजकुमार की कहानी जैसी नहीं होती जो उसे बचाता है और ये मैसेज जाता है कि हर औरत को एक इंसान चाहिए जो उसकी सुरक्षा कर सके। इसलिए मैं अपनी बेटी को अभी से 4 चीजें सिखाती हूं जो उन्हें पता होनी चाहिए।

1. उसे पता होना चाहिए की शादी सब कुछ नहीं है

एक दिन मेरी 5 साल की बेटी मुझे आकर कहती है कि वो बड़ी होकर शादी करना चाहती है।आप एक छोटी बच्ची से उम्मीद भी क्या कर सकते हैं जो सपनों की दुनिया में जीती है कि एक कैसे एक नौकरानी को राजकुमार बचाने आता है।

मैंने उसे कहा कि वो बड़ी होकर शादी कर सकती है लेकिन उसके पहले वो बड़ी होकर क्या करना चाहती है ये मुझे बताए। इसलिए मैं उससे अक्सर पूछते रहती हूं कि वो क्या करना चाहती है। एक दिन उसने मुझसे कहा भी कि “मम्मी मैं चाहती हूं कि मेरी खुद की कंपनी हो।“ मैं आशा करती हूं एक दिन उसका सपना पूरा हो!

2. उसे पैसों का महत्व पता है

एक मां के तौर पर हमें बच्चों को ना कहना आना चाहिए खासकर तब जब वो किसी चीज को लेकर जिद करें कि वो उसके बिना रह ही नहीं सकते।

मैंने भी अपनी बेटी को कई चीजों के लिए मना किया है। उसे पता है किन चीजों को खरीदने में उसे परेशानी नहीं आएगी जैसी किताबें उसे तुरंत मिल जाएगी लेकिन खिलौने नहीं जो कुछ दिन में या तो टूट जाएगा नहीं तो उसकी दिलचस्पी उस खिलौने में कम हो जाएगी। कई बार वो खिलौनो या किसी कार की डिमांड करती है जो उसे दिल से काफी पसंद आता है लेकिन फिर भी उसे ना सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए।

मैंने उसे कहा है की अगर उसे कोई चीज़ बहुत पसंद है तो वो अपने पिगी बैंक से पैसे निकाल कर उन चीजों को ले सकती है। और तोह और वो पिगी बैंक में पैसे किसी चीज के लिए जमा कर सकती है और जब वह पूरे हो जाएं तोह मेरे साथ जा कर उसे खरीद सकती है। तब उसे समझ आएगा कि पैसों की क्या कीमत होती है।

3. उसे दुनिया देखने के लिए तैयार कीजिए

जब मेरी बेटी प्री-स्कूल में थी तभी मैं उसे हमेशा कोई प्रॉब्लम हो तो अपने शिक्षकों को बताए। मैं उसे ये भी बताया कि कोई चिढाए या कुछ बोले तो उसे खुद को बचाना आना चाहिए हमेशा उसकी मम्मा उसके साथ नहीं रहेगी।

4. वो लड़कों से अलग नहीं है

मैं हमेशा उसे ये सिखाने की कोशिश करती हूं कि वो  लड़कों से अलग नहीं है और उसे भी आगे जाकर पैसे कमाने होंगे जैसे उसकी मम्मा करती है।आप लड़कियों को सिखाएं कि वो किचन और परिवार से कहीं आगे है। सिर्फ इसलिए कि वो लड़की है उन्हें बैकसीट पर जाने की जरुरत नहीं है।

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Source: theindusparent

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