क्या Copper T ectopic गर्भवती कर सकता है ?

एक सामान्य गर्भावस्था में निषेचित अंडे गर्भाशय से खुद को जोड़ लेते हैं और विकसित होते हैं । विकास का ये दौर पुरे नौ महोनों तक चलता है । लेकिन कुछ मामलों में , अंडे गर्भाशय खुद को गर्भाशय के बाहर के अंगों के साथ जोड़ लेते हैं इसे अस्थानीय गर्भावस्था कहा जाता है ।

मेडिसिननेट के मुताबिक हर 50 में से 1 गर्भ अस्थानीय होता है और ज्यादा दिन नहीं टिकता । इससे माँ की जाना को भी खतरा होता है ।नवी मुंबई के फोर्टिस हॉस्पिटल में एक अनुभवी  स्त्री रुग विशेषज्ञ डॉ वंदना गावदी बताती हैं की  एक बार अंडा उपजाऊ हो जाए तो भ्रूण को बच्चेदानी तक पहुँचने के लिए 4 दिन लगते हैं । और अगर ऐसा नहीं हुआ तो ये कहीं भी जा सकते हैं ।

करीब 95 फीसदी अस्थानीय गर्भ फल्लोपियन ट्यूब में होते हैं । 0।2 फीसदी मामलों में ये ओवरी में हो सकते हैं , 0।3 फीसदी मामलों में ये पेट में हो सकते हैं और 0।1 फीसदी मामलों में गर्भाशय ग्रीवा में हो सकते हैं । कई विरल मामलों में ये फल्लोपियन ट्यूब के अंत में भी हो सकते हैं ।

अस्थानीय गर्भ की निशानियाँ

इस तरह के गर्भ की जानकारी गर्भ के आठवें हफ्ते में मिलती है । कुछ लक्षण इस प्रकार हैं ।

  • गर्भ की जांच के दौरान पीरियड का ना होना
  • पेट में जोरों का दर्द होना
  • कमजोरी और बेहोशी छाना
  • सोनोग्राम द्वारा गर्भ में कोई थैली का न दिखना । कई बार ये जांच छुट जाती है
  • फल्लोपियन ट्यूब का बड़ा हो जाना जिससे इसके फैट जाने की आशंका भी बढ़ जाती है । इस अवस्था में दर्द और खून का बहना बेहिसाब और जबरदस्त होता है ।

कुछ चीजें महिलओं को अस्थानीय गर्भ धारण करने में मदद करती हैं जिसमे से कुछ कारण हैं :

  • पूर्व अस्थानीय गर्भ
  • पूर्व शल्यक्रिया से प्रसव
  • कॉपर टी
  • पेट की सर्जरी

साधारणतः कोई भी स्तिथि जिसमे फल्लोपियन ट्यूब को नुकसान हो वो अस्थानीय गर्भ की स्थिति पैदा कर सकती है ।डॉ गावड़ी बताते हैं की “ जब ट्यूब को नुकसान होता है तो उसमे मौजूद अतिसूक्ष्म बाल आपस में जुड़ जाते हैं । ये भ्रूण के आवागमन को दर्शाता है और ट्यूब में ही इम्प्लांट शुरू हो जाता है ।” इसीलिए अगर आप गर्भावस्था में हैं तो तुरंत सोनोग्राफी करानी चाहिए ।

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अस्थानीय गर्भ का इलाज़

अगर ट्यूब के फटने से पहले पता लग जाए तो अस्थानीय गर्भ का इलाज़ कैंसर विरोधी दवा मेथोत्रेक्सेट दे के ठीक किया जा सकता है ।ऐसे मामलों में 6 महीने तक गर्भ धारण न करने की सलाह दी जाती है ।

डॉ गावड़ी बताते हैं की मेथोत्रेक्सेट द्वारा इलाज़ हर बार कामयाब नहीं होता है । इसलिए महिला को जांच और निगरानी में रखने के लिए अस्पताल में भर्ती  कर देना चाहिए । ऊपर बताये गए उपायों के फ़ैल होने पर लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की जा सकती है ।

अगर ट्यूब पहेल ही फट गया है तो जल्दी से सर्जरी करके फल्लोपियन ट्यूब को निकालना ही एकमात्र इलाज़ होता है । ट्यूब के फटने से बहुत सारा खून बह जाता है जिससे शरीर में अचानक से खून की कमी हो जाती है ।

एक अस्थानीय गर्भ के बाद दोबारा गर्भवती होना

अगर गर्भ के दौरान फल्लोपियन ट्यूब फटा नहीं है तो बहुत मुमकिन है की महिला के प्रजनन क्षमता पर कोई फर्क नहीं पडा हो । ये महिलाएं साधारण गर्भावस्था को ख़ुशी के साथ धारण कर सकती है और उसकी खुशियाँ मना सकती हैं । लेकिन अगर फल्लोपियन ट्यूब निकाल दिया गया है तो ऐसे में महिला की प्रजानना क्षमता 50 फीसदी कम हो जाती है । हालांकि दोनों ट्यूब निकाले जाने के बाद भी IVF तकनीक से गर्भवती हो सकती है ।

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