करवा चौथ पर सास देती है बहू को सरगी...लेकिन क्यों..जानिए असल कारण

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सरगी सुबह होने के ठीक पहले का खाना होता है जो हर सास अपनी बहू के लिए करवा चौथ पर बनाती है।

अगर आपको भी फिल्में देखना पसंद है तो कभी खुशी कभी गम का वो सीन जरूर याद होगा जिसमें ऋतिक रोशन अपनी मां (जया बच्चन) को सरगी के बारे में काजोल को समझाने को कहते हैं।

जया बच्चन बोलती हैं कि सरगी वो है जो एक सास अपनी बहू को करवा चौथ पर देती है, काजू-बादाम, मीठी मट्ठी, सुहाग की निशानियां और ढेर सारा प्यार।

दूसरे शब्दों में कहें तो करवा चौथ और सरगी एक दूसरे के पूरक हैं।

करवा चौथ का त्योहार

हिंदुओं में शादीशुदा महिलाओं के लिए करवा चौथ का त्योहार काफी मायने रखता है। आज के आधुनिक समय में कई पति भी अपनी पत्नियों के लिए उपवास रखते हैं। असल में इसकी शुरूआत महारानी वीरवती से हुई जो अपने पति की लंबी उम्र के लिए उपवास रखती थीं।

कहानियों के अनसार रानी वीरवती अपने सात भाइयों की प्यारी बहन थी। अपने पति की लंबी उम्र के लिए वीरवती ने कठिन उपवास रखा लेकिन इस वजह से उनका स्वास्थ्य खराब होता चला गया। एक दिन बिना खाना और पानी के  रहने के बाद भाइयों ने पीपल के पेड़ पर आइना लटका दिया और उसे चांद समझकर वीरवती ने उपवास तोड़ा था।

src=http://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2016/10/Karva2.jpg करवा चौथ पर सास देती है बहू को सरगी...लेकिन क्यों..जानिए असल कारण

लेकिन जैसे ही उन्होंने अपने भोजन का पहला निवाला लिया, उन्हें खबर मिली कि उनके पति की मृत्यु हो गई है।अपने पति की मृत्यु  के बाद उन्होंने भगवान से उन्हें बिना चांद को देखे खा लेने की वजह से क्षमा मांगी (जो उपवास करने के दौरान जरुरी था)।

उस समय भगवान प्रकट हुए वीरवती को उपवास रखने और चांद को देखकर व्रत तोड़ने को कहा। वीरवती के ऐसा करने के बाद उनके पति वापस आ गए।

यह कहानी और त्योहार पत्नी का पति के प्रति प्रेम का प्रतीक है, लेकिन इसके साथ ही एक और रिश्ता इस त्योहार के साथ मनाया जाता है वो है सास और बहू के बीच का रिश्ता।

और इस रिश्ते में सरगी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

करवा चौथ मे सरगी का महत्व

जैसा कि जया बच्चन फिल्म में बताती हैं कि सरगी वो है जो हर सास सुबह होने से पहले अपनी बहू के लिए करवा चौथ के दिन बनाती है। ये एक पंजाबी नाम है जो खीर को दिया गया है और बहू को मठरी, बादाम-काजू और मिठाई के साथ दिया जाता है।

इसके साथ ही बहू को साड़ी, जेवर, सिंदूर, कंगन और बिंदी उपहारस्वरुप मिलते हैं जो सुहागन महिलाएं पहनती हैं।

सरगी के साथ बाया की रश्म भी होती है जो बहू अपनी सास को देती है। दोनों ही असल में उतना ही महत्वपूर्ण है और इसका कारण यह है कि इससे दोनों महिलाएं एक दूसरे के पास आती हैं। 

src=http://www.theindusparent.com/wp content/uploads/2016/10/Karva1.jpg करवा चौथ पर सास देती है बहू को सरगी...लेकिन क्यों..जानिए असल कारण

करवा चौथ के गाने

चूंकि इस त्योहार  का आधार रानी वीरवती हैं इसलिए इस पंजाबी गाने को शाम में उपवास तोड़ने से पहले गाया जाता है। इस गाने में उन सभी 6 चीजों के बारे में बताया गया है जो उन्हें त्योहार के दौरान नहीं करना चाहिए।

वीरो कुड़िये करवडा

सर्व सुहागन करवडा

ए कट्टी नया अटेरी ना

खुंभ चरखा फेरी ना

आर पैर पायी ना

रुठा मानिएं ना,

वीरो कुड़िये करवडा

ए कट्टी नया अटेरी ना,

खुंभ चरखा फेरी ना,

गवान्ड पैर पाई ना,

रुठडा मानिएं ना,

सुतडा जगाएं ना

वे वीरो कुड़िये  करवडा,

सुतडा जगाएं ना,

वे वीरो कुडिये करवडा

वे सर्व सुहागन करवडा      

सातवें पाराग्राफ में बताया गया है कि वो क्या कर सकती हैं

वीरो कुड़िये कारवडा

सर्व सुहागन करवडा

ए कट्टी नया अटेरी नी,

खुंभ चरखा फेरी भी,

आ पैर पाएं भी,

रूठा मनाएं भी

सुथडा जगाएं भी

वे वीरो कुड़िये करवडा

वे सर्व सुहागन करवडा

हमारी तरफ से आपको भी करवा चौथ की ढेरों शुभकामनाएं। आपके जीवन में यह त्योहार ढेरों खुशियां लेकर आए।