आखिर क्यों हर भारतीय माँ का मिशन है "दूध पियो "

आखिर क्यों हर भारतीय माँ का मिशन है "दूध पियो "

दूध हमेशा से घरों में सबसे महत्वपूर्ण खाने-पीने की चीजों में माना जाता है, लेकिन हाल फिलहाल के विचारों की बात करें तो दूध पीना जरूरी नहीं कि आज भी उतना ही लाभकारी हो।

एक चीज जो मुझे बचपन की आज भी याद है वो ये कि सुबह उठते हीं मेरी मां सबसे पहले ब्रश करते ही एक ग्लास दूध दे देती थी।

मैं बहुत नफरत करती थी!

मैं कभी भी दूध की फैन नहीं थी, फैन छोड़िए मैं शायद ही कभी दूध पीना चाहती थी। मैं दिन भर में तीन ग्लास दूध सिर्फ इसलिए पीती थी क्योंकि मेरी मां मुझे देती थी। मुझे बोला गया था कि दूध पीने से मेरी हड्डियां मजबूत रहेगी और मैं लंबी हो जाऊंगी।

हम इससे सहमत हैं

लेकिन कई रिर्पोट आते हैं जिसमें बताया गया है कि हर रोज दूध पीना बच्चों के लिए महत्वपूर्ण कितना महत्वपूर्ण है या फिर एक दिन बीच कर के भी वो दूध पी सकते हैं। मैं ये जानने में बहुत इच्छुक थी कि क्या हर रोज दो-तीन बार दूध पीना जरूरी है।

सिर्फ भारतीय नहीं अमेरिकी और यूरोपियन भी दूध पीने में बहुत दिलचस्पी लेते हैं...

कुछ दिनों पहले मैं अपनी एक दोस्त से बात कर रही थी जिसने मुझे बताया कि सिर्फ भारतीय नहीं बल्कि यूरोपियन और अमेरिकन भी दूध को बहुत महत्व देते हैं और रोज पीते हैं, कम से कम सुबह में तो जरूर। उनका सबसे ज्यादा पसंदीदा सुबह का नाश्ता दूध और सीरियल ही होता है।

  • अगर नई स्टडी की माने तो कोई ऐसा पुख्ता सुबूत नहीं है कि रोज दूध पीने से कम फ्रैक्चर के चांस रहेंगे बल्कि ये कहा जाता है कि रोज दूध पीने से मोटापा बढ़ने का खतरा होता है।
  • एक स्टडी में पता चलता है कि जो बच्चे रोज दूध पीते हैं वो ज्यादा लंबे जरूर थे लेकिन उनका वजन भी उन बच्चों के मुकाबले अधिक था जो रोज दूध नहीं पीते थे।

 
milk adulteration

कृत्रिम दूध के उत्पाद हैं इसके पीछे के कारण..

दूध हमेशा से घरों में सबसे महत्वपूर्ण खाने-पीने की चीजों में माना जाता है और बच्चों को भी शुरू से बताया जाता है कि दिन भर में कम से कम दो ग्लास दूध जरूर पीना चाहिए।

लेकिन हाल फिलहाल के विचारों की बात करें तो दूध पीना जरूरी नहीं कि आज भी उतना ही लाभकारी हो।

जो लोग दूध पीने को सपोर्ट नहीं करते उनका मानना है कि ये एक अप्राकृतिक तरीका है जिसमें मवेशियों से गलत तरीके से दूध निकाला जाता है और दूध में कुछ भी पौष्टिक तत्व नहीं बच जाता है।

कृत्रिम रूप से उनके अंदर वीर्य डालना, कई बार गर्भ धारण करना, हॉर्मोनल छेड़छाड़ करना आम बात है और जाहिर है इसका असर दूध की पौष्टिकता पर भी पड़ता है। आज दुग्ध उत्पादन करने वाले इंडस्ट्री में नॉर्मल गाय के मुकाबले 6-7 गुणा अधिक दूध गाय देती है।

एक दिन में कितना दूध पीना फायदेमंद है?

एक स्टडी के अनुसार हर रोज 2 कप दूध पीना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है और बेबी के लिए सही भी है। इससे अधिक दूध पीना बच्चों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

स्वास्थ्य से जुड़े फायदे...

ये एक ऐसा बहस है जो चलता रहेगा, यहां हम आपको और बच्चों को दूध पीने से जुड़े कुछ और भी फायदे हैं।   

  • दूध में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाई जाती थी, ये हड्डी और दांतो के लिए भी अच्छा होता है।
  • दूध में पोटैशियम और अधिक मात्रा में होती है और कार्डियोवेस्कुलर बीमारी होने का खतरा नहीं होता है।
  • विटामिन डी से कैंसर होने का खतरा नहीं होता है।
  • सीरोटोनिन आपके मूड को अच्छा रखता है और नींद भी अच्छी आती है। इससे भूख भी लगती है।
  • दूध में अधिक मात्रा में प्रोटिन और अमीनो एसिड पाया जाता है जो मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

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Source: theindusparent

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