कुछ ऐसी है सेलिब्रिटी डैड विवेक ओबरॉय की जिंदगी..देखें एक झलक

जानिए क्यों साथिया एक्टर विवेक ओबरॉय अपने बच्चों को लाइमलाइट में नहीं रखना चाहते हैं!

अपने डेब्यू फिल्म के बाद चॉकलेटी लुक्स के कारण वो लोगों की पहली पसंद बन गए। यहां हम बात विवेक ओबरॉय की कर रहे हैं जो कंपनि फिल्म से रातों रात स्टार बन गए थे।

विवेक ओबरॉय के रील लाइफ के बारे में सभी जानते हैं लेकिन उनकी रियल लाइफ के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। विवेक दो बच्चों विवान और अमेया के पिता भी हैं। उन्होंने प्रियंका अल्वा ओबरॉय से 6 साल पहले शादी की थी। वो अपने बच्चों को लाइमलाइट से दूर रखना पसंद करते हैं और कोशिश करते हैं कि विवेक ओबरॉय के बच्चे होने के कारण वो कभी सुर्खियों में ना आएं।

विवेक ओबरॉय हालांकि कभी एयरपोर्ट पर या गणेश चतुर्थी के दौरान अपने पूरे परिवार के साथ नजर आते हैं। उनकी कुछ तस्वीरों को देखकर आप भी समझेंगे कि वो असल में कितने अच्छे पिता हैं।

सारा बॉलीवुड जानता है कि विवेक ओबरॉय प्राइवेसी पसंद करते हैं। उन्होंने Daily Bhaskar को दिए इंटरव्यू में कहा था कि “हम निजता पसंद करते हैं। जब मैं खुद भी बच्चा था मुझे लाइमलाइट में बिल्कुल भी नहीं रखा गया था। मैं अपने बच्चों को भी वैसे ही बड़ा करना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि वो नॉर्मल तरीके से बड़े हों और साधारण लोग उसके दोस्त हों जिन्हें वो असल में पसंद करे ना कि उनके पैसे या स्टेट्स के कारण दोस्त बनें।“

विवेक ओबरॉय अपने बच्चों को साथ समय बिताना पसंद करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि वो बच्चों को रोज क्वालिटी समय दे सकें।

विवेक ओबरॉय कहते हैं कि उनके बच्चों ने उन्हें पापा होना सिखाया है और अब वो जल्दी काम खत्म कर घर जाना चाहते हैं।

एक इंटरव्यू में विवेक ओबरॉय ने कहा था कि मुझे पिता होने का मतलब समझ आया है। मैं अब जल्दी पैकअप करके घर जाना चाहता हूं। मैं अपनी घड़ी देखता रहता हूं क्योंकि मुझे घर जाने की जल्दी होती है। मैं अपने बच्चों के साथ हर रोज समय बिताता हूं। उन्हें डिनर खुद खिलाता हूं, साथ खेलता हूं, उन्हें नहाता हूं और रात में कहानियां भी सुनाता हूं। उनका पसंदीदा कैरेक्टर बनता हूं और फिर वो सोते हैं। मेरे लिए ये 2 घंटे सबसे कीमती होते हैं। ये मेरा तनाव कम करता है और मुझे एहसास होता है कि जिंदगी कितनी खूबसूरत है।

विवेक ओबरॉय मानते हैं कि बच्चों को काफी संवेदनशीलता, प्यार और केयर के साथ हैंडल करना पड़ता है।

जब विवेक ओबरॉय एक डांस रियेलिटी शो के जज थे तो उन्होंने कहा था कि मैं बिल्कुल सकारात्मक रूप से उन्हें उनकी गलती का एहसास दिलाता हूं या उनकी आलोचना करता हूं ताकि उनका कॉन्फिडेंस ना कम हो।

विवेक ओबरॉय अपने बेटे को खुद की फिल्में नहीं देखने देते क्योंकि उन्हें लगता है कि इसका बेटे पर असर पड़ सकता है। उन्होंने पिछले महीने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो अभी काफी छोटा है और जब मुझे रोते, किसी से पिटाई खाते देखता है तो रोता है। उसे लगता है कि उसके डैडा सुपरहीरो हैं। अगर मेरी मॉम मुझे कुछ कहती हैं तो वो अपनी दादी को बोलता है को डैडा को ऐसे मत बोलो। उसे विश्वास है कि मैं कुछ गलत नहीं कर सकता।