क्या आपके बच्चे को भी आ रहे हैं दांत..जानिए कैसे रखें उनका ख्याल..TIPS

हमारा यह आर्टिकल उन सभी मम्मी पापा के लिए है जिनके नन्हे से बच्चे के दांत निकल रहे हैं। आपको हम कुछ टिप्स दे रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने बच्चे के इस दर्द को कम कर सकेंगे..

अगर आप कुछ ही समय पहले मम्मी बनीं हैं और पहली बार मम्मी बनी हैं तो आपको बच्चों की देखभाल के बारे में काफी कुछ जानने की ज़रूरत होगी ही। अब आप दो से तीन हो चुके हैं और छोटी सी जान की ज़िम्मेदारी आप पर आ गई है।

हर मां अपने बच्चे का अच्छी तरह ख्याल रखती हैं इसमें कोई दो राय नहीं है। बच्चा जैसे जैसे बड़ा होता है तो इसी के साथ उसका शारीरिक विकास भी होता है। आमतौर पर 6 महीने से आठ महीने की उम्र के बीच बच्चे के दांत आने शुरू होते हैं। पहली बार आए दांत जिन्हें दूध के दांत भी कहा जाता है।

जिस दौरान बच्चे के दांत आते हैं तो उसे काफी सारी तकलीफें भी होती हैं। उसे काफी दर्द होता है, बेचैनी होती है। इस कारण आपका बच्चा बहुत रोता है और चिड़चिड़ा हो जाता है।

चूंकि आपका बच्चा छोटा है और बोल नहीं सकता तो एक माता पिता होने के नाते आपको उसका दर्द समझना पड़ेगा और ध्यान देना पड़ेगा कि कब आपका बच्चा दांत निकलने के दर्द से तड़प रहा है।

तो आज हमारा यह आर्टिकल उन सभी मम्मी पापा के लिए है जिनके नन्हे से बच्चे के दांत निकल रहे हैं। आपको हम कुछ टिप्स दे रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने बच्चे के इस दर्द को कम कर सकेंगे..

1. मसूड़ों पर उंगली फेरें

आपका बच्चा दांत निकलने के दर्द से परेशान है और उसके मसूड़ों में इस कारण काफी कुलकुलाहट होती होगी। ऐसे में आप अपने बच्चे के मसूड़ों पर उंगलियां फेरें। इसी के साथ बच्चे के मसूड़ों पर हल्का हल्का दबाव डालें। ऐसा करने से बच्चे को दर्द से थोड़ी राहत मिलेगी और मसूड़ों पर होने वाली कुलकुलाहट भी दूर होगी। लेकिन ध्यान रखें कि आप अपने हाथों को अच्छे से साफ किए हुए हों।

2. चहरे और जबड़े के हिस्से पर मालिश

वहीं इसके अलावा आप बच्चे के चहरे और जबड़े के हिस्से पर सर्कुलर मोशन में हल्की हल्की मालिश करें। इससे बच्चे को काफी राहत महसूस होगी।

3. गाजर और चुकंदर का रस

बच्चे के जब दांत निकलते हैं तो उसके मसूड़े सूज जाते हैं और गाजर और चुकंदर के रस सूजन कम करने के साथ साथ मसूड़े की जलन और दर्द में भी काफी राहत पहुंचाता है। इसके लिए आप एक कप गाजर का रस और एक कप चुकंदर का रस मिलाकर फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें। जब रस ठंडा हो जाए तो थोड़ा थोड़ा बच्चे को पिलाएं। रस की ठंडक और मिठास आपके बच्चे का रोना और चिड़चिड़ापन शांत करेगा।

4. पैर की मालिश

जी हां..बच्चे के पैरों की मालिश करने से भी आपके बच्चे का चिड़चिड़ापन दूर करेगा। पैरों की मालिश करने से उसको आराम मिलेगा और शांति मिलेगी, जिससे उसे नींद अच्छी आएगी। इसके लिए आप बच्चे के पैर (खासतौर पर तलवे) पर हल्का गरम तेल मलकर उसकी अंगूठे से मालिश करें। इससे आपके बच्चे को काफी शांति मिलेगी।

5. बच्चे को गाजर दें

आपके बच्चे ने अगर सॉलिड फूड खाना शुरू कर दिया है तो आप उसे गाजर का टुकड़ा छीलकर उसे चूसने के लिए दे सकते हैं। इससे उसके मसूड़ों में होने वाली कुलकुलाहट से काफी आराम मिलेगा।

6. तुलसी और शहद

आप चाहती हैं कि बच्चे के दांत बिना तकलीफ के निकले तो इसके लिए आप तुलसी और शहद का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए आप तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिलाएं और बच्चे के मसूढ़ों पर लगाया करें, इससे दांत निकलने में बच्चे को कम तकलीफ होगी।