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क्या आपका बच्चा स्कूल बस से जाता है? जानिए कैसे रखें उनकी सुरक्षा का ख्याल

पूर्वी दिल्ली में बच्चा स्कूल जाने के लिए वैन में बैठने में जा ही रहा था कि इस घटना को अंजाम दिया गया। इस दौरान यहां लगभग 14 बच्चे थे जो स्कूल वैन का इंतजार कर रहे थे

स्कूल बस में बच्चों को सुरक्षित रखना इस साल गणतंत्र दिवस पर एक नया विषय बन गया जब हथियारों से लैस बाइकर्स ने दिनदहाड़े पांच साल के एक बच्चे का स्कूल वैन से अपहरण कर लिया।

गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले 5 साल का एक बच्चा अपने स्कूल बस पर चढ़ने ही वाला था कि उसका अपहरण कर लिया गया। फ्रेश रिपोर्ट के अनुसार बच्चे को पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को चंगुल से छुड़ा लिया है। शूटआउट में एक अपहरणकर्ता की मौत भी हो गई।

इस घटना के बाद भारत के ज्यादा से ज्यादा पैरेंट्स स्कूल बसों में अपने बच्चों की सुरक्षा के बारे मे सोच रहे हैं।

पांच साल के बच्चे के साथ क्या हुआ

school bus safety

गणतंत्र दिवस के मौके पर स्कूल बस में बच्चों की सुरक्षा बहस का मुद्दा बन गया जब पांच साल के एक बच्चे को दिनदहाड़े हथियारों से लैस बाइकर्स ने किडनैप कर लिया। हम आपको साथ ही ये भी बता दें कि गणतंत्र दिवस और ASEAN Summit की वजह से शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे।

हालांकि इतने कड़ी सुरक्षा के बीच भी अपहरणकर्ता बच्चे का अपहरण करने में कामयाब रहे।पूर्वी दिल्ली में बच्चा स्कूल जाने के लिए वैन में बैठने में जा ही रहा था कि इस घटना को अंजाम दिया गया। इस दौरान यहां लगभग 14 बच्चे थे जो स्कूल वैन का इंतजार कर रहे थे और हथियारों से लैस बदमाशों ने वैन को रोका। उनका चेहरा हेलमेट से ढका हुआ था, और ड्राइवर के सिर पर बंदूर रख कर उन्होंने पहले चीखने चिल्लाने पर शूट करने की धमकी दी और बच्चे को किडनैप किया।

कहने की जरुरत नहीं है कि इस घटना से पूरा क्षेत्र दहल गया। पैरेंट्स भी शॉक्ड हो गए। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने परिवार वालों को कॉल कर 50 लाख फिरौती की भी मांग की।

पुलिस ने हालांकि नर्सरी के इस बच्चे को बरामद कर लिया।अपरहरणकर्ता शाहिबाबाद क्षेत्र से से थे। सबसे मुख्य आरोपी को शूटआउट में गोली लग चुकी थी और बाकी दो घायल हैं।

क्या आपका बच्चा भी स्कूल बस से जाता है?

अपहरण और सुरक्षा कारणों की वजह से स्कूल बस सुरक्षा वाकई पैरेंट्स की चिंता का मुख्य कारण बन बई है। हालांकि कई पैरेंट्स के पास खासकर मेट्रो सिटी में बच्चों को स्कूल बस में भेजने के अलावा कोई और विकल्प नहीं रह जाता है।

लेकिन कई और भी रास्ते हैं जिन्हें अपनाकर आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि बच्चे स्कूल बस में सुरक्षित रहें।

1.स्कूल में पूरी जांच करें: हालांकि आपके बच्चे के स्कूल के द्वारा सारी जांच की जाएगी लेकिन आप भी दुबारा जांच करने में नहीं हिचकिचाएं। ड्राइवर से लेकर बस कंडक्टर की पहचान पत्र की जांच करें और ड्राइवर के पास लाइसेंस है या नहीं ये भी सुनिश्चित कर लें। स्कूल से सभी दस्तावेज जांच करने के लिए मांगे।

school bus

 

 

2.एक रूटीन बनाएं: अगर आप अपने बच्चे को खुद बस स्टॉप से लाने और पहुंचाने जाते हैं तो इस बात को सुनिश्चित कर लें कि आप एक रूट बनाए रखें । इससे बच्चे को भी पता रहेगा कि कहां से आप उन्हें रोज लेंगे और किसी और के साथ जाना अच्छा नहीं है।

3. ड्राइवर के पहचान पत्र को जांचे: बतौर पैरेंट् आपको पूरा अधिकार है कि आप ड्राइवर के पहचान पत्र की जांच करें और ड्राइवर के लाइसेंस को भी क्रॉस चेक करें।अगर वो जांच में आपकी मदद ना करे तो स्कूल को इस बात की जानकारी दें।  

 

 

 साथ ही आपको ड्राइवर और केयरटेकर पर ध्यान देना चाहिए। सुनिश्चित कर लें कि आप उनके साथ अधिक दोस्ती ना बनाए रखें। आपके बच्चे को पता होना चाहिए कि आप उन्हें रोज देखते हैं लेकिन उनके लिए वो अजनबी हैं।

4. सावधानी बरतें लेकिन हड़बड़ाएं नहीं: ऐसी सलाह दी जाती है कि सावधानी बरतें लेकिन हर पल हड़बड़ाएं नहीं। इससे आपका बच्चा डर जाएगा। आपको बच्चों को यह एहसास दिलाना चाहिए कि स्कूल बस से स्कूल जाना एक साधारण सी बात है और इसमें चिंता करने जैसा कुछ नहीं है।

5. CCTV फूटेज की मांग: आजकल सभी स्कूल बस में सीसीटीवी कैमरा लगे हुए होते हैं। अगर जरुरत पड़े तो स्कूल प्रशासन से फुटेज की मांग कें। कभी कभी अचानक बस की जांच भी करें। ये भी सुनिश्चित कर लें कि इसमें सभी जरुरी उपकरण जैसे सीसीटीवी फुटेज, फायर एक्सटिंग्वसर, फर्स्ट एड बॉक्स आदि मौजूद हों।

6. बच्चों से पूछेंबच्चों से बस में होने वाली एक्टिविटी के बारे में पूछें। इससे आपको बच्चों को डरने या कोई परेशान करता है तो जानने में मदद मिलेगी। अगर कुछ गलत लगे तो स्कूल प्रशासन को सूचना दें।