क्या आप सबसे बड़े हैं? खुश हो जाइए क्योंकि आप हैं अपने भाई बहनों में सबसे स्मार्ट

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रिर्सच के अनुसार जो बेबी सबसे पहले जन्म लेते हैं उनका परफॉर्मेंस भी बाकी भाई बहनों के मुकाबले ज्यादा अच्छा होता है।

सच बताऊं तो ये स्टडी मेरे लिए कुछ खास फायदे का नहीं है क्योंकि मैं अपने दो भाई बहनों में सबसे छोटी हूं। मुझे नहीं समझ आता कि कोई ऐसा निष्कर्ष कैसे निकाल सकता है। लेकिन सीरयसली बोलें तो इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जो घर का सबसे बड़ा बच्चा होता है वो सबसे ज्यादा स्मार्ट होता है।

रिर्सच के अनुसार जो बेबी सबसे पहले जन्म लेते हैं उनका परफॉर्मेंस भी बाकी भाई बहनों के मुकाबले ज्यादा अच्छा होता है।

इसमें कहा गया है कि बच्चे स्कूल में पहुंच जाते हैं तो भी ये अंतर रहता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जो सबसे बड़ा बच्चा होता है वो मां का दूध अधिक पीता है बजाय कि छोटे भाई बहनों से जिस वजह से बच्चों को मानसिक रुप से उन्हें ज्यादा स्थिरता और ताकत मिलती है।

इसके पीछे एक कारण और भी है कि पहली बार मां बनने के दौरान महिलाएं खुद का ज्यादा ख्याल रखती हैं क्योंकि खतरा भी अधिक होता है।

मुझे यहां लॉजिक दिखाई देता है कि जब आप पहली बार प्रेग्नेंट होती हैं तो ये आपका लिए बिल्कुल नया अनुभव होता है। एक अजीब सा एहसास जिसके साथ आप धीरे धीरे खुद को ढाल पाती है। आप अपना खुद का ख्याल रखती हैं और साथ ही छोटी सी छोटी बात पर ध्यान देती हैं। दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान आप आधे से ज्यादा समय बिना किसी बात के चिढ़ती हैं।
 
लेकिन अगर आप से अधिक बच्चों की मां हैं तो क्या आप सच में आराम करने का समय मिलता है? हम बस दो भाई बहन थे लेकिन मेरे मम्मी पापा को ऐसा लगता था कि जैसे घर नहीं कोई युद्ध का मैदान हो। हम दोनों भाई बहन में भयंकर लड़ाई हुआ करती थी। मेरा भाई मुझसे 7 साल बड़ा था फिर भी हम ऐसे थे। मैंने कम उम्र के अंतर वाले भाई बहनों को भी लड़ते देखा है।

तो आप कैसे इस भाई-बहनों की लड़ाई को हैंडल करती हैं। हम यहां उन पैरेंट्स के लिए कुछ टिप्स लेकर आए हैं जिने 2 या 2 अधिक बच्चे हैं।

  1. प्लानिंग: कोशिश कीजिए कि कम से कम बच्चों में 2 से 3 साल का अंतर हो। ये सिर्फ इसलिए ताकि जो भी बड़ा भाई बहन हो वो कम से कम चलना सीख जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो दोनों में प्यार कम झगड़े ज्यादा होंगे और छोटे बेबी के ज्यादा केयर करने की वजह से बड़ा हमेशा खुद को अलग थलग महसूस करेगा और यही होता भी है।
  2. कभी साइड ना लें : हमेशा सच्चाई का साथ दें। छोटे भाई या बहन की सिर्फ छोटे होने की वजह साइड लेने की गलती ना करें।
    हमेशा जो सही है उसका साथ दें और अपने बच्चों को समझाने की कोशिश करें कि कैसे और क्यों कौन सही है और कौन गलत।
  3. तुलना ना करें : मुझे नहीं लगता है कि आपको समझाने की जरुरत है क्यों दो बच्चों के बीच तुलना ना करें। किसी को खुद से किसी की तुलना हो ये बात हजम नहीं होती चाहे वो कोई बड़ा हो या बच्चा।
    हम पहले ही जानते हैं कि दो लोग एक जैसे नहीं होते हैं तो हमें कुछ भी दूसरे बच्चे का उदाहरण देकर समझाने की जरुरत नहीं है।
  4. खिलौने शेयर करने का दवाब ना डालें: भाई बहनों के उम्र में अंतर होने के बाद भी दोनों के लिए एक जैसे खिलौने लाएं। उन्हे कभी भी खिलौने शेयर करने का दवाब ना डालें। हमेशा प्रेशर सबसे बड़े बच्चे पर ही होता है और उम्मीद की जाती है कि वो अपने खिलौने छोटे भाई बहनों के साथ शेयर करेंगे।
    अगर आपके बच्चों को शेयरिंग पसंद है और अपनी इच्छा से करता है तो ये फिर अलग बात है।

सच्चाई तो यहीं है कि ये Sibling Rivalry हमेशा छोटी छोटी बातों को लेकर होती है जो हमेशा के लिए यादें देती हैं। लेकिन उस समय आप बस अपने बच्चों के लिए तीसरा अंपायर चाहती हैं ताकि खुद आप पतली गली से निकल सकें।

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Source: theindusparent